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पिपरौली के ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय में कैद किए गोवंश
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टूंडला/नगला बीच(फिरोजाबाद)। अब थाना नारखी के गांव पिपरौली में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे गोवंश को ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय में कैद कर दिया। एक के बाद एक ग्रामीणों के इस कार्य से प्रशासन में हड़कंप मचा रहा। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार व पुलिस फोर्स ने ग्रामीणों को समझाया। तब कहीं ग्रामीणों ने स्कूल से गोवंश को मुक्त किया। इस दौरान बच्चे स्कूल के बाहर खडे़े रहे।
पिपरौली के ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव में विगत रात को एक डीसीएम भरकर लगभग दो दर्जन से ज्यादा गोवंश कोई छोड़ गया है। उन्होंने एक ही रात में कई बीघा फसल उजाड़ दी। ग्रामीण सुबह खेतों की ओर गए तब उन्होंने गायों को फ़सल को नुकसान करते देखा। गुस्साए ग्रामीणों ने गोवंश की घेराबंदी कर गांव के प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया।
ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर नारखी व नगला बीच पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, परंतु ग्रामीण नहीं माना। ग्रामीणों की मांग थी कि विद्यालय में बंद गोवंशों को यहां से किसी अन्य स्थान पर सुरक्षित छुड़वाया जाए। इससे हमारी फसलों का नुकसान न हो। सूचना पर नायब तहसीलदार आशीष त्रिपाठी भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर विद्यालय का ताला खुलावाया।
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पिपरौली के प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों द्वारा गोवंश बंद कर तालाबंदी कर दी थी। स्कूल की प्रधानध्यापिका ज्योति राठौर विद्यालय पहुंची तो वहां की स्थिति देखकर हतप्रभ रह गईं। उन्होंने विद्यालय में बंद गोवंश की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। ग्रामीणों से गोवंश निकालने को कहा, किंतु उनकी किसी ने नहीं सुनी। ऐसे में उन्होंने पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से छात्रों को खुले में बैठा कर अध्ययन कार्य कराया।
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पिपरौली के ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव में विगत रात को एक डीसीएम भरकर लगभग दो दर्जन से ज्यादा गोवंश कोई छोड़ गया है। उन्होंने एक ही रात में कई बीघा फसल उजाड़ दी। ग्रामीण सुबह खेतों की ओर गए तब उन्होंने गायों को फ़सल को नुकसान करते देखा। गुस्साए ग्रामीणों ने गोवंश की घेराबंदी कर गांव के प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया।
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ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर नारखी व नगला बीच पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, परंतु ग्रामीण नहीं माना। ग्रामीणों की मांग थी कि विद्यालय में बंद गोवंशों को यहां से किसी अन्य स्थान पर सुरक्षित छुड़वाया जाए। इससे हमारी फसलों का नुकसान न हो। सूचना पर नायब तहसीलदार आशीष त्रिपाठी भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर विद्यालय का ताला खुलावाया।
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पिपरौली के प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों द्वारा गोवंश बंद कर तालाबंदी कर दी थी। स्कूल की प्रधानध्यापिका ज्योति राठौर विद्यालय पहुंची तो वहां की स्थिति देखकर हतप्रभ रह गईं। उन्होंने विद्यालय में बंद गोवंश की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। ग्रामीणों से गोवंश निकालने को कहा, किंतु उनकी किसी ने नहीं सुनी। ऐसे में उन्होंने पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से छात्रों को खुले में बैठा कर अध्ययन कार्य कराया।