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गांव बंद का असर, किसानों ने मंडी में की तालाबंदी
Updated Wed, 06 Jun 2018 10:51 PM IST
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गांव बंद का असर, किसानों ने मंडी में की तालाबंदी
- फोटो : अमर उजाला
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जलेसर (एटा)। देश के कई राज्यों में चल रहे किसानों के गांव बंद का असर बुधवार को जिले में नजर आया। जलेसर में फल, सब्जी और दूध केे बढ़ते दामों को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। साथ ही जलेसर मंडी परिसर के गेट पर तालाबंदी कर दी। इसके चलते व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ।
भारतीय किसान यूनियन भानु के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडी समिति के गेट को बंद कर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि जिले की मंडियों में राजकीय शीतगृह की स्थापना की जाए। क्योंकि मंडी में आने वाली अधिक सब्जी बिक नहीं पाती है। किसानों की सब्जी खरीद के लिए अलग से प्लेटफार्म बनाया जाए। किसानों की तोल मंडी समिति में 40 किलो पर एक किलो अधिक ली जाती है। उसे बंद कराया जाए। मंडी की रोड के दोनों ओर कोई आढ़तिया और फड़ नहीं लगाई जाए। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पूरे मंडी परिसर में आढ़तियों की दुकानें बंद रहीं। इस दौरान किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी दी। इस दौरान व्यापारियों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ। वहीं मंडी बंद रहने के चलते सरकारी गेहूं खरीद केेंद्रों पर बिक्री ठप रही। इस मौके पर तेज सिंह वर्मा, स्वदेश साहू, वीरेंद्र वर्मा, कालीचरन यादव, राधेश्याम, रमेश राजपूत, नाहर सिंह, शिव िसिंह समेत तमाम किसान मौजूद रहे। मंडी बंद के दौरान लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। आलम यह रहा कि लोग दूध और फलों के लिए तरस गए। किसानों की हड़ताल के चलते व्यवस्था चरमराती नजर आई।
आंकड़ों पर नजर
70 दुुकानें है जलेसर मंडी में
15 लाख रुपये का होता है हर रोज कारोबार
01 गेहूं क्रय केन्द्र पर भी नहीं हो सकी खरीदारी
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भारतीय किसान यूनियन भानु के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडी समिति के गेट को बंद कर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि जिले की मंडियों में राजकीय शीतगृह की स्थापना की जाए। क्योंकि मंडी में आने वाली अधिक सब्जी बिक नहीं पाती है। किसानों की सब्जी खरीद के लिए अलग से प्लेटफार्म बनाया जाए। किसानों की तोल मंडी समिति में 40 किलो पर एक किलो अधिक ली जाती है। उसे बंद कराया जाए। मंडी की रोड के दोनों ओर कोई आढ़तिया और फड़ नहीं लगाई जाए। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पूरे मंडी परिसर में आढ़तियों की दुकानें बंद रहीं। इस दौरान किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी दी। इस दौरान व्यापारियों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ। वहीं मंडी बंद रहने के चलते सरकारी गेहूं खरीद केेंद्रों पर बिक्री ठप रही। इस मौके पर तेज सिंह वर्मा, स्वदेश साहू, वीरेंद्र वर्मा, कालीचरन यादव, राधेश्याम, रमेश राजपूत, नाहर सिंह, शिव िसिंह समेत तमाम किसान मौजूद रहे। मंडी बंद के दौरान लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। आलम यह रहा कि लोग दूध और फलों के लिए तरस गए। किसानों की हड़ताल के चलते व्यवस्था चरमराती नजर आई।
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आंकड़ों पर नजर
70 दुुकानें है जलेसर मंडी में
15 लाख रुपये का होता है हर रोज कारोबार
01 गेहूं क्रय केन्द्र पर भी नहीं हो सकी खरीदारी