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बंदरों की मौत का रहस्य जानने वृंदावन आएगी ‘पेटा’ की टीम
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नाद से पानी पीते बंदर।
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन (मथुरा)। बंदरों की लगातार हो रही मौत के रहस्य को जानने और उसके निदान के लिए यूएस के वर्जीनिया की संस्था प्यिुपिल फॉर द इथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) की टीम जल्द ही वृंदावन आएगी। शिकायतकर्ता दीपक पाराशर से संस्था के दिल्ली कार्यालय ने फोन कर संपर्क साधा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी लेते हुए जल्द ही यहां का निरीक्षण करने की बात भी कही है।
वहीं वार्ड नंबर 70 के पार्षद ने भी इस पहल में शामिल होकर बंदरों के लिए गोविंद बाग क्षेत्र में जल पात्र लगवाए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी। उनके साथ हरिमोहन पाठक, आशीष गोस्वामी, नंदकिशोर शर्मा, ब्रजमोहन विजय, गिरधर शर्मा, गोपाल खंडेलवाल, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद थे।
ये है पूरा मामला
वृंदावन में गोविंद बाग, रेतिया बाजार, प्रताप बाजार, गोविंद घाट आदि क्षेत्रों में एक सप्ताह में 12 से अधिक बंदर मर चुके हैं। जबकि पिछले तीन-चार महीने में यह आंकड़ा 100 के पार हो चुका है। फौरी चौर पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भीषण गर्मी व पर्याप्त पानी न मिलने से इन बंदरों की मौत होना बताई गई है।
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मौत की वजह पूरी तरह स्पष्ट न होने से बंदरों का विसरा जांच के लिए रखा गया है। लेकिन उसे अब तक जांच के लिए भेजा नहीं गया है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि मामले के एफआईआर दर्ज होने के बाद ही विसरा भेजा जाएगा। वहीं, स्थिति यह है कि चार दिन पहले शिकायतकर्ता और पार्षद द्वारा दी गई तहरीर के बाद भी स्थानीय पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
ऐसे में शिकायतकर्ता दीपक ने शनिवार को राष्ट्रपति, पीएम, सीएम और जीव-जंतु संरक्षण बोर्ड को पत्र भेज कर मामले की जानकारी की थी। इसी के चलते पेटा की टीम जल्द ही इस मामले को देखने के लिए वृंदावन पहुंचेगी। उधर, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने मामले की जल्द एफआईआर दर्ज कराने और विसरा जांच को भेजने की बात की है। शिकायतकर्ता ने नाद के लिए इकट्ठे किए 20 हजार रुपये वृंदावन। लगातार हो रही बंदरों की मौत के बाद अब स्थानीय लोगों के सहयोग से गोविंद बाग क्षेत्र में 10 वाई 3 की पानी की नाद बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सोशल मीडिया पर शिकायतकर्ता दीपक पाराशर द्वारा लोगों से मांगी गई मदद के बाद करीब 20 हजार रुपये भी इकट्ठे कर लिए गए हैं। संभवत: अक्षय तृतीया से नाद निर्माण का यह कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसके बनने से क्षेत्र के बंदरों और पशु-पक्षियों को आराम से पानी पीने को मिल सकेगा।
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वहीं वार्ड नंबर 70 के पार्षद ने भी इस पहल में शामिल होकर बंदरों के लिए गोविंद बाग क्षेत्र में जल पात्र लगवाए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी। उनके साथ हरिमोहन पाठक, आशीष गोस्वामी, नंदकिशोर शर्मा, ब्रजमोहन विजय, गिरधर शर्मा, गोपाल खंडेलवाल, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद थे।
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मौत की वजह पूरी तरह स्पष्ट न होने से बंदरों का विसरा जांच के लिए रखा गया है। लेकिन उसे अब तक जांच के लिए भेजा नहीं गया है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि मामले के एफआईआर दर्ज होने के बाद ही विसरा भेजा जाएगा। वहीं, स्थिति यह है कि चार दिन पहले शिकायतकर्ता और पार्षद द्वारा दी गई तहरीर के बाद भी स्थानीय पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
ऐसे में शिकायतकर्ता दीपक ने शनिवार को राष्ट्रपति, पीएम, सीएम और जीव-जंतु संरक्षण बोर्ड को पत्र भेज कर मामले की जानकारी की थी। इसी के चलते पेटा की टीम जल्द ही इस मामले को देखने के लिए वृंदावन पहुंचेगी। उधर, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने मामले की जल्द एफआईआर दर्ज कराने और विसरा जांच को भेजने की बात की है। शिकायतकर्ता ने नाद के लिए इकट्ठे किए 20 हजार रुपये वृंदावन। लगातार हो रही बंदरों की मौत के बाद अब स्थानीय लोगों के सहयोग से गोविंद बाग क्षेत्र में 10 वाई 3 की पानी की नाद बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सोशल मीडिया पर शिकायतकर्ता दीपक पाराशर द्वारा लोगों से मांगी गई मदद के बाद करीब 20 हजार रुपये भी इकट्ठे कर लिए गए हैं। संभवत: अक्षय तृतीया से नाद निर्माण का यह कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसके बनने से क्षेत्र के बंदरों और पशु-पक्षियों को आराम से पानी पीने को मिल सकेगा।