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प्राधिकरण की लापरवाही से अंधकार में डूबा हाईवे
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:56 PM IST
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फिरोजाबाद। विकास प्राधिकरण अफसरों की लापरवाही के कारण हाईवे अंधकार में डूबा हुआ। लाखों रुपये खर्च कर प्राधिकरण द्वारा जैन मंदिर से राजा का ताल तक एलईडी लाइटें लगवाई गई हैं, जो पिछले दिनों से खराब पड़ी हैं।
फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण करीब डेढ़ साल पूर्व जैन मंदिर से लेकर सुहागनगर चौराहा, नगला भाऊ, सेंट जोंस चौराहा से राजा का ताल तक एलईडी लाइटें लगवाई गई थीं। प्राधिकरण द्वारा इस पर करीब 50 लाख खर्च किया गया था। विकास प्राधिकरण द्वारा लाखों की लागत से लगवाई गई लाइटों को चालू कराने में ही लापरवाही बरती गई। डीएम द्वारा संज्ञान लेने पर आननफानन में विद्युत विभाग से कनेक्शन जुड़वा कर लाइटें चालू कराईं।
इसके बाद विभागीय अफसरों ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। पिछले डेढ़ साल में विभाग में तैनात किसी भी जिम्मेदार अफसर ने हाईवे पर लगी लाइटों का संज्ञान नहीं लिया, जबकि यह पिछले कई दिनों से बंद पड़ी हैं, जिससे हाईवे अंधकार में डूबा हुआ है। हाईवे बंद पड़ी लाइटों के संबंध में विभाग में कई बार शिकायत भी गई लेकिन किसी अधिकारी ने लाइटें चालू कराने की जहमत नहीं उठाई।
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फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण करीब डेढ़ साल पूर्व जैन मंदिर से लेकर सुहागनगर चौराहा, नगला भाऊ, सेंट जोंस चौराहा से राजा का ताल तक एलईडी लाइटें लगवाई गई थीं। प्राधिकरण द्वारा इस पर करीब 50 लाख खर्च किया गया था। विकास प्राधिकरण द्वारा लाखों की लागत से लगवाई गई लाइटों को चालू कराने में ही लापरवाही बरती गई। डीएम द्वारा संज्ञान लेने पर आननफानन में विद्युत विभाग से कनेक्शन जुड़वा कर लाइटें चालू कराईं।
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इसके बाद विभागीय अफसरों ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। पिछले डेढ़ साल में विभाग में तैनात किसी भी जिम्मेदार अफसर ने हाईवे पर लगी लाइटों का संज्ञान नहीं लिया, जबकि यह पिछले कई दिनों से बंद पड़ी हैं, जिससे हाईवे अंधकार में डूबा हुआ है। हाईवे बंद पड़ी लाइटों के संबंध में विभाग में कई बार शिकायत भी गई लेकिन किसी अधिकारी ने लाइटें चालू कराने की जहमत नहीं उठाई।
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