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कोहरे में ब्लैक आउट्, 18 घंटे गुल रही बिजली
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:14 PM IST
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फिरोजाबाद। घने कोहरे का सितम बढ़ता जा रहा है। गुरुवार रात में कोहरे के कारण पूरे शहर में ब्लैक आउट हो गया। शहर के मुख्य चौराहे, बाजार, गली-मोहल्ले अंधरे में डूब गए। फाल्ट खोजने को रात भर अफसर और कर्मचारी दौड़ते रहे। हाइवे पर पेट्रोलिंग कराई, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
नववर्ष के पहले दिन से सुहागनगरी में कोहरे की घनी चादर तनी है। इसके चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। कोहरे के कारण गुरुवार शाम पूरा शहर अंधरे में डूब गया। विद्युत पोलों पर लगे इंसुलेटर में पंचर होने से 33 केवीए की लाइन ब्रेकडाउन में चली गई। रात करीब नौ बजे शहर के एसएन, गांधीपार्क, सुहाग नगर, इंडस्ट्रियल, पुरुषोत्तम बिहार, लेबर कालोनी, रामनगर, रसूलपुर सबस्टेशन ब्रेकडाउन में चले गए। इसके चलते याहर में ब्लैक आउट हो गया। शहर के हर गली-मोहल्ले, चौराहा, हाइवे, सर्विस रोड हर जगह अंधेरा छा गया।
विद्युत विभाग के अफसर टीमाें के साथ फाल्ट खोजने रात में घंटों दौड़े। हाइवे पर पेट्रोलिंग कराई, लेकिन फाल्ट नहीं मिला। सुबह तक लगभग पूरा शहर अंधरे में डूब चुका था। सुबह से विद्युत टीमें दोबारा हाइवे पर पेट्रोलिंग करने दौड़ती नजर आईं। घना कोहरा एवं गलन भरी सर्दी में एक-एक पोल के इंसुलेटर चेक किए गए। हाइवे पर आधा दर्जन स्थानों पर इंसुलेटर खराब मिलने पर बदला गए। तब जाकर दोपहर करीब एक बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
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एक्सईएन आरपी वर्मा ने बताया कि सुबह पांच तक पेट्रोलिंग क राई गई। कुछ इंसुलेटर खराब मिले। उन्हें बदलने पर भी लाइन चालू नहीं हुई। घने कोहरे में लाइनें ट्रिप हो रहीं थी। खराब इंसुलेटर बदलने पर दोबार 12 बजे के बाद बिजली आपूर्ति शुरु कराई गई।
घने कोहरे के कारण शहर ही नहीं, बल्कि देहात क्षेत्रों में भी बिजली का संकट रहा। कोहरे के कारण नारखी, कोटला, यूपीएसआईडीसी, करकौली, रैपुरा, नगला चूरा, लुहारी, मटसैना, उड़ेसर, नगला खंगर, नसीरपुर, पैंडल, उखांड सहित कई फीडर घंटों ब्रेकडाउन में रहने से ग्रामीणों को बिजली संकट से जूझना पड़ा।
लाइनों पर लगातार फाल्ट होने के कारण लेबर कालोनी सबस्टेशन की ओसीबी मशीन में रात दो बजे तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो गई। रात तीन बजे करीब सुहागनगर सबस्टेशन पर भी मशीन में फाल्ट हो गया। मशीन में इतना तेज ब्लास्ट हुआ, जिससे पूरी मशीन काली पड़ गईं। शुक्रवार को सुबह तक आपूर्ति ठप रही। विद्युत टीमें ने सबस्टेशन पर पहुंच कर मशीनों की मेंटीनेंस कार्य का शुरू किया। दोपहर तक टीमें कार्य में जुटी रहीं।
पूरे शहर में रात भर बिजली गायब रहने से शुक्रवार को पेयजल संकट खड़ा हो गया। रानीनगर, द्वारिकापुरी, कोटला रोड, संतोष नगर, इंद्रा कालोनी, बघेल कालोनी, चौकी गेट वाल्मीकि बस्ती, जैन धर्मशाला, हिमायूंपुर बगीची, हिमायूंपुर नाला, सुहागनगर, बिलाल नगर, छतरीवाला कुआं, हाजीपुरा, कटरा मोहल्ला, सैलई अंबेडकर पार्क, न्यू अंबेडकर नगर, आकाशवाणी रोड, मायापुरी सहित अन्य मोहल्लों में टैंकरों से आपूर्ति की गई। टैंकर पहुंचते ही पानी के लिए लोगों में मारामारी का आलम दिखा।
