फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   मकान और खेत गया तो छोड़ दिया गांव

मकान और खेत गया तो छोड़ दिया गांव

Mon, 31 Jul 2017 11:32 PM IST
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:32 PM IST
विज्ञापन
मकान और खेत गया तो छोड़ दिया गांव
पीड़ित परिवार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। शासन की मंशा को अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। बेवर क्षेत्र के एक गरीब परिवार का मकान और खेत गया तो उसने शहर ही छोड़ दिया। न्याय नहीं मिलने पर पूरा परिवार ही पलायन कर गया है। पुलिस से लेकर प्रशासन तक के चक्कर लगाकर पीड़ित परिवार थक चुका है। न्याय पाने के लिए अब पीड़ित परिवार लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाएगा।
विज्ञापन


थाना बेवर के मिसुरपुर निवासी प्रेमचंद्र सक्सेना के परिवार में पत्नी राधादेवी, पुत्री अंशिका, आकांक्षा, नव्या, पुत्र आयुष हैं। अंशिका कक्षा पांच, आयुष कक्षा दो, आकांक्षा कक्षा एक में आवास विकास कालोनी के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। प्रेमचंद्र का आरोप है 24 मई 2017 को गांव की पूजा ने उसके खेत तथा मकान का बैनामा गांव की दयावती यादव को कर दिया है।
विज्ञापन


उसके खेत तथा मकान पर कब्जा भी कर लिया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रेमचंद्र को मरा दिखाया गया है। तीन जून की शाम को गांव की पूजा, दयावती, श्याम सुंदर, शांतीदेवी निवासी नेकपुर कलां भोलेपुर फर्रुखाबाद ने बैनामा का विरोध करने तथा कानूनी कार्रवाई करने पर पूरे परिवार के साथ मारपीट करके जान से मारने की धमकी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायत करने पर थाना बेवर की चौकी टोडरपुर के प्रभारी ने उसके साथ मारपीट करके जबरन समझौता पर हस्ताक्षर करा लिए। अब थाने से लेकर एसडीएम तक कोई भी उसकी समस्या सुनने को तैयार नहीं है।

प्रेमचंद्र जब गांव छोड़कर शहर में राधारमण रोड पर झाेंपड़ी डालकर रहने लगा तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उसको शहर आकर भी धमकाया। सोमवार को प्रेमचंद्र अपनी शिकायत लेकर डीएम से मिलने गया। उसका आरोप है उसको डीएम से मिलने तक नहीं दिया गया।

बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल
मैनपुरी। मासूम और निरपराध बच्चे अंशिका, आयुष, आकांक्षा पिछले एक महीने से स्कूल नहीं जा रहे हैं। प्रेमचंद्र का कहना है उसके बच्चों की जान का खतरा है। जिस जगह वह झोंपड़ी डालकर रहता है वह भी सुरक्षित नहीं है। खेत और मकान पर कब्जा करने वाले उसके बच्चों के साथ अनहोनी भी कर सकते हैं।


इस तरह का मामला जानकारी में नहीं है। पूरे मामले की जांच करायी जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर परिवार के साथ अन्याय हुआ है तो उसको न्याय दिलाया जाएगा।
-यशवंत राव, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed