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ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव, किया हंगामा
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:08 PM IST
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ग्रामीणों ने थाने का किया घेराव, काटा हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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मारहरा। त्रिलोकपुर और जुलहापुर ग्रामीणों के बीच हिंसा के बाद पकड़े गए पांच आरोपियाें को जेल भेजने पर ग्रामीणों ने थाने का घेराव करते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों ने पुलिस पर निर्दोष लोगों को जेल भेजने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी के आगे लेटकर रोकने की भी कोशिश की। ग्रामीणों के हंगामे के चलते पीएसी बल के अलावा मिरहची, पिलुआ थाना पुलिस के साथ सीओ सदर भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि बाद में राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद पुलिस काफी मुश्किल से आरोपियों को थाने से जेल भेजने के लिए मुख्यालय लेकर पहुंची।
हाथरस जिले के गांव जुलाहपुर एवं थाना मारहरा के गांव त्रिलोकपुर के बीच रविवार को फायरिंग हो गई थी। मामले में जुलाहपुर के मुकेश पुत्र रमेश ने त्रिलोकपुर के 26 नामजदों और 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस पर पुलिस ने पांच लोगों बिंटू फौजी, धर्मेंद्र सिंह, राजेश कुमार, सौरभ कुमार और सुरेंद्र कुमार निवासी त्रिलोकपुर मारहरा को हिरासत में ले लिया था।
पुलिस पांचों आरोपियों को सोमवार को जेल भेजने की तैयारी कर रही थी। मामले की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण थाना मारहरा पर पहुंच गए। थाने का घेराव करते हुए ग्रामीणों ने पुलिस पर लोगाें को झूठा फसाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस की कार रोकने के लिए उसके आगे लेट गए। ग्रामीणों का हंगामा देखते हुए मौके पर पीएसी बल के अलावा मिरहची पिलुआ पुलिस के साथ ही सीओ सदर गुरमीत सिंह मौके पर पहुंच गए।
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इधर, घटना की जानकारी पर एटा भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ और कासगंज के भाजपा जिलाध्यक्ष पूर्णेंद्र सोलंकी एवं विधायक मौके पर पहुंच गए। जिलाध्यक्ष एवं विधायक ने हाथ जोड़कर ग्रामीणों को समझाकर लौटाया। इसके बाद थाना पुलिस आरोपियों के चालान कर एटा ले जा सकी।
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सिकंदराराऊ से पहुंचे सपा नेता
मारहरा। जुलाहपुर के लोगों के पक्ष में सपा नेता पूर्व विधायक अमर सिंह यादव एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं शिक्षाविद् युवराज सिंह ने थाना मारहरा पहुंचकर पुलिस से बातचीत की। जुलाहपुर के लोगों को थाना पुलिस की कार्रवसई से अवगत कराते हुए मदद का भरोसा दिलाया।
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झूठी है रायफल की रिपोर्ट
मारहरा। हंगामा करते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रायफल छीनने की मनगढ़ंत कहानी बनाई है। ग्रामीणों ने कहा कि उस समय दो पक्षों में फायरिंग का दौर चल रहा था। उस समय बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ ग्रामीण भी मौजूद थे। ऐसे में रायफल छीनने की घटना नहीं हुई थी।
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झूठा फंसा रही पुलिस
मारहरा। त्रिलोकपुर में चार अक्तूबर 2017 को शराब पकड़ने गई थी। उस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मारपीट की थी। एक एसआई की रिवाल्वर भी गुम हो गई थी, जो एक दिन बाद मिली थी। ऐसे में लोगों का कहना है थाना पुलिस उसी घटना को लेकर ग्रामीणों को झूठा फंसा रही है।
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प्रधान पति गए जेल
मारहरा। त्रिलोकपुर की ग्राम प्रधान केशकुमारी के सेवानिवृत्त फौजी पति को हिंसा का मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।
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आगजनी की नहीं लिखी रिपोर्ट
मारहरा। जातीय संघर्ष में 50 बीघा लाहा, चार भूसे की बुर्जी, एक झोंपड़ी को आग के हवाले किया गया था। इसकी रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज नहीं की है। ऐसे में पीड़ित लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है।
हिंसा में शुरू हुई राजनीति
एटा। मारहरा के त्रिलोकपुर और हाथरस सिकंदराराऊ के जुलहापुर ग्रामीणों के बीच हिंसा में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ गया है। सोमवार को दो दलों के लोग मारहरा थाने अपनों की सिफारिश करने पहुंचे। वहीं पुलिस ने खुद के साथ मारपीट और रायफल छीनने को लेकर 42 नामजदों के साथ ही दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से पुलिस पांच लोगाें को गिरफ्तार कर चुकी है।
मामूली बात को लेकर दो गांव के लोगों के बीच मारपीट फायरिंग की घटना दूसरे दिन तक जातीय संघर्ष के बीच पहुंचती नजर आई। जातिगत मामले को लेकर राजनीतिक दलों के लोग भी हिंसा के बाद अपनी रोटियां सेंकने पहुंच गए। सोमवार को दो राजनीतिक दलों के लोग थाना मारहरा पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों को अपना समर्थक बताते हुए पुलिस पर एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाया।
