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भाजपा के अमोल बने जिला पंचायत अध्यक्ष
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:43 PM IST
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फिरोजाबाद। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी और जसराना के पूर्व विधायक रामवीर यादव के पुत्र अमोल यादव का गुरुवार को निर्विरोध निर्वाचन हो गया। जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा शर्मा ने उन्हें प्रमाणपत्र दिया। इस दौरान पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह सहित जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता मौजूद थे।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी अमोल यादव ने 12 मार्च को जिला मुख्यालय स्थित डीएम न्यायालय कक्ष में नामांकन दाखिल किया था। सपा प्रत्याशी के रूप में निर्मला यादव नामांकन दाखिल करने पहुंची थी लेकिन उनके अभिलेख अधूरे होने के कारण नामांकन नहीं हो सका था। सपा नेताओं का आरोप था कि प्रशासन ने नामांकन नहीं होने दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए एक ही नामांकन दाखिल होने के ही कारण अमोल यादव का निर्विरोध निर्वाचन होना पहले दिन तय हो गया था। लेकिन नाम वापसी का समय 15 मार्च को दोपहर तीन बजे तक था।
डीएम ने नाम वापसी का समय पूरा होने के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तीन बजे के बाद अमोल यादव को अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र सौंपा। इस दौरान पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, पूर्व विधायक जसराना रामवीर यादव, भाजपा महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता, चंद्रसेन जादौन, इंजीनियर अतुल प्रताप सिंह, सुमित प्रताप सिंह, उदय ठाकुर, चंद्रमोहन चक्रवर्ती, आदित्य यादव, पिंकी चक, केडी जाटव, सुरेंद्र राठौर, अंकित तिवारी मौजूद थे। इस दौरान अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आरबी मिश्रा एवं स्टाफ के द्वारा नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमोल यादव को बुके भेंटकर और माला पहनाकर स्वागत किया।
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प्रमाणपत्र डीएम को अपने न्यायालय कक्ष में ही देना था। इस दौरान न्यायालय कक्ष के बाहर काफी फोस तैनात रहा। हालांकि काफी संख्या में भाजपाई कक्ष के ही अंदर प्रवेश कर गए लेकिन एसपी देहात महेंद्र सिंह ने वहां पहुंचकर व्यवस्था को संभाला। प्रमाणपत्र मिलने के साथ ही समर्थकों ने कलक्ट्रेट के बाहर अमोल यादव के जिंदाबाद के नारे लगाने के साथ पूर्व मंत्री ठा. जयवीर सिंह और पूर्व विधायक रामवीर यादव, भाजपा जिंदाबाद के नारे समर्थक लगा रहे थे।
फिरोजाबाद। अमोल यादव ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर संभालने के बाद समूचे जिले में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जाएंगे। हमारा प्रयास होगा हर जिला पंचायत के सदस्य के क्षेत्र में विकास हो। पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ जांच पूरी करने के बाद ही सदस्यता को समाप्त किया है।
अमोल यादव खांटी समाजवादी परिवार से जुड़े रहे हैं। उनके पिता रामवीर यादव चार बार सपा से ही जसराना से विधायक बने। मुलायम सिंह और शिवपाल यादव के काफी करीब रहे। अमोल यादव भी सपा के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य बने। वह सपा के जिलाध्यक्ष भी रहे। चुनाव से पूर्व सैफई परिवार में जिस तरह की जंग शुरू हुई इसका असर रामवीर पर भी पड़ा। चार बार विधायक रहने के बाद भी सपा ने जसराना से उनका टिकट काट दिया।
