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आगरा के लाल की अस्थियां हरि की पैड़ी में की विसर्जित
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आगरा के लाल की अस्थियां हरि की पैड़ी में की विसर्जित
- फोटो : अमर उजाला
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सोरों (आगरा)। अरुणाचल प्रदेश में 31 मई को उग्रवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए आगरा के लाल सैनिक अमित चतुर्वेदी की अस्थियां तीर्थ नगरी लायी गयी। जहां हरि की पैड़ी में उनका विसर्जन किया गया।
आगरा के थाना अकोला के ग्राम बीसलपुर निवासी शहीद अमित के बड़े भाई सुमित चतुर्वेदी एवं उनका जुड़वा भाई अरुण चतुर्वेदी उनकी अस्थियों को लेकर तीर्थ नगरी पहुंचे। जहां तीर्थ पुरोहित अनिल वशिष्ठ ने विधि विधान पूर्वक अस्थि विसर्जन कराकर अस्थियां हरि की पैड़ी में प्रवाहित कराईं। उनकी आत्मा की शांति के लिए पूजा की गई। शहीद के भाई सुमित ने बताया कि शहीद अमित पांच वर्ष पूर्व सेना में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी तैनाती पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश में थी। पिता रामवीर सेना से सेवानिवृत्त हैं। बड़े भाई सुमित चतुर्वेदी लद्दाख में तैनात हैं। शहीद हुए सैनिक अमित का जुड़वा भाई अरुण चतुर्वेदी देहरादून में तैनात हैं। शहीद का अंतिम संस्कार उसके भतीजे वंश ने मुखाग्नि देकर किया।
जन्म दिन पर ही ली शहीद ने अंतिम सांस
सोरों। अरुणाचल प्रदेश में उग्रवादियों से लोहा लेते हुए 31 मई को सैनिक अमित चतुर्वेदी शहीद हुए थे। उनके भाई ने बताया कि 31 मई को ही उनका जन्म दिन भी था। शहीद अमित इस दिन वह 24 वर्ष के पूरे हुए थे।
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आगरा के थाना अकोला के ग्राम बीसलपुर निवासी शहीद अमित के बड़े भाई सुमित चतुर्वेदी एवं उनका जुड़वा भाई अरुण चतुर्वेदी उनकी अस्थियों को लेकर तीर्थ नगरी पहुंचे। जहां तीर्थ पुरोहित अनिल वशिष्ठ ने विधि विधान पूर्वक अस्थि विसर्जन कराकर अस्थियां हरि की पैड़ी में प्रवाहित कराईं। उनकी आत्मा की शांति के लिए पूजा की गई। शहीद के भाई सुमित ने बताया कि शहीद अमित पांच वर्ष पूर्व सेना में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी तैनाती पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश में थी। पिता रामवीर सेना से सेवानिवृत्त हैं। बड़े भाई सुमित चतुर्वेदी लद्दाख में तैनात हैं। शहीद हुए सैनिक अमित का जुड़वा भाई अरुण चतुर्वेदी देहरादून में तैनात हैं। शहीद का अंतिम संस्कार उसके भतीजे वंश ने मुखाग्नि देकर किया।
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जन्म दिन पर ही ली शहीद ने अंतिम सांस
सोरों। अरुणाचल प्रदेश में उग्रवादियों से लोहा लेते हुए 31 मई को सैनिक अमित चतुर्वेदी शहीद हुए थे। उनके भाई ने बताया कि 31 मई को ही उनका जन्म दिन भी था। शहीद अमित इस दिन वह 24 वर्ष के पूरे हुए थे।
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