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तीर्थस्थल घो षत नहीं होने से नहीं हो रहा वकास
Updated Sun, 25 Mar 2018 11:17 PM IST
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Tirthnagri Soron
- फोटो : Amar Ujala
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सोरों।
मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर तीर्थनगरी के सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य महेरे ने शिकायत दर्ज करा कर पौराणिक तीर्थनगरी को सरकार द्वारा तीर्थस्थल का दर्जा देने के लिए निरीक्षण करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शूकर क्षेत्र उत्तर भारत का प्राचीन तीर्थ है।
यह भगवान विष्णु के तीसरे अवतार भगवान वराह की निर्वाण स्थली है। मां गंगा साक्षात इस क्षेत्र में विराजमान हैं। महाकवि संत तुलसीदास की भी यह जन्मस्थली है। आज भी यह विकास से दूर है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाऐं हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार तीर्थों के विकास के लिए अतुलनीय कार्य कर रही है।
इसी क्रम में मथुरा वृंदावन से महज 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सोरों शूकर क्षेत्र आज भी तीर्थस्थल के लिए सरकार से आस लगाए है। शिकायत में सरकार से सोरों तीर्थ का निरीक्षण कराकर यहां की आध्यात्मिक आस्था का पता लगाने व पर्यटन की असीमित संभावनाएं पता लगाने की मांग की गई है।
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इस तीर्थ में प्रतिदिन राजस्थान, एमपी, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र के अलावा यूपी के कोने कोने से प्रतिदिन हजारों की संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थल का निरीक्षण टीम भेजकर किया जाए और शीघ्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाए।
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मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर तीर्थनगरी के सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य महेरे ने शिकायत दर्ज करा कर पौराणिक तीर्थनगरी को सरकार द्वारा तीर्थस्थल का दर्जा देने के लिए निरीक्षण करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शूकर क्षेत्र उत्तर भारत का प्राचीन तीर्थ है।
यह भगवान विष्णु के तीसरे अवतार भगवान वराह की निर्वाण स्थली है। मां गंगा साक्षात इस क्षेत्र में विराजमान हैं। महाकवि संत तुलसीदास की भी यह जन्मस्थली है। आज भी यह विकास से दूर है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाऐं हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार तीर्थों के विकास के लिए अतुलनीय कार्य कर रही है।
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इसी क्रम में मथुरा वृंदावन से महज 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सोरों शूकर क्षेत्र आज भी तीर्थस्थल के लिए सरकार से आस लगाए है। शिकायत में सरकार से सोरों तीर्थ का निरीक्षण कराकर यहां की आध्यात्मिक आस्था का पता लगाने व पर्यटन की असीमित संभावनाएं पता लगाने की मांग की गई है।
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इस तीर्थ में प्रतिदिन राजस्थान, एमपी, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र के अलावा यूपी के कोने कोने से प्रतिदिन हजारों की संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थल का निरीक्षण टीम भेजकर किया जाए और शीघ्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाए।