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गोमांस निर्यात बंद होने के साथ बने गो मंत्रालय
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:12 AM IST
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वृंदावन (मथुरा)। सुरभि ग्लोबल नैतिक शिक्षा केंद्र के तत्वावधान में होने वाली गौरक्षा अभियान यात्रा 2018 पर मंथन करने के लिए शुक्रवार को वंशीवट स्थित मलूकपीठ में संतों एवं नगरवासियों की बैठक हुई। इसमें गोरक्षा के लिए देश व्यापी आंदोलन खड़ा करने पर मंथन किया गया।
मलूक पीठाधीश्वर देवाचार्य राजेंद्रदास ने कहा कि गाय के लिए देश के सभी संतों, गोरक्षकों को एकजुट होने की जरूरत है। गोरक्षा के लिए सर्वप्रथम सरकार को गौमांस निर्यात बंद करने के साथ गो मंत्रालय बनाया जाना चाहिए।
गीतामनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि राज्य स्तर पर गाय के लिए अलग से आयोग कुछ राज्यों में चल रहे है लेकिन उनका सही से कार्य न करना समस्या है। आज गोरक्षा के लिए कार्यरत समूहों को संगठित करने की जरूरत है।
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केंद्र संयोजक स्वामी नारायण दास ने कहा गोरक्षा के लिए जिला, राज्य और राष्ट्र स्तर पर गोपालकों का समूह तैयार किया जा रहा है। मार्च 2018 में निकलने वाली गोरक्षा अभियान यात्रा को लेकर 200 जिलों में हो रही हैं।
इस मौके पर स्वामी रामानंद सरस्वती, स्वामी नवलगिरी, महंत फूलडोल बिहारीदास , महंत आदित्यानंद, राधाकांत शास्त्री, गोपेश बाबा, हरिबोल बाबा मौजूद रहे।
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मलूक पीठाधीश्वर देवाचार्य राजेंद्रदास ने कहा कि गाय के लिए देश के सभी संतों, गोरक्षकों को एकजुट होने की जरूरत है। गोरक्षा के लिए सर्वप्रथम सरकार को गौमांस निर्यात बंद करने के साथ गो मंत्रालय बनाया जाना चाहिए।
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गीतामनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि राज्य स्तर पर गाय के लिए अलग से आयोग कुछ राज्यों में चल रहे है लेकिन उनका सही से कार्य न करना समस्या है। आज गोरक्षा के लिए कार्यरत समूहों को संगठित करने की जरूरत है।
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केंद्र संयोजक स्वामी नारायण दास ने कहा गोरक्षा के लिए जिला, राज्य और राष्ट्र स्तर पर गोपालकों का समूह तैयार किया जा रहा है। मार्च 2018 में निकलने वाली गोरक्षा अभियान यात्रा को लेकर 200 जिलों में हो रही हैं।
इस मौके पर स्वामी रामानंद सरस्वती, स्वामी नवलगिरी, महंत फूलडोल बिहारीदास , महंत आदित्यानंद, राधाकांत शास्त्री, गोपेश बाबा, हरिबोल बाबा मौजूद रहे।