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आतिशबाजी चलाकर न बनें पर्यावरण के दुश्मन
Updated Wed, 11 Oct 2017 11:27 PM IST
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फिरोजाबाद। दिवाली रोशनी का त्योहार है। पूरा शहर आतिशबाजी और रोशनी की दमक से सराबोर हो जाता है। बच्चे तो बच्चे बड़े भी इसकी मस्ती में खो जाते हैं।
लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि इस दिन होने वाली आतिशबाजी न केवल प्रदूषण बढ़ाती है, बल्कि आतिशबाजी के दौरान होने वाली थोड़ी-सी भी लापरवाही हमारे लिए बहुत घातक हो सकती है।
दिवाली के प्रदूषण में सर्वाधिक प्रभावित हमारी त्वचा और आंखें ही होती हैं। ऐसे में जलने पर हमें कई बातों का ख्याल रखना चाहिए। दाऊदयाल इंटर कालेज में प्रधानाचार्या अंजुमा रियाज ने भी पर्यावरण की सुरक्षा के लिए छात्राओं को जागरूक किया।
साथ ही छात्राओं को पर्यावरण सुरक्षा के लिए पटाखे न चलाने की शपथ भी दिलाई गई।
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लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि इस दिन होने वाली आतिशबाजी न केवल प्रदूषण बढ़ाती है, बल्कि आतिशबाजी के दौरान होने वाली थोड़ी-सी भी लापरवाही हमारे लिए बहुत घातक हो सकती है।
दिवाली के प्रदूषण में सर्वाधिक प्रभावित हमारी त्वचा और आंखें ही होती हैं। ऐसे में जलने पर हमें कई बातों का ख्याल रखना चाहिए। दाऊदयाल इंटर कालेज में प्रधानाचार्या अंजुमा रियाज ने भी पर्यावरण की सुरक्षा के लिए छात्राओं को जागरूक किया।
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साथ ही छात्राओं को पर्यावरण सुरक्षा के लिए पटाखे न चलाने की शपथ भी दिलाई गई।