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बारावफात पर इस्लामिक झंडों से सजे मुस्लिम इलाके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 20 Nov 2018 09:43 PM IST
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बारावफात की तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
आगरा की मुस्लिम बस्तियों में बारावफात की तैयारी शुरू हो गई हैं। मुस्लिम इलाकों को इस्लामिक झंडे और हरी झंडियों से सजाया गया है। 21 नवंबर को शहर के विभिन्न हिस्सों से बारावफात के जुलूस निकाले जाएंगे। यह जुलूस माफी दरगाह सराय बोदला स्थित दरगाह नबी करीम पहुंचेंगे। यहां मेले का आयोजन किया जाएगा।
बारावफात पर मंटोला, बेसन की बस्ती, नई बस्ती, गुलाबखाना, हॉस्पिटल रोड, लोहामंडी, सराय ख्वाजा, शहीद नगर, वजीरपुरा, सैयदपाड़ा, आलमगंज समेत कई इलाकों में लोगों ने हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर इलाकों में इस्लामिक झंडे लगाए हैं। बैनर और हरे झंडे व झंडियों से घरों और मोहल्लों को सजाया गया है। इस दिन बैंडबाजों और वाहनों के साथ जुलूस निकाले जाएंगे। इनमें अखाड़े भी भाग लेंगे। प्रमुख जुलूस शाही जामा मस्जिद से होकर निकलेंगे। जुलूस दरगाह नबी करीम पर पहुंचकर समाप्त होंगे।
उधर आल इंडिया मुस्लिम इत्तेहाद कमेटी के जिलाध्यक्ष निसार अहमद ने बताया कि बारावफात पर 20 नवंबर को रुई की मंडी बाजार में जलसे का आयोजन होगा। इसे सुन्नी कांफ्रेंस के चेयरमैन सैयद हुसैन कादरी खिताब करेंगे। इसके अलावा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना अबु बकर अशरफी व सैयद अजमल अली शाह भी शिरकत करेंगे। 21 को ऐतिहासिक जुलूस शाहगंज से निकाला जाएगा। इसमें शहर के विभिन्न जुलूस शामिल होंगे।
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सादगी से मनाएं बारावफात
नायब काजी मौलाना मोहम्मद उजैर आलम ने बताया कि बारावफात का मुबारक दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस दिन के बारे में प्रचलित है कि हजरत के जन्म लेने पर मक्का शहर में नूर फैल गया। इस दिन को सादगी से मनाया जाना चाहिए। कुरान पढ़ें और नात-ए-पाक पढ़ें। गरीबों, मिस्कीनों को खाना और जरूरत की वस्तुएं बांटें।
मुस्लिम इलाकों में व्यवस्थाएं करें
उत्तर प्रदेश सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के हुमायूं कुरैशी, हाजी बिलाल, मोहीउद्दीन कुरैशी, मेहराजउद्दीन, महताब आदि ने मुस्लिम इलाकों और जुलूस मार्गों पर पैच वर्क, साफ सफाई की मांग की है।
मदरसे पर भंडारे का आयोजन
जमीअत उलमा ए हिंद, आगरा व भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के सहयोग से शाहगंज स्थित मदरसा मुईनउल इस्लाम में 21 नवंबर को सुबह 10 बजे से भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें आगरा व दिल्ली के विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु शिरकत करेंगे।
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बारावफात पर मंटोला, बेसन की बस्ती, नई बस्ती, गुलाबखाना, हॉस्पिटल रोड, लोहामंडी, सराय ख्वाजा, शहीद नगर, वजीरपुरा, सैयदपाड़ा, आलमगंज समेत कई इलाकों में लोगों ने हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर इलाकों में इस्लामिक झंडे लगाए हैं। बैनर और हरे झंडे व झंडियों से घरों और मोहल्लों को सजाया गया है। इस दिन बैंडबाजों और वाहनों के साथ जुलूस निकाले जाएंगे। इनमें अखाड़े भी भाग लेंगे। प्रमुख जुलूस शाही जामा मस्जिद से होकर निकलेंगे। जुलूस दरगाह नबी करीम पर पहुंचकर समाप्त होंगे।
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उधर आल इंडिया मुस्लिम इत्तेहाद कमेटी के जिलाध्यक्ष निसार अहमद ने बताया कि बारावफात पर 20 नवंबर को रुई की मंडी बाजार में जलसे का आयोजन होगा। इसे सुन्नी कांफ्रेंस के चेयरमैन सैयद हुसैन कादरी खिताब करेंगे। इसके अलावा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना अबु बकर अशरफी व सैयद अजमल अली शाह भी शिरकत करेंगे। 21 को ऐतिहासिक जुलूस शाहगंज से निकाला जाएगा। इसमें शहर के विभिन्न जुलूस शामिल होंगे।
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सादगी से मनाएं बारावफात
नायब काजी मौलाना मोहम्मद उजैर आलम ने बताया कि बारावफात का मुबारक दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस दिन के बारे में प्रचलित है कि हजरत के जन्म लेने पर मक्का शहर में नूर फैल गया। इस दिन को सादगी से मनाया जाना चाहिए। कुरान पढ़ें और नात-ए-पाक पढ़ें। गरीबों, मिस्कीनों को खाना और जरूरत की वस्तुएं बांटें।
मुस्लिम इलाकों में व्यवस्थाएं करें
उत्तर प्रदेश सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के हुमायूं कुरैशी, हाजी बिलाल, मोहीउद्दीन कुरैशी, मेहराजउद्दीन, महताब आदि ने मुस्लिम इलाकों और जुलूस मार्गों पर पैच वर्क, साफ सफाई की मांग की है।
मदरसे पर भंडारे का आयोजन
जमीअत उलमा ए हिंद, आगरा व भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के सहयोग से शाहगंज स्थित मदरसा मुईनउल इस्लाम में 21 नवंबर को सुबह 10 बजे से भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें आगरा व दिल्ली के विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु शिरकत करेंगे।