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शिथिलता में उलझी सरकारी दवा की जांच
Updated Sun, 14 Oct 2018 11:01 PM IST
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सहावर। एसडीएम द्वारा पकड़े झोलाछाप पर कार्रवाई होती नहीं दिख रही। क्लीनिक पर मिलीं सरकारी दवाओं की जांच भी शिथिलता में उलझ गई। पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं।
शनिवार को एसडीएम संदीप केला ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान रेलवे रोड से झोलाछाप को हिरासत में लिया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अलीगढ़ से खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम बुलाई गई। देर रात जब टीम पहुंची लेकिन कोई कार्रवाई भी नहीं हुई। औषधि विभाग के अफसर यह कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं कि उपजिलाधिकारी ने क्लीनिक सील कर दिया और झोलाछाप भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं है। जबकि पुलिस का कहना है कि औषधि विभाग एफआईआर दर्ज कराए उसके बाद झोलाछाप को गिरफ्तार करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक यह जांच शुरू नहीं की है कि सरकारी दवाएं क्लीनिक पर कैसे पहुंची।
- मेरे द्वारा क्लीनिक सील नहीं किया गया है। औषधि निरीक्षक को कार्रवाई करनी चाहिए। यदि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है तो खाद्य और औषधि विभाग की टीम को लापरवाह मानते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी- संदीप केला, एसडीएम।
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- उपजिलाधिकारी द्वारा सील किए गए क्लीनिक को उनकी ही उपस्थिति में खुलवाया जा सकता है। देर रात टीम पहुंची थी। न तो झोलाछाप चिकित्सक पुलिस के पास मिला और न ही मुझे सील खोलने के निर्देश मिले- हेमंत कुमार, औषधि निरीक्षक।
- प्रशासन और औषधि विभाग की टीम ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया। यदि वह कोई मामला पंजीकृत कराते हैं तो झोलाछाप को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी पुलिस की है- रविंद्र बहादुर सिंह, थाना प्रभारी।
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शनिवार को एसडीएम संदीप केला ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान रेलवे रोड से झोलाछाप को हिरासत में लिया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अलीगढ़ से खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम बुलाई गई। देर रात जब टीम पहुंची लेकिन कोई कार्रवाई भी नहीं हुई। औषधि विभाग के अफसर यह कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं कि उपजिलाधिकारी ने क्लीनिक सील कर दिया और झोलाछाप भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं है। जबकि पुलिस का कहना है कि औषधि विभाग एफआईआर दर्ज कराए उसके बाद झोलाछाप को गिरफ्तार करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक यह जांच शुरू नहीं की है कि सरकारी दवाएं क्लीनिक पर कैसे पहुंची।
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- मेरे द्वारा क्लीनिक सील नहीं किया गया है। औषधि निरीक्षक को कार्रवाई करनी चाहिए। यदि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है तो खाद्य और औषधि विभाग की टीम को लापरवाह मानते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी- संदीप केला, एसडीएम।
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- उपजिलाधिकारी द्वारा सील किए गए क्लीनिक को उनकी ही उपस्थिति में खुलवाया जा सकता है। देर रात टीम पहुंची थी। न तो झोलाछाप चिकित्सक पुलिस के पास मिला और न ही मुझे सील खोलने के निर्देश मिले- हेमंत कुमार, औषधि निरीक्षक।
- प्रशासन और औषधि विभाग की टीम ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया। यदि वह कोई मामला पंजीकृत कराते हैं तो झोलाछाप को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी पुलिस की है- रविंद्र बहादुर सिंह, थाना प्रभारी।