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बदलता मौसम कर रहा स्वास्थ्य प्रभावित
Updated Mon, 11 Jun 2018 10:45 PM IST
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Medicine
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कासगंज।
मौसम का बदलता मिजाज लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। इससे खसरा, वायरल फीवर, डायरिया आदि के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन चिकित्सालयों पर मरीजों को चिकित्सकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम के इस मिजाज का सबसे अधिक असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। खासकर बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे है। हर्षिता (एक) पुत्री पुष्कर शर्मा खसरे से पीड़ित हो गई। डायरिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। लोगों में सर्दी, बुखार की शिकायत भी सामने आ रही है। जिला अस्पताल पर मरीजों की लंबी कतार देखी गई। इस चिकित्सालय पर 600 नए मरीज अपना इलाज कराने के लिए पहुंचे।
इसमें काफी संख्या में मरीज वायरल फीवर, डायरिया आदि से पीड़ित रहे। इस चिकित्सालय पर चिकित्सकों का काफी टोटा है। 34 में से मात्र 8 चिकित्सक ही यहां पर तैनात थे, जिसमें 2 का स्थानांतरण हो गया। अब मात्र 6 चिकित्सक ही यहां पर तैनात रह गए हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें इजाल कराने में भी दिक्कतें हुई। चिकित्सकों के पास लंबी कतार लगी रही। दवा घर का भी यही हाल नजर आया। पर्चा बनबाते समय भी लोगों को लंबी लाइन से होकर गुजरना पड़ा। जनपद के पांच सामुदायिक, दो प्राथमिक एव 29 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति भी काफी खराब है। इन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 93 पद सृजित हैं, लेकिन 22 चिकित्सकों के सहारे ही चिकित्सा व्यवस्था चल रही है। जबकि इन सभी केंद्रों पर प्रतिदिन 2000 तक मरीज इलाज को पहुंच रहे है। इनमें भी संक्रामक रोग से पीड़ितों की संख्या काफी रही। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तो फार्मेसिस्ट के सहारे ही मरीजों का इलाज होता है।
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जनपद में सभी दवाएं उपलब्ध हैं। किसी भी मरीज को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जा रही। डा. अविनाश डिप्टी सीएमओ
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मौसम का बदलता मिजाज लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। इससे खसरा, वायरल फीवर, डायरिया आदि के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन चिकित्सालयों पर मरीजों को चिकित्सकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम के इस मिजाज का सबसे अधिक असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। खासकर बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे है। हर्षिता (एक) पुत्री पुष्कर शर्मा खसरे से पीड़ित हो गई। डायरिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। लोगों में सर्दी, बुखार की शिकायत भी सामने आ रही है। जिला अस्पताल पर मरीजों की लंबी कतार देखी गई। इस चिकित्सालय पर 600 नए मरीज अपना इलाज कराने के लिए पहुंचे।
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इसमें काफी संख्या में मरीज वायरल फीवर, डायरिया आदि से पीड़ित रहे। इस चिकित्सालय पर चिकित्सकों का काफी टोटा है। 34 में से मात्र 8 चिकित्सक ही यहां पर तैनात थे, जिसमें 2 का स्थानांतरण हो गया। अब मात्र 6 चिकित्सक ही यहां पर तैनात रह गए हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें इजाल कराने में भी दिक्कतें हुई। चिकित्सकों के पास लंबी कतार लगी रही। दवा घर का भी यही हाल नजर आया। पर्चा बनबाते समय भी लोगों को लंबी लाइन से होकर गुजरना पड़ा। जनपद के पांच सामुदायिक, दो प्राथमिक एव 29 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति भी काफी खराब है। इन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 93 पद सृजित हैं, लेकिन 22 चिकित्सकों के सहारे ही चिकित्सा व्यवस्था चल रही है। जबकि इन सभी केंद्रों पर प्रतिदिन 2000 तक मरीज इलाज को पहुंच रहे है। इनमें भी संक्रामक रोग से पीड़ितों की संख्या काफी रही। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तो फार्मेसिस्ट के सहारे ही मरीजों का इलाज होता है।
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जनपद में सभी दवाएं उपलब्ध हैं। किसी भी मरीज को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जा रही। डा. अविनाश डिप्टी सीएमओ