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किशोरी के अपहरण में पति-पत्नी को कारावास
Updated Fri, 10 Nov 2017 08:00 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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मथुरा। किशोरी के अपहरण के मामले में अदालत ने पति-पत्नी को कारावास की सजा सुनाई है। पति को पांच साल की जेल काटनी होगी जबकि पत्नी को तीन साल जेल में बिताने होंगे।
सदर थाना क्षेत्र में 20 फरवरी 2005 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में वादी ने कहा था कि उसकी बेटी घर से बाजार के लिए गई थी लेकिन वह वापस नहीं लौटी। काफी ढूंढने पर भी नहीं मिली। मुहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि उसकी बेटी को शशि और उसके पति रवि उर्फ राजाराम के साथ मारुति कार में देखा गया था।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से अधिवक्ताओं ने बहस की। तर्क रखे। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने दोष सिद्ध होने पर शशि उर्फ रत्तो को तीन साल की कैद और तीन हजार का जुर्माना और रवि उर्फ राजाराम को पांच साल की कैद और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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न्यायालय ने खारिज की जमानत
मथुरा। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 17 अक्तूबर को स्कूल में अभिभावक बनकर छात्रा को लेने के एक मामले में गोविंद नगर निवासी रवि की जमानत खारिज कर दी है।
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सदर थाना क्षेत्र में 20 फरवरी 2005 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में वादी ने कहा था कि उसकी बेटी घर से बाजार के लिए गई थी लेकिन वह वापस नहीं लौटी। काफी ढूंढने पर भी नहीं मिली। मुहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि उसकी बेटी को शशि और उसके पति रवि उर्फ राजाराम के साथ मारुति कार में देखा गया था।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से अधिवक्ताओं ने बहस की। तर्क रखे। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने दोष सिद्ध होने पर शशि उर्फ रत्तो को तीन साल की कैद और तीन हजार का जुर्माना और रवि उर्फ राजाराम को पांच साल की कैद और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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न्यायालय ने खारिज की जमानत
मथुरा। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 17 अक्तूबर को स्कूल में अभिभावक बनकर छात्रा को लेने के एक मामले में गोविंद नगर निवासी रवि की जमानत खारिज कर दी है।