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नववर्ष के पहले दिन से सुहागनगरी में कोहरे की घनी चादर तनी है। इसके चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। कोहरे के कारण गुरुवार शाम पूरा शहर अंधरे में डूब गया। विद्युत पोलों पर लगे इंसुलेटर में पंचर होने से 33 केवीए की लाइन ब्रेकडाउन में चली गई। रात करीब नौ बजे शहर के एसएन, गांधीपार्क, सुहाग नगर, इंडस्ट्रियल, पुरुषोत्तम बिहार, लेबर कालोनी, रामनगर, रसूलपुर सबस्टेशन ब्रेकडाउन में चले गए। इसके चलते याहर में ब्लैक आउट हो गया। शहर के हर गली-मोहल्ले, चौराहा, हाइवे, सर्विस रोड हर जगह अंधेरा छा गया।
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विद्युत विभाग के अफसर टीमाें के साथ फाल्ट खोजने रात में घंटों दौड़े। हाइवे पर पेट्रोलिंग कराई, लेकिन फाल्ट नहीं मिला। सुबह तक लगभग पूरा शहर अंधरे में डूब चुका था। सुबह से विद्युत टीमें दोबारा हाइवे पर पेट्रोलिंग करने दौड़ती नजर आईं। घना कोहरा एवं गलन भरी सर्दी में एक-एक पोल के इंसुलेटर चेक किए गए। हाइवे पर आधा दर्जन स्थानों पर इंसुलेटर खराब मिलने पर बदला गए। तब जाकर दोपहर करीब एक बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
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एक्सईएन आरपी वर्मा ने बताया कि सुबह पांच तक पेट्रोलिंग क राई गई। कुछ इंसुलेटर खराब मिले। उन्हें बदलने पर भी लाइन चालू नहीं हुई। घने कोहरे में लाइनें ट्रिप हो रहीं थी। खराब इंसुलेटर बदलने पर दोबार 12 बजे के बाद बिजली आपूर्ति शुरु कराई गई।
घने कोहरे के कारण शहर ही नहीं, बल्कि देहात क्षेत्रों में भी बिजली का संकट रहा। कोहरे के कारण नारखी, कोटला, यूपीएसआईडीसी, करकौली, रैपुरा, नगला चूरा, लुहारी, मटसैना, उड़ेसर, नगला खंगर, नसीरपुर, पैंडल, उखांड सहित कई फीडर घंटों ब्रेकडाउन में रहने से ग्रामीणों को बिजली संकट से जूझना पड़ा।
लाइनों पर लगातार फाल्ट होने के कारण लेबर कालोनी सबस्टेशन की ओसीबी मशीन में रात दो बजे तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो गई। रात तीन बजे करीब सुहागनगर सबस्टेशन पर भी मशीन में फाल्ट हो गया। मशीन में इतना तेज ब्लास्ट हुआ, जिससे पूरी मशीन काली पड़ गईं। शुक्रवार को सुबह तक आपूर्ति ठप रही। विद्युत टीमें ने सबस्टेशन पर पहुंच कर मशीनों की मेंटीनेंस कार्य का शुरू किया। दोपहर तक टीमें कार्य में जुटी रहीं।
पूरे शहर में रात भर बिजली गायब रहने से शुक्रवार को पेयजल संकट खड़ा हो गया। रानीनगर, द्वारिकापुरी, कोटला रोड, संतोष नगर, इंद्रा कालोनी, बघेल कालोनी, चौकी गेट वाल्मीकि बस्ती, जैन धर्मशाला, हिमायूंपुर बगीची, हिमायूंपुर नाला, सुहागनगर, बिलाल नगर, छतरीवाला कुआं, हाजीपुरा, कटरा मोहल्ला, सैलई अंबेडकर पार्क, न्यू अंबेडकर नगर, आकाशवाणी रोड, मायापुरी सहित अन्य मोहल्लों में टैंकरों से आपूर्ति की गई। टैंकर पहुंचते ही पानी के लिए लोगों में मारामारी का आलम दिखा।