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टैट प्रमाणपत्र भी निकले फर्जी, संख्या 35 पर पहुंची
Updated Fri, 18 May 2018 08:16 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में अब बीटीसी प्रमाण पत्रों के बाद टैट प्रमाण पत्र भी फर्जी पाए गए हैं। ऐसे शिक्षकों की संख्या जनपद में अब 35 हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए डायट प्राचार्य ने सचिव बेसिक शिक्षा को रिपोर्ट भेजते हुए उच्च स्तरीय जांच की संस्तुति की है।
जनपद के परिषदीय विद्यालयों में 216 सहायक अध्यापकों की भर्ती में नए-नए फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। जांच के दौरान गत दिवस तक जहां 33 शिक्षकों के बीटीसी प्रमाण पत्रों को बदलने का मामला सामने आया था। इसके बाद शुक्रवार को इलाहाबाद से कराई गई जांच में इनके टैट प्रमाण पत्र भी फर्जी पाए गए हैं।
इसमें दो शिक्षकों के नाम और जुड़ गए हैं। इस तरह जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या अब 35 हो गई है। हालांकि अभी जनपद में नियुक्त हुए सभी शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटर और स्नातक कक्षाओं के प्रमाण पत्रों की जांच होना बाकी है। इसमें फर्जी शिक्षकों की संख्या और बढ़ सकती है।
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डायट प्राचार्य ने इस प्रारंभिक जांच के बाद सचिव बेसिक शिक्षा और निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इसमेें अब तक की स्थिति से अवगत कराते हुए अभी और बड़े फर्जीवाड़े के संकेत दिए हैं।
इसके लिए डायट प्राचार्य ने उच्चाधिकारियों से उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की संस्तुति की है। उच्च स्तरीय जांच होने पर इस फर्जीवाड़े में कई नप जाएंगे, इसमें अफसर भी शामिल होंगे, जो फिलहाल पूरे मामले को रफा-दफा करने में जुटे हुए हैं।
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जनपद के परिषदीय विद्यालयों में 216 सहायक अध्यापकों की भर्ती में नए-नए फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। जांच के दौरान गत दिवस तक जहां 33 शिक्षकों के बीटीसी प्रमाण पत्रों को बदलने का मामला सामने आया था। इसके बाद शुक्रवार को इलाहाबाद से कराई गई जांच में इनके टैट प्रमाण पत्र भी फर्जी पाए गए हैं।
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इसमें दो शिक्षकों के नाम और जुड़ गए हैं। इस तरह जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या अब 35 हो गई है। हालांकि अभी जनपद में नियुक्त हुए सभी शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटर और स्नातक कक्षाओं के प्रमाण पत्रों की जांच होना बाकी है। इसमें फर्जी शिक्षकों की संख्या और बढ़ सकती है।
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डायट प्राचार्य ने इस प्रारंभिक जांच के बाद सचिव बेसिक शिक्षा और निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इसमेें अब तक की स्थिति से अवगत कराते हुए अभी और बड़े फर्जीवाड़े के संकेत दिए हैं।
इसके लिए डायट प्राचार्य ने उच्चाधिकारियों से उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की संस्तुति की है। उच्च स्तरीय जांच होने पर इस फर्जीवाड़े में कई नप जाएंगे, इसमें अफसर भी शामिल होंगे, जो फिलहाल पूरे मामले को रफा-दफा करने में जुटे हुए हैं।