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मानकों में झोल, पहली बारिश में ही खुली पोल
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:52 AM IST
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आगरा। मानसून की पहली बारिश के बाद ही योगी सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की पोल खुल गई है। अव्वल तो कई विभाग मिलकर शहर की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर ही नहीं पाए, जो गड्ढे भरे भी गए उनमें से अधिकांश बारिश की पहली मार नहीं झेल पाए। तमाम सड़कों पर डाली गई काली गिट्टी उखड़ गई है। कई जगह तो गड्ढे पहले से और ज्यादा गहरे गए हैं। कुछ जगहों पर सड़क धंस गई है। कुल मिलाकर बारिश में शहर की सड़कों पर चलना सुरक्षित नहीं रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश को कुछ विभागों ने तो हवा में उड़ा दिया। कुछ विभागों ने गड्ढे भरने की शुरुआत ही काफी देर से की। ऐसे में यह अभियान उद्देश्यपूर्ति नहीं कर पाया। 15 जून तक बमुश्किल 70 फीसदी की लक्ष्य पूरा हो पाया। सबसे अधिक सड़कें लोक निर्माण विभाग को जिम्मे थीं। आगरा मंडल में 5978.53 किमी लंबी सड़कें गड्ढा मुक्त करने के लिए चिह्नित की गई थीं। इसमें से 5039.42 किमी सड़क पीडब्ल्यूडी को गड्ढा मुक्त करनी थीं। मंडी परिषद को 278 किमी, नगर निगम/निकाय को 204 किमी, सिंचाई विभाग को 182 किमी, विकास प्राधिकरण को 6.21 किमी सड़कें गड्ढा मुक्त करनी थी। मगर, इनमें से कोई विभाग अपना शत प्रतिशत परिणाम नहीं दे पाया। कुछ कार्य हुआ भी तो खानापूर्ति की गई। सरकार को खुश करने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। आनन-फानन में कई सड़कों के गड्ढे तो मिट्टी डालकर ही ढकने के प्रयास किए गए। वहीं, अभियान के दौरान तमाम स्थानों पर मानकों के अनुरूप निर्माण सामग्री प्रयोग नहीं की गई।
प्रमुख सड़कों का हाल
. खंदारी से गुरुद्वारा की ओर की सर्विस रोड मरम्मत के बाद हुई जर्जर। काली गिट्टी उखड़ी। चलना हुआ दूरभर।
. प्रतापनगर की सड़क फिर से हुई क्षतिग्रस्त। लगभग 20 मीटर सड़क का बुरा हाल। रांग साइड चलने पर मजबूर राहगीर।
. कोठी मीना बाजार मैदान के पास सड़क ही धंस गई। निगाह हटने पर हो सकता है बड़ा हादसा। कोई बेरिकेडिंग तक नहीं।
. विजय नगर जैसे पॉश क्षेत्र में भी सड़कों की स्थिति हुई खस्ताहाल। मानकों के अनुरूप कार्य न होने से उखड़ी गिट्टी।
. बोदला-रामनगर की पुलिया रोड पर किए गए कार्य की पहली ही बारिश में खुली पोल। जलभराव से टूट गई सड़क।
. मानस नगर में सड़क में और गहरे हुए गड्ढे। पिछले दिनों हुआ था मरम्मत कार्य। कुछ ही दिनों में खुली योगी सरकार के अभियान की पोल।
. गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने आरओबी किनारे का लगभग छह फुट गहरा गड्ढा अब तक नहीं भरा गया है। बारिश में यह और चौड़ा हो गया है।
स्ट्रीट लाइट खराब
बारिश के दिनों में शहर की सड़कें जानलेवा हो सकती है। गहरे-गहरे गड्ढे किसी भी दिन हादसे का सबब बन सकते हैं। जलभराव में एक भी गड्ढा दिखाई नहीं देता। बहुत से क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं। ऐसे में रात के समय बारिश के दिनों में शहर की सड़कों से गुजरना खतरनाक साबित हो सकता है। किसी भी दिन कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
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गड्ढामुक्त अभियान के तहत किए गए कुछ कार्यों की शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। सड़क मरम्मत के कार्य जारी रहेंगे।
प्रभाकर शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश को कुछ विभागों ने तो हवा में उड़ा दिया। कुछ विभागों ने गड्ढे भरने की शुरुआत ही काफी देर से की। ऐसे में यह अभियान उद्देश्यपूर्ति नहीं कर पाया। 15 जून तक बमुश्किल 70 फीसदी की लक्ष्य पूरा हो पाया। सबसे अधिक सड़कें लोक निर्माण विभाग को जिम्मे थीं। आगरा मंडल में 5978.53 किमी लंबी सड़कें गड्ढा मुक्त करने के लिए चिह्नित की गई थीं। इसमें से 5039.42 किमी सड़क पीडब्ल्यूडी को गड्ढा मुक्त करनी थीं। मंडी परिषद को 278 किमी, नगर निगम/निकाय को 204 किमी, सिंचाई विभाग को 182 किमी, विकास प्राधिकरण को 6.21 किमी सड़कें गड्ढा मुक्त करनी थी। मगर, इनमें से कोई विभाग अपना शत प्रतिशत परिणाम नहीं दे पाया। कुछ कार्य हुआ भी तो खानापूर्ति की गई। सरकार को खुश करने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। आनन-फानन में कई सड़कों के गड्ढे तो मिट्टी डालकर ही ढकने के प्रयास किए गए। वहीं, अभियान के दौरान तमाम स्थानों पर मानकों के अनुरूप निर्माण सामग्री प्रयोग नहीं की गई।
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प्रमुख सड़कों का हाल
. खंदारी से गुरुद्वारा की ओर की सर्विस रोड मरम्मत के बाद हुई जर्जर। काली गिट्टी उखड़ी। चलना हुआ दूरभर।
. प्रतापनगर की सड़क फिर से हुई क्षतिग्रस्त। लगभग 20 मीटर सड़क का बुरा हाल। रांग साइड चलने पर मजबूर राहगीर।
. कोठी मीना बाजार मैदान के पास सड़क ही धंस गई। निगाह हटने पर हो सकता है बड़ा हादसा। कोई बेरिकेडिंग तक नहीं।
. विजय नगर जैसे पॉश क्षेत्र में भी सड़कों की स्थिति हुई खस्ताहाल। मानकों के अनुरूप कार्य न होने से उखड़ी गिट्टी।
. बोदला-रामनगर की पुलिया रोड पर किए गए कार्य की पहली ही बारिश में खुली पोल। जलभराव से टूट गई सड़क।
. मानस नगर में सड़क में और गहरे हुए गड्ढे। पिछले दिनों हुआ था मरम्मत कार्य। कुछ ही दिनों में खुली योगी सरकार के अभियान की पोल।
. गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने आरओबी किनारे का लगभग छह फुट गहरा गड्ढा अब तक नहीं भरा गया है। बारिश में यह और चौड़ा हो गया है।
स्ट्रीट लाइट खराब
बारिश के दिनों में शहर की सड़कें जानलेवा हो सकती है। गहरे-गहरे गड्ढे किसी भी दिन हादसे का सबब बन सकते हैं। जलभराव में एक भी गड्ढा दिखाई नहीं देता। बहुत से क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं। ऐसे में रात के समय बारिश के दिनों में शहर की सड़कों से गुजरना खतरनाक साबित हो सकता है। किसी भी दिन कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
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गड्ढामुक्त अभियान के तहत किए गए कुछ कार्यों की शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। सड़क मरम्मत के कार्य जारी रहेंगे।
प्रभाकर शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग