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रिश्वत लेते लिपिक गिरफ्तार
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:52 PM IST
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लिपिक से पूछताछ करते।
- फोटो : अमर उजाला
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सिरसागंज (फिरोजाबाद)। आगरा और झांसी की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सिरसागंज विद्युत उप खंड कार्यालय पर तैनात लिपिक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम लिपिक को गिरफ्तार करके थाना सिरसागंज ले आई। लिपिक ने नलकूप कनेक्शन देने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे थे। आगरा के प्रभारी निरीक्षक भैयालाल ने लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। टीम आरोपी को मेरठ स्थित कोर्ट में पेश करेगी।
सिरसागंज के नगला खुशाली निवासी अभिषेक नलकूप का कनेक्शन लेने को दो जून को विद्युत उपखंड कार्यालय सिरसागंज में गया था। आरोप है कि लिपिक आशुतोष कश्यप निवासी पक्का तालाब शिकोहाबाद ने उससे दस हजार रुपये की मांग की। पीड़ित ने दो बार में रुपये देने का आश्वासन दिया। अभिषेक ने इसकी शिकायत आगरा एंटी करप्शन ब्यूरो से की। इस पर टीम ने 28 जून को अभिषेक को बुलाकर तहरीर ले ली थी।
सोमवार को आगरा प्रभारी निरीक्षक भैयालाल, निरीक्षक रामपाल सिंह, एसआई मोहम्मद युसुफ, हेड कांस्टेबल बहादुर सिंह, झांसी टीम प्रभारी निरीक्षक अंबरीश यादव, कांस्टेबल जफरुद्दीन एवं एसआईएम मोहम्मद इसरार को साथ लेकर मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कलक्ट्रेट से डीएम के पेशकार विजेंद्र गुप्ता और असलाह बाबू शिवराम को साथ लेकर विद्युत उपखंड कार्यालय पहुंचे। अभिषेक को केमिकल लगे दो-दो हजार के दो एवं पांच-पांच सौ के दो नोट देकर रिश्वत मांगने ही वाले बाबू के पास भेजा। आशुतोष ने जैसे ही हाथ में रुपये लिए, वैसे ही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उसे दबोच लिया। मौके पर हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए। टीम ने सैंपल लेने के साथ थाना सिरसागंज ले आए। प्रभारी निरीक्षक भैयालाल ने कहा कि उसे मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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मौके से भागे अधिकारी, मोबाइल किए बंद
टीम के मौजूद होने और लिपिक पर कार्रवाई पर बिजली विभाग के अधिकारी बाहर भाग गए। मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए। टीम के प्रभारी भैयालाल ने कहा कि किसी व्यक्ति को पकड़ने के बाद उस विभाग के उच्चाधिकारियों और परिजनों को सूचना ही देनी होती है।लेकिन अधिकारियों ने फोन बंद कर लिए, परिजनों को सूचना दे दी।
कोट
अभिषेक ने नलकूप कनेक्शन लगवाने को कहा था। इसके लिए पांच हजार रुपये का चालान जमा होता है। वह पहले छह हजार रुपया मुझे दे चुका था। पांच हजार रुपये जरूरत होने पर वापस लिए थे। सोमवार को पांच हजार रुपया देने के ही लिए आया था। इसीलिए मैं एक हजार रुपया वापस कर रहा था। यह कोई रिश्वत नहीं चालान के पैसे थे। मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है।
आशुतोष कश्यप लिपिक विद्युत विभाग सिरसागंज
भ्रष्टाचार मिटाने को की शिकायत: अभिषेक
सिरसागंज के नगला खुशाली निवासी किसान अभिषेक ने कहा कि बिजली विभाग के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए शिकायत की। विभाग में बिना पैसे के कोई काम नहीं होता है। कम से कम अन्य कर्मचारी तो सबक लेंगे।
पहले फंस चुके हैं दो अधिकारी
फिरोजाबाद(ब्यूरो)।सरकारी विभागों में काम कराने के नाम पर रिश्वत लेने का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पूर्व तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेंद्रनाथ प्रताप को जिला मुख्यालय के निकट से मदरसा संचालक से ही रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया था। वहीं नारखी ब्लाक के तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी प्रवीन अग्रवाल को रिश्वत ही लेते पकड़ा था।
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सिरसागंज के नगला खुशाली निवासी अभिषेक नलकूप का कनेक्शन लेने को दो जून को विद्युत उपखंड कार्यालय सिरसागंज में गया था। आरोप है कि लिपिक आशुतोष कश्यप निवासी पक्का तालाब शिकोहाबाद ने उससे दस हजार रुपये की मांग की। पीड़ित ने दो बार में रुपये देने का आश्वासन दिया। अभिषेक ने इसकी शिकायत आगरा एंटी करप्शन ब्यूरो से की। इस पर टीम ने 28 जून को अभिषेक को बुलाकर तहरीर ले ली थी।
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सोमवार को आगरा प्रभारी निरीक्षक भैयालाल, निरीक्षक रामपाल सिंह, एसआई मोहम्मद युसुफ, हेड कांस्टेबल बहादुर सिंह, झांसी टीम प्रभारी निरीक्षक अंबरीश यादव, कांस्टेबल जफरुद्दीन एवं एसआईएम मोहम्मद इसरार को साथ लेकर मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कलक्ट्रेट से डीएम के पेशकार विजेंद्र गुप्ता और असलाह बाबू शिवराम को साथ लेकर विद्युत उपखंड कार्यालय पहुंचे। अभिषेक को केमिकल लगे दो-दो हजार के दो एवं पांच-पांच सौ के दो नोट देकर रिश्वत मांगने ही वाले बाबू के पास भेजा। आशुतोष ने जैसे ही हाथ में रुपये लिए, वैसे ही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उसे दबोच लिया। मौके पर हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए। टीम ने सैंपल लेने के साथ थाना सिरसागंज ले आए। प्रभारी निरीक्षक भैयालाल ने कहा कि उसे मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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मौके से भागे अधिकारी, मोबाइल किए बंद
टीम के मौजूद होने और लिपिक पर कार्रवाई पर बिजली विभाग के अधिकारी बाहर भाग गए। मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए। टीम के प्रभारी भैयालाल ने कहा कि किसी व्यक्ति को पकड़ने के बाद उस विभाग के उच्चाधिकारियों और परिजनों को सूचना ही देनी होती है।लेकिन अधिकारियों ने फोन बंद कर लिए, परिजनों को सूचना दे दी।
कोट
अभिषेक ने नलकूप कनेक्शन लगवाने को कहा था। इसके लिए पांच हजार रुपये का चालान जमा होता है। वह पहले छह हजार रुपया मुझे दे चुका था। पांच हजार रुपये जरूरत होने पर वापस लिए थे। सोमवार को पांच हजार रुपया देने के ही लिए आया था। इसीलिए मैं एक हजार रुपया वापस कर रहा था। यह कोई रिश्वत नहीं चालान के पैसे थे। मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है।
आशुतोष कश्यप लिपिक विद्युत विभाग सिरसागंज
भ्रष्टाचार मिटाने को की शिकायत: अभिषेक
सिरसागंज के नगला खुशाली निवासी किसान अभिषेक ने कहा कि बिजली विभाग के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए शिकायत की। विभाग में बिना पैसे के कोई काम नहीं होता है। कम से कम अन्य कर्मचारी तो सबक लेंगे।
पहले फंस चुके हैं दो अधिकारी
फिरोजाबाद(ब्यूरो)।सरकारी विभागों में काम कराने के नाम पर रिश्वत लेने का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पूर्व तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेंद्रनाथ प्रताप को जिला मुख्यालय के निकट से मदरसा संचालक से ही रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया था। वहीं नारखी ब्लाक के तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी प्रवीन अग्रवाल को रिश्वत ही लेते पकड़ा था।