फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   जहरीली शराब : धधक रही भट्ठियां, बांटी जा रही मौत

जहरीली शराब : धधक रही भट्ठियां, बांटी जा रही मौत

Mon, 21 May 2018 11:12 PM IST
Updated Mon, 21 May 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
जहरीली शराब : धधक रही भट्ठियां, बांटी जा रही मौत
sharab - फोटो : vishnu sharma
एटा। आए दिन कार्रवाईयां होती हैं, आए दिन भट्ठियां नष्ट होती हैं और आए दिन शराब नालियों में बहती है, लेकिन फिर भी मौत का खेल नहीं थम रहा। जी हां सारी कार्रवाईयां और खुलासे महज दिखावा हैं। जिले में कच्ची शराब का कारोबार चरम पर है, मगर पुलिस इन पर अंकुश लगाने में नाकाम है। इसलिए जरूरी है कि अब जिम्मेदारों को कानपुर की घटना से सबक लेना चाहिए, जहां जहरीली शराब से आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

दो साल पहले अलीगंज में हुई 33 मौतों के बाद घटना को लेकर तमाम दावे और वादे हुए। मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई गई, लेकिन आज तक कुछ नहीं हो सका। समय बदला और सत्ता बदली तो सब कुछ दफन हो गया। एक बार फिर से जिले में मौत का खेल शुरू हो गया है। खुलेआम शराब बनाने और बेचने का धंधा चरम पर है, लेकिन पुलिसिया कार्रवाई जीरो है। वहीं अलीगंज के पीड़ित परिवार आज भी इंसाफ को तरस रहे हैं।
विज्ञापन

केस नंबर एक
अलीगंज निवासी रमेश पुत्र पुत्तूलाल की जहरीली शराब ने जान ले ली। न्याय दिलाने के बड़े-बड़े दावे हुए, लेकिन आज तक कुछ नहीं हो सका।
केस नंबर दो
मई 2017 में मेरापुर में एक युवक की जहरीली शराब पीने से मौत हुई। बताया गया कि अलीगंज में शराब पीने के दौरान युवक ने दम तोड़ा। युवक के परिजन आज तक भटक रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाहरी जनपदों में भी होती है सप्लाई
अलीगंज से इसकी सप्लाई फर्रुखाबाद, मैनपुरी, बदायूं, इटावा, कन्नौज, कासगंज आदि जनपदों में की जाती है। शराब माफिया दो सौ व ढाई सौ ग्राम के पाउच बनाकर बोरियों में भरकर अन्य स्थानों पर आपूर्ति करते हैं।
खाकी निभा रही मुखबिर की भूमिका
कच्ची शराब माफियाओं के लिए खाकी ही मुखबिर की भूमिका निभाती है। हर बार कार्रवाई के बाद भी वह बच निकलते हैं, इसका मुख्य कारण लोग पुलिस विभाग में तैनात पुलिसकर्मियों को ही मानते हैं।
बहाल हो गए निलंबित कर्मचारी
अलीगंज में हुए जहरीली शराब कांड के बाद जिला आबकारी अधिकारी, सीओ, एसओ और आबकारी निरीक्षक समेत 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। मगर वक्त बढ़ने के साथ-साथ सारे निलंबित अधिकारी कर्मचारी बहाल कर दिए गए।


हम लोगों की लगातार छापामार कार्रवाई चलती रहती है। साल भर में दर्जनों भट्टियां तोड़ी गई है। अलीगंज में काफी कम हुआ है। इन लोगों का यह पुस्तैनी काम है। कम कर देते हैं, मगर पूरी तरह से छोड़ने को तैयार नहीं है। मगर अब जिले में अधिकांश स्थानों पर कच्ची शराब का काम बंद है।
आनंद प्रकाश, जिला आबकारी अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed