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बिना जांच के फर्जी शिक्षकों को भुगतान कराने का आरोप
Updated Mon, 03 Sep 2018 10:32 PM IST
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एटा। बिना जांच के फर्जी शिक्षक एवं डिग्री धारकों के वेतन भुगतान करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री एवं डीएम को पत्र लिखकर 18 माह से रुके करोड़ों के भुगतान को नेता के हस्तक्षेप से दबाने एवं भुगतान करने की साजिश का आरोप लगाया।
राजा का रामपुर स्थित स्कूल में फर्जी डिग्री धारक शिक्षकों की नियुक्ति का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि चहेते फर्जी डिग्री धारकों की नियम विरुद्ध तरीके से नियुक्तियां करने वाला प्रबंधतंत्र जांच अधिकारियों को वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहा है। ऐसे में गत 18 माह से पूरे स्टाफ का वेतन रुका है। मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिराम दुबे का आरोप है कि शासन के निर्देश पर हुई जांच के लिए तत्कालीन जांच अधिकारी बीएसए ने 06.05.2018 को संबंधित अभिलेख एवं सेवा पंजिकाएं मांगे थे। साथ ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन के आदेश दिए थे। तीन माह बाद भी अभिलेख नहीं दिए जा रहे है। विभागीय मिलीभगत के चलते फर्जी डिग्रियों का सत्यापन भी नहीं हो पा रहा है। जन सुनवाई में पुन: शिकायत दर्ज कराते हुए शिकायतकर्ता ने नेता के हस्तक्षेप पर 18 माह से रुका वेतन भुगतान कराने की साजिश का आरोप लगाया।
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राजा का रामपुर स्थित स्कूल में फर्जी डिग्री धारक शिक्षकों की नियुक्ति का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि चहेते फर्जी डिग्री धारकों की नियम विरुद्ध तरीके से नियुक्तियां करने वाला प्रबंधतंत्र जांच अधिकारियों को वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहा है। ऐसे में गत 18 माह से पूरे स्टाफ का वेतन रुका है। मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिराम दुबे का आरोप है कि शासन के निर्देश पर हुई जांच के लिए तत्कालीन जांच अधिकारी बीएसए ने 06.05.2018 को संबंधित अभिलेख एवं सेवा पंजिकाएं मांगे थे। साथ ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन के आदेश दिए थे। तीन माह बाद भी अभिलेख नहीं दिए जा रहे है। विभागीय मिलीभगत के चलते फर्जी डिग्रियों का सत्यापन भी नहीं हो पा रहा है। जन सुनवाई में पुन: शिकायत दर्ज कराते हुए शिकायतकर्ता ने नेता के हस्तक्षेप पर 18 माह से रुका वेतन भुगतान कराने की साजिश का आरोप लगाया।
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