फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   दो वर्ष बीते, 20 फीसदी ही हुआ काम

दो वर्ष बीते, 20 फीसदी ही हुआ काम

Thu, 01 Nov 2018 10:38 PM IST
Updated Thu, 01 Nov 2018 10:38 PM IST
विज्ञापन
दो वर्ष बीते, 20 फीसदी ही हुआ  काम
मैनपुरी। सपा सरकार ने शिकोहाबाद से भोगांव के सफर को सुहाना करने के लिए फोरलेन की मंजूरी दी थी। इससे लोगों ने जल्द इस रोड पर फर्राटा भरने की उम्मीद शुरू कर दी थी, लेकिन खोदी पड़ी सड़क अब लोगों को दर्द दे रही है। धूल के गुबार में जैसे वाहन कहीं गुम हो जाते हैं। आगे पता ही नहीं चलता है कि कहां सड़क है और कहां गड्ढा है। ऐसे में इस रोड पर दुर्घटनाओं का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। जिम्मेदार केवल राहगीरों की मुश्किलों का तमाशा देख रहे हैं।
विज्ञापन


कभी मैनपुरी से आगरा को जोड़ने के लिए भोगांव-शिकोहाबाद स्टेट हाइवे ही एकमात्र साधन था। दो लेन का ये हाइवे एक बड़े ट्रैफिक को झेलता था। इसी को देखते हुए सपा सरकार ने इसे फोरलेन करने के लिए दिसंबर 2016 में हरी झंडी दी थी। आनन-फानन में इसका काम भी शुरू हो गया। सूबे की सत्ता पलटते ही काम पर ब्रेक लग गया। ये ब्रेक ऐसा लगा कि फिर दोबारा ये काम पूरी स्पीड नहीं पकड़ सका। मैनपुरी जिले में इस हाइवे का 37.86 किलोमीटर क्षेत्र है, जिसे फोरलेन किया जाना है। इसके लिए शासन ने कुल 292.44 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी। इस धनराशि में से 77.92 करोड़ धनराशि अवमुक्त भी हो चुकी है, लेकिन काम की अगर बात करें तो फोरलेन पर बस नाम को काम हो रहा है।
विज्ञापन


अब तक केवल 20 फीसदी कार्य ही पूरा हो सका है। चौंकाने वाली बात ये है कि फोरलेन का निर्माण दिसंबर 2017 में ही पूरा होना था, लेकिन इसके बाद एक साल का समय और बीत चुका है। फिर भी निर्माण कार्य आधा भी नहीं हो सका। अब इसे पूरा करने के लिए एक साल का और समय मांगा गया है। दो साल में जब काम 20 फीसदी ही हो सका है तो ऐसे में बाकी बचा 80 फीसदी कार्य एक साल में कैसे पूरा होगा ये तो कोई नहीं जानता।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाईपास के लिए नहीं हो सका भूमि अधिग्रहण
मैनपुरी-शिकोहाबाद फोरलेन पर घिरोर में बाईपास का निर्माण किया जाना है। साढ़े छह किलोमीटर के इस बाईपास को बनाने के लिए अब तक भूमि का अधिग्रहण नहीं हो सका है। ऐसे में अगर फोरलेन का काम पूरा हो भी गया तो ये बाईपास परियोजना में रोड़ा अटकाएगा।

पेड़ों का कटान और पोल शिफ्टिंग भी है बाकी
फोरलेन के निर्माण के लिए आरक्षित वन क्षेत्र में लगे पेड़ों के कटान के साथ ही बिजली के खंभे और पानी की पाइप लाइन की भी शिफ्टिंग कराई जानी है। इसमें 24.29 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र से कुल 4645 पेड़ों का कटान किया जाना है। जबकि 400 बिजली के पोल और भोगांव में पानी की पाइप लाइन हटाई जानी है। अब तक पेड़ों के कटान और पानी की पाइप लाइन की शिफ्टिंग का काम शुरू भी नहीं हो सका है।

पांच सेतुओं का भी होना है निर्माण
भोगांव से घिरोर तक फोरलेन के निर्माण में पांच सेतुओं का निर्माण भी होना है। इसमें से दो सेतु कानपुर ब्रांच नहर, दो सेतु इटावा ब्रांच नहर व एक सेतु अरिंद नदी पर बनना है। लोक निर्माण विभाग ही इन सेतुओं को बनाने का काम कर रहा है। अब तक केवल अरिंद नदी पर बनने वाले सेतु का काम ही प्रारंभ हुआ है। बाकी चार सेतुओं के निर्माण के लिए कोई पहल नहीं की गई है।


जल्द से जल्द फोरलेन के निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। वन निगम को पेड़ों के कटान और जल निगम को पाइप लाइन शिफ्टिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पेड़ों का कटान होते ही काम में तेजी नजर आएगी।
वीरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, मैनपुरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed