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पौन घंटे तक हुई फायरिंग से थर्राया इलाका
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:55 PM IST
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- फोटो : demo pic
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पटियाली (कासगंज)। पूर्व प्रधान के पुत्र के कत्ल के इरादे से आए बदमाशों और ग्रामीणों के बीच करीब पौन घंटे तक क्रास फायरिंग से इलाका थर्राया रहा। ताबड़तो़ड़ फायरिंग से गांव वाले दहल गए। ज्यादातर ग्रामीण और महिलाएं-बच्चे गोलियां चलने के दौरान घर में दुबक गए थे। पुलिस ने भी आकर मोर्चा संभालते ही आसपास के लोगों को घरों में भेज दिया ताकि कोई फायरिंग की जद में न आए।
रविवार सुबह नौगवां में रोज की तरह ग्रामीण अपने काम में जुटे थे। बच्चे घरों के पास खेल रहे थे। महिलाएं घर में भोजन बनाने और खिलाने में जुटी थीं। इस शांत माहौल में अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगीं। फिर चीख-पुकार भी मची। पता चला कि पूर्व प्रधान सत्यपाल के घर के बाहर उनके बेटे सुनील पर हमला किया गया है।
माजरा समझ आते ही सुनील के पिता सत्यपाल समेत आसपास के लोग अपने लाइसेंसी हथियार लेकर घर से निकल आए। इस बीच सुनील बदमाशों से बचने के लिए चहका गांव की तरफ भागने लगा था। उसके पीछे तीन बदमाश फायर कर रहे थे।
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हथियार लेकर ग्रामीण ललकारते हुए पीछे लगे तो बदमाश कभी आगे भाग रहे सुनील की तरफ फायर करते तो कभी पीछे मुड़कर गांव वालों पर गोली चलाते। दो किलोमीटर दूर चहका गांव पहुंचने तक बदमाश ग्रामीणों से घिर चुके थे। इस पर राजकुमार और उसके दोनों साथी अशोक के घर में घुसे तो उसके परिवार ने तीखा प्रतिरोध किया। फिर बदमाश छत से बगल में बबलू के घर में कूदकर एक कमरे में जा छिपे। उस घर को चारो तरफ से गांव वालों ने घेर लिया। बदमाश अंदर से फायरिंग करने लगे।
बबलू अपने मकान की तरफ जाने लगा तो उस पर भी बदमाशों ने फायर कर दिया। वह बाल-बाल बचा। इसी बीच घटना की जानकारी पाकर पटियारी समेत कई थानों की पुलिस फोर्स वहां पहुंच गई। पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर भी फायर झोंके। सामने के मकान की छत पर मोर्चा संभाले एक दरोगा भी अपराधियों की गोली की चपेट में आने से साफ बचा।
पुलिस और ग्रामीणों तथा बदमाशों के बीच करीब पौन घंटे तक गोलियां चलती रहीं। मकान से फायरिंग बंद होने पर पुलिसवाले अंदर गए तो पता चला कि राजकुमार मारा गया जबकि दो बदमाश घायल हैं। तब गांव वालों ने राहत की सांस ली। पुलिस मृत और घायल बदमाशों को ले जाने लगी तो ग्रामीणों का मजमा लग गया।
मिले तीन तमंचे और कारतूस-खोखे
-एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को मुठभेड़ खत्म होने के बाद तलाशी में बदमाशों के पास 315 बोर के तीन तमंचे, 10 कारतूस और 11 खोखे मिले। साफ है कि बदमाश ढेरों कारतूस लेकर आए थे। उनका इरादा सुनील की हत्या के बाद भी़ड़ पर गोलियां चलाते भागने का रहा होगा मगर उनका दांव उल्टा पड़ गया।
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रविवार सुबह नौगवां में रोज की तरह ग्रामीण अपने काम में जुटे थे। बच्चे घरों के पास खेल रहे थे। महिलाएं घर में भोजन बनाने और खिलाने में जुटी थीं। इस शांत माहौल में अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगीं। फिर चीख-पुकार भी मची। पता चला कि पूर्व प्रधान सत्यपाल के घर के बाहर उनके बेटे सुनील पर हमला किया गया है।
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माजरा समझ आते ही सुनील के पिता सत्यपाल समेत आसपास के लोग अपने लाइसेंसी हथियार लेकर घर से निकल आए। इस बीच सुनील बदमाशों से बचने के लिए चहका गांव की तरफ भागने लगा था। उसके पीछे तीन बदमाश फायर कर रहे थे।
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हथियार लेकर ग्रामीण ललकारते हुए पीछे लगे तो बदमाश कभी आगे भाग रहे सुनील की तरफ फायर करते तो कभी पीछे मुड़कर गांव वालों पर गोली चलाते। दो किलोमीटर दूर चहका गांव पहुंचने तक बदमाश ग्रामीणों से घिर चुके थे। इस पर राजकुमार और उसके दोनों साथी अशोक के घर में घुसे तो उसके परिवार ने तीखा प्रतिरोध किया। फिर बदमाश छत से बगल में बबलू के घर में कूदकर एक कमरे में जा छिपे। उस घर को चारो तरफ से गांव वालों ने घेर लिया। बदमाश अंदर से फायरिंग करने लगे।
बबलू अपने मकान की तरफ जाने लगा तो उस पर भी बदमाशों ने फायर कर दिया। वह बाल-बाल बचा। इसी बीच घटना की जानकारी पाकर पटियारी समेत कई थानों की पुलिस फोर्स वहां पहुंच गई। पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर भी फायर झोंके। सामने के मकान की छत पर मोर्चा संभाले एक दरोगा भी अपराधियों की गोली की चपेट में आने से साफ बचा।
पुलिस और ग्रामीणों तथा बदमाशों के बीच करीब पौन घंटे तक गोलियां चलती रहीं। मकान से फायरिंग बंद होने पर पुलिसवाले अंदर गए तो पता चला कि राजकुमार मारा गया जबकि दो बदमाश घायल हैं। तब गांव वालों ने राहत की सांस ली। पुलिस मृत और घायल बदमाशों को ले जाने लगी तो ग्रामीणों का मजमा लग गया।
मिले तीन तमंचे और कारतूस-खोखे
-एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को मुठभेड़ खत्म होने के बाद तलाशी में बदमाशों के पास 315 बोर के तीन तमंचे, 10 कारतूस और 11 खोखे मिले। साफ है कि बदमाश ढेरों कारतूस लेकर आए थे। उनका इरादा सुनील की हत्या के बाद भी़ड़ पर गोलियां चलाते भागने का रहा होगा मगर उनका दांव उल्टा पड़ गया।