ऐसे में मामला सुलझने की बजाय उलझता नजर आ रहा है। वही दो गांव के बीच हिंसा के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट कर होमगार्ड से रायफल छीनने वाले मामले में एसआई रामव्रेश ने धर्मेंद्र पुत्र रामवीर निवासी त्रिलोकपुर सहित 42 नामजद और दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें से पुलिस धर्मेन्द्र सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वही थाना प्रभारी मारहरा ने बताया कि शेष आरोपियों की पता लगाकर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बता दे कि शनिवार को त्रिलोकपुर और जलहापुर के ग्रामीण के बीच ट्रैक्टर से रस्सी खोलने को लेकर विवाद हो गया था।
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हाथरस जिले के गांव जुलाहपुर एवं थाना मारहरा के गांव त्रिलोकपुर के बीच रविवार को फायरिंग हो गई थी। मामले में जुलाहपुर के मुकेश पुत्र रमेश ने त्रिलोकपुर के 26 नामजदों और 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस पर पुलिस ने पांच लोगों बिंटू फौजी, धर्मेंद्र सिंह, राजेश कुमार, सौरभ कुमार और सुरेंद्र कुमार निवासी त्रिलोकपुर मारहरा को हिरासत में ले लिया था।
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पुलिस पांचों आरोपियों को सोमवार को जेल भेजने की तैयारी कर रही थी। मामले की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण थाना मारहरा पर पहुंच गए। थाने का घेराव करते हुए ग्रामीणों ने पुलिस पर लोगाें को झूठा फसाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस की कार रोकने के लिए उसके आगे लेट गए। ग्रामीणों का हंगामा देखते हुए मौके पर पीएसी बल के अलावा मिरहची पिलुआ पुलिस के साथ ही सीओ सदर गुरमीत सिंह मौके पर पहुंच गए।
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इधर, घटना की जानकारी पर एटा भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ और कासगंज के भाजपा जिलाध्यक्ष पूर्णेंद्र सोलंकी एवं विधायक मौके पर पहुंच गए। जिलाध्यक्ष एवं विधायक ने हाथ जोड़कर ग्रामीणों को समझाकर लौटाया। इसके बाद थाना पुलिस आरोपियों के चालान कर एटा ले जा सकी।
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सिकंदराराऊ से पहुंचे सपा नेता
मारहरा। जुलाहपुर के लोगों के पक्ष में सपा नेता पूर्व विधायक अमर सिंह यादव एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं शिक्षाविद् युवराज सिंह ने थाना मारहरा पहुंचकर पुलिस से बातचीत की। जुलाहपुर के लोगों को थाना पुलिस की कार्रवसई से अवगत कराते हुए मदद का भरोसा दिलाया।
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झूठी है रायफल की रिपोर्ट
मारहरा। हंगामा करते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रायफल छीनने की मनगढ़ंत कहानी बनाई है। ग्रामीणों ने कहा कि उस समय दो पक्षों में फायरिंग का दौर चल रहा था। उस समय बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ ग्रामीण भी मौजूद थे। ऐसे में रायफल छीनने की घटना नहीं हुई थी।
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झूठा फंसा रही पुलिस
मारहरा। त्रिलोकपुर में चार अक्तूबर 2017 को शराब पकड़ने गई थी। उस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मारपीट की थी। एक एसआई की रिवाल्वर भी गुम हो गई थी, जो एक दिन बाद मिली थी। ऐसे में लोगों का कहना है थाना पुलिस उसी घटना को लेकर ग्रामीणों को झूठा फंसा रही है।
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प्रधान पति गए जेल
मारहरा। त्रिलोकपुर की ग्राम प्रधान केशकुमारी के सेवानिवृत्त फौजी पति को हिंसा का मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।
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आगजनी की नहीं लिखी रिपोर्ट
मारहरा। जातीय संघर्ष में 50 बीघा लाहा, चार भूसे की बुर्जी, एक झोंपड़ी को आग के हवाले किया गया था। इसकी रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज नहीं की है। ऐसे में पीड़ित लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है।
हिंसा में शुरू हुई राजनीति
एटा। मारहरा के त्रिलोकपुर और हाथरस सिकंदराराऊ के जुलहापुर ग्रामीणों के बीच हिंसा में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ गया है। सोमवार को दो दलों के लोग मारहरा थाने अपनों की सिफारिश करने पहुंचे। वहीं पुलिस ने खुद के साथ मारपीट और रायफल छीनने को लेकर 42 नामजदों के साथ ही दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से पुलिस पांच लोगाें को गिरफ्तार कर चुकी है।
मामूली बात को लेकर दो गांव के लोगों के बीच मारपीट फायरिंग की घटना दूसरे दिन तक जातीय संघर्ष के बीच पहुंचती नजर आई। जातिगत मामले को लेकर राजनीतिक दलों के लोग भी हिंसा के बाद अपनी रोटियां सेंकने पहुंच गए। सोमवार को दो राजनीतिक दलों के लोग थाना मारहरा पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों को अपना समर्थक बताते हुए पुलिस पर एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाया।
ऐसे में मामला सुलझने की बजाय उलझता नजर आ रहा है। वही दो गांव के बीच हिंसा के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट कर होमगार्ड से रायफल छीनने वाले मामले में एसआई रामव्रेश ने धर्मेंद्र पुत्र रामवीर निवासी त्रिलोकपुर सहित 42 नामजद और दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें से पुलिस धर्मेन्द्र सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वही थाना प्रभारी मारहरा ने बताया कि शेष आरोपियों की पता लगाकर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बता दे कि शनिवार को त्रिलोकपुर और जलहापुर के ग्रामीण के बीच ट्रैक्टर से रस्सी खोलने को लेकर विवाद हो गया था।