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सवर्ण अत्याचार निवारण अधिनियम की मांग उठाई
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:45 PM IST
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फिरोजाबाद। भारतीय सवर्ण संगठन ने एससी/एक्ट का दुरूपयोग रोकने एवं अनुसूचित जाति जन जाति उत्पीड़न निरोधक अधिनियम के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिका वापस लेने की मांग की है।
जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम भेजे ज्ञापन में भारतीय सवर्ण संगठन ने सरकार से एससी/एसटी एक्ट के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का सम्मान करते हुए पुनर्विचार याचिका वापस लेने, जातिगत आरक्षण व्यवस्था खत्म करने के अलावा सवर्ण अत्याचार निवारण अधिनियम बनाने की मांग की है।
सवर्ण संगठन ने कहा है कि जाति गत आरक्षण के कारण भ्रष्टाचार बढ़ने से सवर्ण समाज के मेधावी मानसिक अवसाद की ओर बढ़ रहे हैं। कौशल किशोर उपाध्याय, हरी सिंह तोमर, शीलेद्र सिंह चौहान, अवधेश प्रताप जादौन, पंडित दिनेश वशिष्ठ, केके शर्मा, रविद्र सिंह परिहार, निशांत चौहान, अभिषेक उपाध्याय मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम भेजे ज्ञापन में भारतीय सवर्ण संगठन ने सरकार से एससी/एसटी एक्ट के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का सम्मान करते हुए पुनर्विचार याचिका वापस लेने, जातिगत आरक्षण व्यवस्था खत्म करने के अलावा सवर्ण अत्याचार निवारण अधिनियम बनाने की मांग की है।
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सवर्ण संगठन ने कहा है कि जाति गत आरक्षण के कारण भ्रष्टाचार बढ़ने से सवर्ण समाज के मेधावी मानसिक अवसाद की ओर बढ़ रहे हैं। कौशल किशोर उपाध्याय, हरी सिंह तोमर, शीलेद्र सिंह चौहान, अवधेश प्रताप जादौन, पंडित दिनेश वशिष्ठ, केके शर्मा, रविद्र सिंह परिहार, निशांत चौहान, अभिषेक उपाध्याय मौजूद रहे।
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