{"_id":"61307c5d03eaf178d337e809","slug":"15-afghan-students-will-get-admission-in-kendriya-hindi-sansthan-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"केंद्रीय हिंदी संस्थान: तालिबानी तांडव भी नहीं डिगा सका मनोबल, 15 अफगानी छात्राओं ने दिखाई हिंदी पढ़ने में रुचि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्रीय हिंदी संस्थान: तालिबानी तांडव भी नहीं डिगा सका मनोबल, 15 अफगानी छात्राओं ने दिखाई हिंदी पढ़ने में रुचि
Thu, 02 Sep 2021 12:55 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 02 Sep 2021 12:55 PM IST
सार
अफगानिस्तान में अशांति और सत्ता परिवर्तन के बीच वहां के 15 छात्रों ने आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान से हिंदी पढ़ने में रुचि दिखाई है। दूतावास के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के आधार पर अफगानिस्तान के 30 छात्रों का चयन संस्थान में प्रवेश के लिए किया गया था। इनमें 15 छात्र-छात्राओं की सहमति संस्थान को मिल गई है।
विज्ञापन
केंद्रीय हिंदी संस्थान में विदेशी छात्राएं (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी पढ़ने के लिए चयनित 100 विदेशी छात्रों में से अभी तक महज 52 ने सहमति दी है। जबकि छात्रों को संस्थान की ओर दो बार मेल भेजा चुका है। सहमति आने में देरी से प्रवेश की प्रक्रिया में भी देरी हो रही है। सहमति देने वाले 52 विदेशी छात्रों में सर्वाधिक 15 अफगानी हैं।
दूतावासों से प्राप्त आवेदन के आधार पर 31 देशों के छात्रों का चयन प्रवेश के लिए किया गया था। अभी तक 25 देशों के छात्रों ने सहमति दी है। इसमें सर्वाधिक अफगानिस्तान के करीब 15 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। यहां के 30 छात्रों का चयन किया गया था।
तालिबान: सबसे पढ़े-लिखे शीर्ष नेता स्टानिकजई का भारत से रहा है संबंध, ‘शेरू’ देहरादून में सैन्य प्रशिक्षण लेते समय नहीं था खूंखार
विज्ञापन
संस्थान के अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभागाध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि चयनित सभी छात्रों को दो बार ई-मेल भेजकर सहमति लेने का प्रयास किया गया। 52 छात्रों की सहमति मिली पाई है। विदेशी छात्र संस्थान में आकर पढ़ाई करने के लिए अधिक इच्छुक रहते हैं।
विज्ञापन
दूतावासों से प्राप्त आवेदन के आधार पर 31 देशों के छात्रों का चयन प्रवेश के लिए किया गया था। अभी तक 25 देशों के छात्रों ने सहमति दी है। इसमें सर्वाधिक अफगानिस्तान के करीब 15 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। यहां के 30 छात्रों का चयन किया गया था।
विज्ञापन
तालिबान: सबसे पढ़े-लिखे शीर्ष नेता स्टानिकजई का भारत से रहा है संबंध, ‘शेरू’ देहरादून में सैन्य प्रशिक्षण लेते समय नहीं था खूंखार
विज्ञापन
संस्थान के अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभागाध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि चयनित सभी छात्रों को दो बार ई-मेल भेजकर सहमति लेने का प्रयास किया गया। 52 छात्रों की सहमति मिली पाई है। विदेशी छात्र संस्थान में आकर पढ़ाई करने के लिए अधिक इच्छुक रहते हैं।
अब प्रतीक्षा सूची में रखे गए 20 छात्रों को ई-मेल भेजकर सहमति मांगी जाएगी। अधिक दिनों तक प्रवेश की प्रक्रिया को लटकाया नहीं जा सकता है। अगले सप्ताह सहमति देने वाले छात्रों का ओरिएंटेशन कराने की तैयारी है।
'ऑनलाइन पढ़ाई कराई जानी है'
केंद्रीय हिंदी संस्थान ने कोरोना को देखते हुए शैक्षणिक सत्र 2021-22 में विदेशी छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाने का निर्णय लिया है। कुल 100 छात्रों का चयन प्रवेश के लिए किया गया है, जबकि 20 छात्रों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।
100 में से जो छात्र प्रवेश में रुचि नहीं दिखाएंगे, उनकी जगह प्रतीक्षा सूची से मौका दिया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में भी ऑनलाइन कक्षा लगाई गई। 64 विदेशी छात्रों ने ही प्रवेश लिया था। इसी को देखते हुए इस बार प्रतीक्षा सूची भी बनाई गई।
'ऑनलाइन पढ़ाई कराई जानी है'
केंद्रीय हिंदी संस्थान ने कोरोना को देखते हुए शैक्षणिक सत्र 2021-22 में विदेशी छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाने का निर्णय लिया है। कुल 100 छात्रों का चयन प्रवेश के लिए किया गया है, जबकि 20 छात्रों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।
100 में से जो छात्र प्रवेश में रुचि नहीं दिखाएंगे, उनकी जगह प्रतीक्षा सूची से मौका दिया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में भी ऑनलाइन कक्षा लगाई गई। 64 विदेशी छात्रों ने ही प्रवेश लिया था। इसी को देखते हुए इस बार प्रतीक्षा सूची भी बनाई गई।