शिवपाल यादव को जब प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया तब अमोल यादव की भी जिलाध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी गई। टिकट काटे जाने पर रामवीर यादव ने सपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा। यहीं से उनके रास्ते अलग हो गए और राजनीति के सफर में वह नया घर तलाशने लगे थे। सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप यादव के खिलाफ जब अविश्वास प्रस्ताव लाया गया तब रामवीर खुलकर भाजपा के साथ आ गए। उनके बेटे अमोल यादव को जब अध्यक्ष बनाने की मुहिम शुरू हुई तो रामवीर पूर्व मंत्री जयवीर सिंह यादव के आवास पर बेटे के साथ भाजपा में शामिल हो गए।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी अमोल यादव ने 12 मार्च को जिला मुख्यालय स्थित डीएम न्यायालय कक्ष में नामांकन दाखिल किया था। सपा प्रत्याशी के रूप में निर्मला यादव नामांकन दाखिल करने पहुंची थी लेकिन उनके अभिलेख अधूरे होने के कारण नामांकन नहीं हो सका था। सपा नेताओं का आरोप था कि प्रशासन ने नामांकन नहीं होने दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए एक ही नामांकन दाखिल होने के ही कारण अमोल यादव का निर्विरोध निर्वाचन होना पहले दिन तय हो गया था। लेकिन नाम वापसी का समय 15 मार्च को दोपहर तीन बजे तक था।
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डीएम ने नाम वापसी का समय पूरा होने के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तीन बजे के बाद अमोल यादव को अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र सौंपा। इस दौरान पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, पूर्व विधायक जसराना रामवीर यादव, भाजपा महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता, चंद्रसेन जादौन, इंजीनियर अतुल प्रताप सिंह, सुमित प्रताप सिंह, उदय ठाकुर, चंद्रमोहन चक्रवर्ती, आदित्य यादव, पिंकी चक, केडी जाटव, सुरेंद्र राठौर, अंकित तिवारी मौजूद थे। इस दौरान अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आरबी मिश्रा एवं स्टाफ के द्वारा नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमोल यादव को बुके भेंटकर और माला पहनाकर स्वागत किया।
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प्रमाणपत्र डीएम को अपने न्यायालय कक्ष में ही देना था। इस दौरान न्यायालय कक्ष के बाहर काफी फोस तैनात रहा। हालांकि काफी संख्या में भाजपाई कक्ष के ही अंदर प्रवेश कर गए लेकिन एसपी देहात महेंद्र सिंह ने वहां पहुंचकर व्यवस्था को संभाला। प्रमाणपत्र मिलने के साथ ही समर्थकों ने कलक्ट्रेट के बाहर अमोल यादव के जिंदाबाद के नारे लगाने के साथ पूर्व मंत्री ठा. जयवीर सिंह और पूर्व विधायक रामवीर यादव, भाजपा जिंदाबाद के नारे समर्थक लगा रहे थे।
फिरोजाबाद। अमोल यादव ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर संभालने के बाद समूचे जिले में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जाएंगे। हमारा प्रयास होगा हर जिला पंचायत के सदस्य के क्षेत्र में विकास हो। पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ जांच पूरी करने के बाद ही सदस्यता को समाप्त किया है।
अमोल यादव खांटी समाजवादी परिवार से जुड़े रहे हैं। उनके पिता रामवीर यादव चार बार सपा से ही जसराना से विधायक बने। मुलायम सिंह और शिवपाल यादव के काफी करीब रहे। अमोल यादव भी सपा के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य बने। वह सपा के जिलाध्यक्ष भी रहे। चुनाव से पूर्व सैफई परिवार में जिस तरह की जंग शुरू हुई इसका असर रामवीर पर भी पड़ा। चार बार विधायक रहने के बाद भी सपा ने जसराना से उनका टिकट काट दिया।
शिवपाल यादव को जब प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया तब अमोल यादव की भी जिलाध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी गई। टिकट काटे जाने पर रामवीर यादव ने सपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा। यहीं से उनके रास्ते अलग हो गए और राजनीति के सफर में वह नया घर तलाशने लगे थे। सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप यादव के खिलाफ जब अविश्वास प्रस्ताव लाया गया तब रामवीर खुलकर भाजपा के साथ आ गए। उनके बेटे अमोल यादव को जब अध्यक्ष बनाने की मुहिम शुरू हुई तो रामवीर पूर्व मंत्री जयवीर सिंह यादव के आवास पर बेटे के साथ भाजपा में शामिल हो गए।