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नए पिराई सत्र से बढ़ेगी गन्ने की मिठास, तैयारी पूरी
Updated Mon, 19 Nov 2018 10:48 PM IST
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चीनी मिल अभी नहीं तैयार, 10 दिन और टल सकता है पिराई सत्र
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान इसी माह में हो जाएगा इसके साथ ही एक और खुशखबरी है। नए पिराई सत्र से गन्ना किसानों को नकद भुगतान करने की योजना तैयार की जा रही है। नोडल अधिकारी रंजन कुमार के निर्देश के बाद गन्ना विभाग और मिल प्रशासन आपस में बेहतर व्यवस्था बनाकर भुगतान के प्रयास में जुट गया है।
न्यौली चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 40 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। सॉफ्ट लोन योजना और प्रदेश सरकार की सहायता राशि से बकाए का भुगतान होने की आस किसानों में जाग उठी है, लेकिन सरकार ने स्वीकृति तो दे दी धनराशि अभी तक नहीं दी है। ऐसे में भुगतान में देरी हो रही है। तीन दिन पहले जिले में समीक्षा करने आए नोडल अधिकारी राजीव रंजन ने गन्ना विभाग से भुगतान की स्थिति जानी। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासन से अभी तक धनराशि नहीं मिली है। नोडल अधिकारी ने इसी माह धनराशि उपलब्ध कराने की बात कही। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि पिराई सत्र के बाद प्रयास किया जाए कि गन्ना किसानों का नकद भुगतान हो सके। अब गन्ना विभाग और मिल प्रशासन नकद भुगतान की योजना बना रहा है।
नोडल अधिकारी ने इसी माह धनराशि दिलाने की बात कही है। धनराशि आने के बाद किसानों के बकाए का भुगतान हो सकेगा। नए पिराई सत्र से प्रयास रहेगा कि किसानों का नकद भुगतान किया जा सके। ओमप्रकाश, जिला गन्ना अधिकारी।
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गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान इसी माह में हो जाएगा इसके साथ ही एक और खुशखबरी है। नए पिराई सत्र से गन्ना किसानों को नकद भुगतान करने की योजना तैयार की जा रही है। नोडल अधिकारी रंजन कुमार के निर्देश के बाद गन्ना विभाग और मिल प्रशासन आपस में बेहतर व्यवस्था बनाकर भुगतान के प्रयास में जुट गया है।
न्यौली चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 40 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। सॉफ्ट लोन योजना और प्रदेश सरकार की सहायता राशि से बकाए का भुगतान होने की आस किसानों में जाग उठी है, लेकिन सरकार ने स्वीकृति तो दे दी धनराशि अभी तक नहीं दी है। ऐसे में भुगतान में देरी हो रही है। तीन दिन पहले जिले में समीक्षा करने आए नोडल अधिकारी राजीव रंजन ने गन्ना विभाग से भुगतान की स्थिति जानी। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासन से अभी तक धनराशि नहीं मिली है। नोडल अधिकारी ने इसी माह धनराशि उपलब्ध कराने की बात कही। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि पिराई सत्र के बाद प्रयास किया जाए कि गन्ना किसानों का नकद भुगतान हो सके। अब गन्ना विभाग और मिल प्रशासन नकद भुगतान की योजना बना रहा है।
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नोडल अधिकारी ने इसी माह धनराशि दिलाने की बात कही है। धनराशि आने के बाद किसानों के बकाए का भुगतान हो सकेगा। नए पिराई सत्र से प्रयास रहेगा कि किसानों का नकद भुगतान किया जा सके। ओमप्रकाश, जिला गन्ना अधिकारी।
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