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शव आते ही गांव में मचा कोहराम
Updated Wed, 07 Mar 2018 11:34 PM IST
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फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। मंगलवार देर शाम निर्माणाधीन दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। बुधवार को राज मिस्त्री का शव गांव नगला प्रभु पहुंचा तो परिवार में चीख पुकार मच गई। गमगीन माहौल में परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
मंगलवार को विवादित जमीन पर एक पक्ष ने निर्माण कार्य कराया था, लेकिन जल्दबाजी में कराए जा रहे निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देने से चिनाई के दौरान अचानक दीवार भरभरा कर गिरने से चिनाई कर रहे राज मिस्त्री चंद्रपाल (36) की मलवे में दबकर मौत हो गई। जबिक निर्माण कार्य करा रहे जितेंद्र और उसका भाई दिलीप घायल हो गए।
हादसे की सूचना पर प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। बुधवार दोपहर पीएम के बाद मिस्त्री का शव गांव नगला प्रभु पहुंचा तो परिवार में चीख पुकार मच गई। मृतक की पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चे विलाप करने लगे। युवक की बूढ़ी मां बेटे के शव पर विलाप करती दिखी तो आंखें नम हो गईं। मृतक के परिवार ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
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एसडीएम अंबरीश कुमार बिंद ने बताया कि मृतक को पारिवारिक लाभ योजना, श्रमिक एवं किसान बीमा योजना में मिलने वाले लाभ परिवार को दिलाया जाएगा। जिसमें 20 हजार और पांच लाख रुपये शामिल हैं। उन्होंने बताया पीएम रपोर्ट आने के बाद प्रक्रिया पूरी कर मृतक के परिजनों को लाभान्वित किया जाएगा। क्षेत्रीय लेखपाल को लगा दिया है। उन्होंने कहा विवादित भूमि पर निर्माण रुकवाने के बाद भी निर्माण हो रहा था। जांच कराई जा रही है। लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है।
पीड़ित पक्ष विकलांग सुभाष चंद्र निवासी नगला भूड़ा ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने कहा है कि गाटा संख्या 44 और 43 का मामला कोर्ट में लंबित है। 15 मार्च को बहस होनी है। लेकिन प्रतिवादी दबंगई से भूमि पर पिलर लगा कर निर्माण कर कब्जा कर रहा है। पीड़ित ने बताया कि आठ फरवरी को कोर्ट ने एसओ को अवैध निर्माण नहीं होने देने का आदेश दिया था,
लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीें होने पर प्रतिवादी ने निर्माण शुरु कर दिया। पांच मार्च को डीएम से मिल कर निर्माण रोकने की गुहार लगाई। एसडीएम ने पुलिस को निर्माण रुकवाने के निर्देश दिए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिस सक्रियता दिखाती तो हादसा नहीं होता।
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मंगलवार को विवादित जमीन पर एक पक्ष ने निर्माण कार्य कराया था, लेकिन जल्दबाजी में कराए जा रहे निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देने से चिनाई के दौरान अचानक दीवार भरभरा कर गिरने से चिनाई कर रहे राज मिस्त्री चंद्रपाल (36) की मलवे में दबकर मौत हो गई। जबिक निर्माण कार्य करा रहे जितेंद्र और उसका भाई दिलीप घायल हो गए।
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हादसे की सूचना पर प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। बुधवार दोपहर पीएम के बाद मिस्त्री का शव गांव नगला प्रभु पहुंचा तो परिवार में चीख पुकार मच गई। मृतक की पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चे विलाप करने लगे। युवक की बूढ़ी मां बेटे के शव पर विलाप करती दिखी तो आंखें नम हो गईं। मृतक के परिवार ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
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एसडीएम अंबरीश कुमार बिंद ने बताया कि मृतक को पारिवारिक लाभ योजना, श्रमिक एवं किसान बीमा योजना में मिलने वाले लाभ परिवार को दिलाया जाएगा। जिसमें 20 हजार और पांच लाख रुपये शामिल हैं। उन्होंने बताया पीएम रपोर्ट आने के बाद प्रक्रिया पूरी कर मृतक के परिजनों को लाभान्वित किया जाएगा। क्षेत्रीय लेखपाल को लगा दिया है। उन्होंने कहा विवादित भूमि पर निर्माण रुकवाने के बाद भी निर्माण हो रहा था। जांच कराई जा रही है। लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है।
पीड़ित पक्ष विकलांग सुभाष चंद्र निवासी नगला भूड़ा ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने कहा है कि गाटा संख्या 44 और 43 का मामला कोर्ट में लंबित है। 15 मार्च को बहस होनी है। लेकिन प्रतिवादी दबंगई से भूमि पर पिलर लगा कर निर्माण कर कब्जा कर रहा है। पीड़ित ने बताया कि आठ फरवरी को कोर्ट ने एसओ को अवैध निर्माण नहीं होने देने का आदेश दिया था,
लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीें होने पर प्रतिवादी ने निर्माण शुरु कर दिया। पांच मार्च को डीएम से मिल कर निर्माण रोकने की गुहार लगाई। एसडीएम ने पुलिस को निर्माण रुकवाने के निर्देश दिए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिस सक्रियता दिखाती तो हादसा नहीं होता।