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साइकिल पर सवार होकर खूब दौड़ा हाथी
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एटा। जिले की सबसे अधिक संवेदनशील विधानसभा क्षेत्र अलीगंज के 413 पोलिंग बूथों पर मतदाताओं के रुझान यहां से गठबंधन को अधिक मजबूत बता रहे हैं। यादव और ठाकुर बहुल क्षेत्र होने के चलते यहां टक्कर भाजपा और सपा में ही होती आई है लेकिन इस बार एक होकर चुनाव लड़ना गठबंधन को मजबूती दे रहा है। साइकिल पर सवार होकर हाथी भले ही खूब दौड़ा हो लेकिन भाजपा का फूल पूरी तरह से मुरझाता नजर नहीं आ रहा है। जैथरा के कस्बाई क्षेत्रों के अलावा अलीगंज में भी राष्ट्रवाद के पक्ष में वोट देने वाले कम नहीं थे।
पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी लाइनों ने मतदान के प्रति लोगों के उत्साह को जाहिर कर दिया। मतदान के चलते बाजार बंद रहे तो लोग दुकानों के बाहर बैठकर ही राजनीतिक गुणाभाग लगाते रहे। तीन नगर निकायों (अलीगंज, जैथरा, राजा का रामपुर) के बीच बसे अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का रुझान एकतरफा नजर नहीं आया। लेकिन जातीय और पिछले आंकड़ों को उठाकर देखें तो स्थिति इस बार भी कुछ पहले जैसी ही नजर आ रही है। दरअसल इस क्षेत्र में सबसे अधिक यादव, ठाकुर, मुस्लिम, एससी, लोधी, शाक्य और वैश्य मतदाता हैं। पोलिंग बूथों पर सुबह से शाम तक सबसे ज्यादा भीड़ मुस्लिम और एससी मतदाताओं की नजर आई। शहर का बूथ हो या गांव का हर बूथ पर इन मतदाताओं को लाइन में लगा देखा गया। गठबंधन की मजबूती का इसके अलावा एक और बड़ा कारण यह है कि यादव बहुल यह क्षेत्र हर बार ही यहां से सपा को बढ़त दिलाता रहा है। इसके चलते ही जैथरा कस्बे की एक दुकान के बाहर बैठे रामप्रवेश और गौरव सपा-भाजपा में टक्कर बता रहे थे, लेकिन जब इन समीकरणों का उदाहरण देते हुए उनके साथी सर्वेश कुमार ने कहा तो वह भी बोले हां यह हो सकता है कि गठबंधन इस बार भी भाजपा पर 21 बैठे। वहीं अलीगंज में युवा सौरभ और उनके चाचा ब्रह्मप्रकाश ने एयर स्ट्राइक और अभिनंदन की वापसी को लेकर राष्ट्रवाद की बात कहते हुए भाजपा को आगे बताया। वहीं धुमरी क्षेत्र में मतदाता गठबंधन को कहीं नहीं आंक रहे यहां लोग भाजपा को आगे बता रहे थे। अभी तो मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया है, अब परिणाम क्या होंगे यह तो 23 मई को ही सामने आएंगे। फिलहाल मतदाताओं के रुझान को देखते हुए अलीगंज क्षेत्र में गठबंधन का पलड़ा भाजपा से कुछ भारी दिखाई दे रहा है।
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पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी लाइनों ने मतदान के प्रति लोगों के उत्साह को जाहिर कर दिया। मतदान के चलते बाजार बंद रहे तो लोग दुकानों के बाहर बैठकर ही राजनीतिक गुणाभाग लगाते रहे। तीन नगर निकायों (अलीगंज, जैथरा, राजा का रामपुर) के बीच बसे अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का रुझान एकतरफा नजर नहीं आया। लेकिन जातीय और पिछले आंकड़ों को उठाकर देखें तो स्थिति इस बार भी कुछ पहले जैसी ही नजर आ रही है। दरअसल इस क्षेत्र में सबसे अधिक यादव, ठाकुर, मुस्लिम, एससी, लोधी, शाक्य और वैश्य मतदाता हैं। पोलिंग बूथों पर सुबह से शाम तक सबसे ज्यादा भीड़ मुस्लिम और एससी मतदाताओं की नजर आई। शहर का बूथ हो या गांव का हर बूथ पर इन मतदाताओं को लाइन में लगा देखा गया। गठबंधन की मजबूती का इसके अलावा एक और बड़ा कारण यह है कि यादव बहुल यह क्षेत्र हर बार ही यहां से सपा को बढ़त दिलाता रहा है। इसके चलते ही जैथरा कस्बे की एक दुकान के बाहर बैठे रामप्रवेश और गौरव सपा-भाजपा में टक्कर बता रहे थे, लेकिन जब इन समीकरणों का उदाहरण देते हुए उनके साथी सर्वेश कुमार ने कहा तो वह भी बोले हां यह हो सकता है कि गठबंधन इस बार भी भाजपा पर 21 बैठे। वहीं अलीगंज में युवा सौरभ और उनके चाचा ब्रह्मप्रकाश ने एयर स्ट्राइक और अभिनंदन की वापसी को लेकर राष्ट्रवाद की बात कहते हुए भाजपा को आगे बताया। वहीं धुमरी क्षेत्र में मतदाता गठबंधन को कहीं नहीं आंक रहे यहां लोग भाजपा को आगे बता रहे थे। अभी तो मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया है, अब परिणाम क्या होंगे यह तो 23 मई को ही सामने आएंगे। फिलहाल मतदाताओं के रुझान को देखते हुए अलीगंज क्षेत्र में गठबंधन का पलड़ा भाजपा से कुछ भारी दिखाई दे रहा है।
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