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स्कूल में रह गईं महज छह छात्राएं
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:37 PM IST
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स्कूल में रह गईं महज छह छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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अवागढ़। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को सन्नाटा पसरा रहा। स्कूल की छात्राएं फूड प्वाइजनिंग की शिकार होने के बाद अस्पताल से सीधे घर चली गईं। विद्यालय में महज छह छात्राओं ने पढ़ाई की। शुक्रवार की घटना के बाद खाने की गुणवत्ता में सुधार नजर आया।
कस्बा के आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को महज छह छात्राएं ही रह गईं। वहीं वार्डन आगरा में भर्ती बच्चों के साथ थीं। इस दौरान छात्राओं को सुबह नाश्ते में पोहा और चाय, दोपहर को खाने में आलू की सब्जी, खीर, रोटी और चावल दिए गए।
जबकि विद्यालय में लगा वाटर कूलर खराब पड़ा रहा। शनिवार को विद्यालय में मौजूद छह छात्राएं पलक, सीमा, भारती, संगीता, वंदना और सोनम को चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। इसमें छात्राओं का स्वास्थ्य सामान्य पाया गया। वहीं विद्यालय मेें जिला अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव की देखरेख में भोजन बनाया गया। इस दौरान चार शिक्षिकाओं के साथ प्रभारी वार्डन ने व्यवस्थाएं संभालीं।
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वहीं अधिकांश छात्राओं को परिजन शनिवार को अस्पताल से सीधे घर ले गए। वहीं 19 मार्च से विद्यालय में वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन होना है। ऐसे में विद्यालय स्टाफ असमंजस में है।
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कस्बा के आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को महज छह छात्राएं ही रह गईं। वहीं वार्डन आगरा में भर्ती बच्चों के साथ थीं। इस दौरान छात्राओं को सुबह नाश्ते में पोहा और चाय, दोपहर को खाने में आलू की सब्जी, खीर, रोटी और चावल दिए गए।
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जबकि विद्यालय में लगा वाटर कूलर खराब पड़ा रहा। शनिवार को विद्यालय में मौजूद छह छात्राएं पलक, सीमा, भारती, संगीता, वंदना और सोनम को चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। इसमें छात्राओं का स्वास्थ्य सामान्य पाया गया। वहीं विद्यालय मेें जिला अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव की देखरेख में भोजन बनाया गया। इस दौरान चार शिक्षिकाओं के साथ प्रभारी वार्डन ने व्यवस्थाएं संभालीं।
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वहीं अधिकांश छात्राओं को परिजन शनिवार को अस्पताल से सीधे घर ले गए। वहीं 19 मार्च से विद्यालय में वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन होना है। ऐसे में विद्यालय स्टाफ असमंजस में है।