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कैसे बनें खेल प्रतिभाएं न प्रशिक्षक और न ही सुविधाएं
Updated Tue, 28 Aug 2018 11:32 PM IST
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फिरोजाबाद। जिले में कई खेलों के प्रशिक्षक नहीं हैं। जिन खेलों के प्रशिक्षक हैं तो उनके लिए सुविधाओं का अभाव है। यही कारण है कि जिले से खेल प्रतिभाएं नहीं निकल सकी हैं। जूडो कराटे, एथलेटिक्स, निशानेबाजी के प्रशिक्षक ही स्टेडियम में मौजूद नहीं हैं।
तलवारबाजी ओलंपिक खेल है। इसकी प्रतियोगिताएं एशियाड और वर्ल्ड चैंपियनशिप के कई वर्गों में होती हैं। फिरोजाबाद में महिला और पुरुष खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेलने गए हैं लेकिन काबिलियत होने के बाद भी निराश होना पड़ा है।
क्योंकि यह प्रतियोगिता एल्यूमिनियम पिस्ट (प्लेटफार्म) पर होती है। मगर यह जिले में नहीं है तो खिलाड़ी इस पर अभ्यास कर नहीं पाते हैं। जूडो कराटे, एथलेटिक्स, निशानेबाजी के कई खिलाड़ी राज्य स्तर तक पहुंच सकते हैं। मगर इन खेलों के प्रशिक्षक स्टेडियम में मौजूद नहीं हैं।
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तलवारबाजी ओलंपिक खेल है। इसकी प्रतियोगिताएं एशियाड और वर्ल्ड चैंपियनशिप के कई वर्गों में होती हैं। फिरोजाबाद में महिला और पुरुष खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेलने गए हैं लेकिन काबिलियत होने के बाद भी निराश होना पड़ा है।
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क्योंकि यह प्रतियोगिता एल्यूमिनियम पिस्ट (प्लेटफार्म) पर होती है। मगर यह जिले में नहीं है तो खिलाड़ी इस पर अभ्यास कर नहीं पाते हैं। जूडो कराटे, एथलेटिक्स, निशानेबाजी के कई खिलाड़ी राज्य स्तर तक पहुंच सकते हैं। मगर इन खेलों के प्रशिक्षक स्टेडियम में मौजूद नहीं हैं।
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