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ताजनगरी की गजक एनसीआर में घोल रही मिठास
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:57 PM IST
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आगरा। अभी तक ताजनगरी का पेठा ही देश-विदेश में मिठास घोल रहा था, लेकिन अब यहां की गजक भी एनसीआर में मिठास घोल रही है। मुरैना के कारीगर जिले में आकर गजक बना रहे हैं। इस बार कई वैरायटी बाजार में लोगों के लिए उपलब्ध हैं।
सर्दियां शुरू होते ही गजक का बाजार गर्म हो जाता है। मकर संक्रांति नजदीक है, इससे गजक की मांग बढ़ गई है। शहर के नूरी दरवाजा बाजार में गजक बनाने का काम तेजी से चल रहा है। यहां के थोक विक्रेताओं के यहां मुरैना से गजक बनाने के कारीगर आए हैं, जो लगभग दस क्विंटल गजक रोजाना तैयार कर रहे हैं।
थोक विक्रेताओं के अनुसार लगभग सात क्विंटल गजक की सप्लाई मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, खुर्जा, फरीदाबाद, गाजियाबाद आदि शहरों में की जा रही है। नूरी दरवाजा स्थित गजक के थोक विक्रेता पवन गर्ग ने बताया कि बाहर के व्यापारियों को मुरैना दूर पड़ता है। माल ले जाने के लिए सीधे साधन भी उपलब्ध नहीं है और अब आगरा के व्यापारियों ने मुरैना के गजक कारीगर अपने यहां बुला लिए हैं। इससे अब मुरैना में जो गजक मिलती थी, वह अब ताजनगरी में उपलब्ध हो रही है।
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शहर में भी खूब बिक रही गजक
शहर के बाजारों में गजक के साथ ही जगह-जगह ठेले भी सज गई हैं। लोग इनसे खूब खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में 100 से लेकर 500 रुपये किलो तक की गजक वैरायटी मौजूद हैं। सबसे अधिक गुड़ और चीनी की खस्ता गजक की मांग है।
यह 100 से 150 रुपये प्रति किलों की दर से बिक रही है। इसके साथ ही गुड़ मूंगफली की गजक, काजू गजक, रोल गजक देशी घी से लेकर रिफाइंड तक में बनी वैरायटी 100 से लेकर 500 रुपये प्रति किलों की दर से उपलब्ध हैं। नूरी दरवाजा स्थितगजक के थोक विक्रेताओं के अनुसार शहर में प्रतिदिन लगभग तीन कुंतल गजक की खपत आसानी से हो रही है।
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सर्दियां शुरू होते ही गजक का बाजार गर्म हो जाता है। मकर संक्रांति नजदीक है, इससे गजक की मांग बढ़ गई है। शहर के नूरी दरवाजा बाजार में गजक बनाने का काम तेजी से चल रहा है। यहां के थोक विक्रेताओं के यहां मुरैना से गजक बनाने के कारीगर आए हैं, जो लगभग दस क्विंटल गजक रोजाना तैयार कर रहे हैं।
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थोक विक्रेताओं के अनुसार लगभग सात क्विंटल गजक की सप्लाई मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, खुर्जा, फरीदाबाद, गाजियाबाद आदि शहरों में की जा रही है। नूरी दरवाजा स्थित गजक के थोक विक्रेता पवन गर्ग ने बताया कि बाहर के व्यापारियों को मुरैना दूर पड़ता है। माल ले जाने के लिए सीधे साधन भी उपलब्ध नहीं है और अब आगरा के व्यापारियों ने मुरैना के गजक कारीगर अपने यहां बुला लिए हैं। इससे अब मुरैना में जो गजक मिलती थी, वह अब ताजनगरी में उपलब्ध हो रही है।
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शहर में भी खूब बिक रही गजक
शहर के बाजारों में गजक के साथ ही जगह-जगह ठेले भी सज गई हैं। लोग इनसे खूब खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में 100 से लेकर 500 रुपये किलो तक की गजक वैरायटी मौजूद हैं। सबसे अधिक गुड़ और चीनी की खस्ता गजक की मांग है।
यह 100 से 150 रुपये प्रति किलों की दर से बिक रही है। इसके साथ ही गुड़ मूंगफली की गजक, काजू गजक, रोल गजक देशी घी से लेकर रिफाइंड तक में बनी वैरायटी 100 से लेकर 500 रुपये प्रति किलों की दर से उपलब्ध हैं। नूरी दरवाजा स्थितगजक के थोक विक्रेताओं के अनुसार शहर में प्रतिदिन लगभग तीन कुंतल गजक की खपत आसानी से हो रही है।