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पिंजरी सहकारी समिति में पूर्व सचिव ने कर दिया पैसों का खेल
Updated Sun, 14 Oct 2018 11:01 PM IST
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एटा। पिंजरी सहकारी समिति के पूर्व सचिव ने एक बड़ा खेल कर दिया। सचिव ने अपने ही परिवार के सदस्यों का बोर्ड गठन कर दिया। इतना ही नहीं बेटे और भतीजे की उसमें तैनाती करा दी। अब इस मामले की जांच चल रही है। जिम्मेदार जल्द ही मामले में कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
दरअसल, जैथरा विकास खंड की सहकारी समिति पिंजरी में वर्ष 2011 से 2016 के बीच में सचिव पद पर तैनात रहे विजेंद्र सिंह की शिकायत दर्ज हुई है। जिसमें सचिव पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई अनियमितताएं की हैं। इतना ही नहीं उन्होंने अपने कार्यकाल में समिति के एक बोर्ड का गठन भी किया। इसमें अपने ही परिवार के सदस्यों को शामिल कर लिया। जिसके तहत सचिव ने पिंजरी सहकारी समिति में अपने भतीजे को प्रभारी सचिव तथा अरुपधनी सहकारी समिति में अपने पुत्र को सचिव पद पर तैनात करा दिया। जिसे पूरी तरह से फर्जी बताया जा रहा है। मामले की अपर जिला सहकारी अधिकारी अलीगंज ओमपाल सिंह यादव जांच कर रहे हैं। वहीं पूर्व सचिव विजेंद्र सिंह का कहना है कि सभी आरोप निराधार है। समिति पर किसी भी तरह का कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। सब कुछ नियमानुसार किया गया है। विरोधी दल के लोग जबरन शिकायत दर्ज कराते घूम रहे है।
वर्जन
सेवानिवृत्त पूर्व सचिव ने फर्जी तरीके से समिति पर अपने परिवार के सदस्यों का बोर्ड गठित कर पुत्र और भतीजे को तैनाती करा दी है। जिसको लेकर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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दीपक सिंह, एआर कॉपरेटिव - एटा
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दरअसल, जैथरा विकास खंड की सहकारी समिति पिंजरी में वर्ष 2011 से 2016 के बीच में सचिव पद पर तैनात रहे विजेंद्र सिंह की शिकायत दर्ज हुई है। जिसमें सचिव पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई अनियमितताएं की हैं। इतना ही नहीं उन्होंने अपने कार्यकाल में समिति के एक बोर्ड का गठन भी किया। इसमें अपने ही परिवार के सदस्यों को शामिल कर लिया। जिसके तहत सचिव ने पिंजरी सहकारी समिति में अपने भतीजे को प्रभारी सचिव तथा अरुपधनी सहकारी समिति में अपने पुत्र को सचिव पद पर तैनात करा दिया। जिसे पूरी तरह से फर्जी बताया जा रहा है। मामले की अपर जिला सहकारी अधिकारी अलीगंज ओमपाल सिंह यादव जांच कर रहे हैं। वहीं पूर्व सचिव विजेंद्र सिंह का कहना है कि सभी आरोप निराधार है। समिति पर किसी भी तरह का कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। सब कुछ नियमानुसार किया गया है। विरोधी दल के लोग जबरन शिकायत दर्ज कराते घूम रहे है।
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सेवानिवृत्त पूर्व सचिव ने फर्जी तरीके से समिति पर अपने परिवार के सदस्यों का बोर्ड गठित कर पुत्र और भतीजे को तैनाती करा दी है। जिसको लेकर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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दीपक सिंह, एआर कॉपरेटिव - एटा