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किसानों को राहत: आलू की कीमत आठ रुपये प्रति किलो
Updated Mon, 26 Feb 2018 12:08 AM IST
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potato
- फोटो : amar ujala
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कासगंज। आलू की बेकदरी से तंग आकर एक माह पूर्व सड़कों पर आलू फेंका जा रहा था। किसान भी आलू की फसल को लेकर काफी निराश थे। ऐसी स्थिति में किसानों के लिए यह राहत की बात है। आलू भंडारण के समय आलू की कीमतों में अच्छा इजाफा हुआ है। इस समय किसानों का आलू आठ रुपये किलो थोक के भाव में बिक रहा है। आगे भी मूल्य वृद्धि की उम्मीद आलू किसानों और आलू कारोबारियों को है। शीतगृहों में आलू के भंडारण का काम भी खुदाई के साथ ही शुरू हुआ है।
जिले में करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की कम बुवाई होने के कारण कम से कम उत्पादन पर 20 फीसदी का असर रहने की उम्मीद की जा रही है। जिले में आलू की औसत बुवाई 5200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जाती है। आलू की मंदी के कारण अगैती आलू की फसल की बुवाई पिछड़ गई, लेकिन पिछैती फसल की बुवाई औसत के हिसाब से ही हुई।
आलू भंडारण के समय ही किसान के हाथ में आलू की आठ रुपये की कीमत आ रही है जिससे किसान उत्साहित हैं। आलू में निवेश करके यह कारोबारी बाजार मूल्य बढ़ने पर मुनाफा कमाएंगे। कारोबारी भी उत्साह के साथ आलू खरीद रहे हैं। जिससे आलू के भाव में उछाल बना हुआ है। सोरों इलाके के खेतों में आलू की खुदाई शुरू हो चुकी है। उद्यान विभाग भी भंडारण और बिक्री पर नजर बनाए हुए है।
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पहले जिले में 12 लाख आलू की बोरी के भंडारण की व्यवस्था शीतगृहों में थी, लेकिन अब तीन लाख बोरी आलू के भंडारण की क्षमता नए शीतगृहों के चालू होने से बढ़ी है। शीतगृह संचालक भी आलू किसानों के उत्पाद को कोल्ड स्टोर में सुरक्षित भंडारण के लिए सुविधाएं दे रहे हैं। जिससे किसान को खुद आलू का भंडारण करने के लिए दिक्कतों का सामना न करना पड़े। किसान रामभरोसे का कहना है कि आलू की पैदावार कम हुई है जिससे अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। ज्यादातर किसानों को पैसे की जरूरत रहती है। इस वजह से किसान खेतों पर ही अपना आलू बेच देते हैं।
जिले में शीतगृह के भंडारण की क्षमता बढ़ी है। उनकी यूनिट में किसानों का आलू अच्छा बना रहे इसके लिए नए तकनीकि से शीत गृह की स्थापना की गई है। मल्लाहनगर नगरीया के इलाके में अच्छी आलू की पैदावार होती है। किसानों को अच्छी कीमत मिल रही है। भविष्य में अच्छा मूल्य मिलने की उम्मीद है।
- निशिथ गर्ग, संचालक श्रीराम कोल्ड स्टोरेज
आलू की पैदावार 20 प्रतिशत प्रभावित हुई है। पिछले सत्र में आलू की मंदी के कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बार आलू में छोटे छोटे कारोबारी निवेश करने को उत्सुक हैं। जिससे आलू की कीमतों में उछाल आया है। थोक मंडी में भी आलू आठ रुपये किलो बिक रहा है।
- मुकेश शर्मा, संचालक राज कोल्ड स्टोरेज
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जिले में करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की कम बुवाई होने के कारण कम से कम उत्पादन पर 20 फीसदी का असर रहने की उम्मीद की जा रही है। जिले में आलू की औसत बुवाई 5200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जाती है। आलू की मंदी के कारण अगैती आलू की फसल की बुवाई पिछड़ गई, लेकिन पिछैती फसल की बुवाई औसत के हिसाब से ही हुई।
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आलू भंडारण के समय ही किसान के हाथ में आलू की आठ रुपये की कीमत आ रही है जिससे किसान उत्साहित हैं। आलू में निवेश करके यह कारोबारी बाजार मूल्य बढ़ने पर मुनाफा कमाएंगे। कारोबारी भी उत्साह के साथ आलू खरीद रहे हैं। जिससे आलू के भाव में उछाल बना हुआ है। सोरों इलाके के खेतों में आलू की खुदाई शुरू हो चुकी है। उद्यान विभाग भी भंडारण और बिक्री पर नजर बनाए हुए है।
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पहले जिले में 12 लाख आलू की बोरी के भंडारण की व्यवस्था शीतगृहों में थी, लेकिन अब तीन लाख बोरी आलू के भंडारण की क्षमता नए शीतगृहों के चालू होने से बढ़ी है। शीतगृह संचालक भी आलू किसानों के उत्पाद को कोल्ड स्टोर में सुरक्षित भंडारण के लिए सुविधाएं दे रहे हैं। जिससे किसान को खुद आलू का भंडारण करने के लिए दिक्कतों का सामना न करना पड़े। किसान रामभरोसे का कहना है कि आलू की पैदावार कम हुई है जिससे अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। ज्यादातर किसानों को पैसे की जरूरत रहती है। इस वजह से किसान खेतों पर ही अपना आलू बेच देते हैं।
जिले में शीतगृह के भंडारण की क्षमता बढ़ी है। उनकी यूनिट में किसानों का आलू अच्छा बना रहे इसके लिए नए तकनीकि से शीत गृह की स्थापना की गई है। मल्लाहनगर नगरीया के इलाके में अच्छी आलू की पैदावार होती है। किसानों को अच्छी कीमत मिल रही है। भविष्य में अच्छा मूल्य मिलने की उम्मीद है।
- निशिथ गर्ग, संचालक श्रीराम कोल्ड स्टोरेज
आलू की पैदावार 20 प्रतिशत प्रभावित हुई है। पिछले सत्र में आलू की मंदी के कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बार आलू में छोटे छोटे कारोबारी निवेश करने को उत्सुक हैं। जिससे आलू की कीमतों में उछाल आया है। थोक मंडी में भी आलू आठ रुपये किलो बिक रहा है।
- मुकेश शर्मा, संचालक राज कोल्ड स्टोरेज