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61 हजार के कर्जदार किसान के 96 रुपये किए माफ
Updated Fri, 29 Sep 2017 07:59 PM IST
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किसानों को 1 9 पैसे और 50 पैसे की ऋण माफी
मथुरा। एक रुपये के बाद अब जिले में 96 रुपये कर्ज माफी का एक और प्रमाण सामने आया है। इसका प्रमाण पत्र तो खुद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह किसान को बांट कर गए हैं। चौंकाने वाली बात यह भी है कि किसान पर आज भी 61 हजार रुपये केसीसी खाते के बकाया हैं।
मांट तहसील के गांव मनिकावास बकला निवासी जयप्रकाश पुत्र भगवान सिंह ने कृषि कार्य के लिए नीमगांव स्थित सिंडिकेट बैंक से ऋण लिया था। खाता संख्या 88582200033786 में वह 61 हजार के बकाएदार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के तहत जयप्रकाश की खुशी का उस वक्त ठिकाना नहीं था जब 11 सितंबर को उसे कर्ज माफी का प्रमाण पत्र दिए जाने की सूचना दी गई। वेटरनेरी विवि में आयोजित समारोह के लिए उसे कूपन संख्या 153 के तहत आयोजन स्थल पर प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह ने उसे लघु एवं सीमांत किसान फसली ऋण मोचन योजना के अंतर्गत प्रमाण पत्र दिया।
कर्ज माफी की खुशी में जयप्रकाश प्रमाण पत्र में अंकित राशि को देखना भी भूल गए। घर जाकर देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सिंडिकेट बैंक की ओर से जारी कर्ज माफी के प्रमाण पत्र में सिर्फ 96.55 रुपये की माफी की गई थी। इस समस्या को सुनने के बजाए ग्राम पंचायत अधिकारी उनके प्रमाण पत्र को भी ले गया।
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जयप्रकाश की गुहार पर डीएम अरविंद मलप्पा बंागरी ने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक से इस मामले की आख्या मांगी, लेकिन बैंक के प्रतिदिन चक्कर लगाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है।
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मांट तहसील के गांव मनिकावास बकला निवासी जयप्रकाश पुत्र भगवान सिंह ने कृषि कार्य के लिए नीमगांव स्थित सिंडिकेट बैंक से ऋण लिया था। खाता संख्या 88582200033786 में वह 61 हजार के बकाएदार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के तहत जयप्रकाश की खुशी का उस वक्त ठिकाना नहीं था जब 11 सितंबर को उसे कर्ज माफी का प्रमाण पत्र दिए जाने की सूचना दी गई। वेटरनेरी विवि में आयोजित समारोह के लिए उसे कूपन संख्या 153 के तहत आयोजन स्थल पर प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह ने उसे लघु एवं सीमांत किसान फसली ऋण मोचन योजना के अंतर्गत प्रमाण पत्र दिया।
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कर्ज माफी की खुशी में जयप्रकाश प्रमाण पत्र में अंकित राशि को देखना भी भूल गए। घर जाकर देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सिंडिकेट बैंक की ओर से जारी कर्ज माफी के प्रमाण पत्र में सिर्फ 96.55 रुपये की माफी की गई थी। इस समस्या को सुनने के बजाए ग्राम पंचायत अधिकारी उनके प्रमाण पत्र को भी ले गया।
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जयप्रकाश की गुहार पर डीएम अरविंद मलप्पा बंागरी ने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक से इस मामले की आख्या मांगी, लेकिन बैंक के प्रतिदिन चक्कर लगाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है।