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असीजा ने विधानसभा में उठाया आलू किसानों का मुद्दा
Updated Fri, 22 Dec 2017 11:42 PM IST
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फिरोजाबाद। जिले के आलू किसानों का मुद्दा नगर विधायक मनीष असीजा ने विधानसभा में उठाया है। आलू किसानों के लिए जिले में आलू आधारित वृहद उद्योग एवं प्रसंस्करण इकाई की स्थापना करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित विभाग के मंत्रियों से वार्ता कर कहा कि जिले में प्रसंस्करण इकाई स्थापना के लिए पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है।
जिले के आलू किसानों को उनकी मेहनत का फल दिलाने और उनकी समस्याओं के निदान के लिए विधायक मनीष असीजा ने गुरूवार को मामला विधानसभा में उठाया। विधायक मनीष असीजा ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 के दौरान लगभग 155.63 टन आलू का उत्पादन हुआ।
अकेले फिरोजाबाद जिले में 54500 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 14.54 लाख मैट्रिक टन आलू का उत्पादन किया गया। लेकिन आलू उत्पादन करने वाले किसान अपनी मेहनत का फल लेने में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। जबकि जिले की अधिकांश सीमाएं राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख रेल प्रखंडों से जुड़ी हैं। किसानों को उनकी मेहनत का फल नहीं मिलने से जिले में आलू आधारित वृहद उद्योग एवं प्रसंस्करण इकाइयों का अभाव है। ऐसेे में यहां के आलू उत्पादक किसानों को उनकी पैदावार का उचित मूल्य मिलना तो दूर आलू पैदावार में होने वाले खर्च भी नहीं निकल रहे।
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कांच उद्योग के साथ आलू हब बन सकता है फिरोजाबाद
विधायक मनीष असीजा ने सरकार का ध्यान खींचते हुए विधानसभा में कहा कि कांच उद्योग के कारण विश्व में अपनी पहचान बनाने वाले में जिले में आलू आधारित उद्योगों की स्थापना जिले के किसानों के लिए स्वर्णिम अवसर साबित हो सकती है। आलू की बंपर पैदावार से फूड एग्रो पार्क, आलू उद्योग और प्रसंस्करण इक ाईयों की स्थापना के लिए जिले में पहले से सपोर्ट संसाधन मौजूद हैं।
यहां पैकिंग का पहले से बड़ा काम है जो आलू इकाई स्थापना में मददगार साबित होगा। यदि आलू से बीयर बनाने का प्लांट लगे तो यहां कांच की बोतल बनती हैं। एनएचटू के साथ देश के दो बडे़ एक्सप्रेस वे के बीच फिरोजाबाद है। इससे आलू आधारित इकाई लगाने में मदद मिलेगी।
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जिले के आलू किसानों को उनकी मेहनत का फल दिलाने और उनकी समस्याओं के निदान के लिए विधायक मनीष असीजा ने गुरूवार को मामला विधानसभा में उठाया। विधायक मनीष असीजा ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 के दौरान लगभग 155.63 टन आलू का उत्पादन हुआ।
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अकेले फिरोजाबाद जिले में 54500 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 14.54 लाख मैट्रिक टन आलू का उत्पादन किया गया। लेकिन आलू उत्पादन करने वाले किसान अपनी मेहनत का फल लेने में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। जबकि जिले की अधिकांश सीमाएं राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख रेल प्रखंडों से जुड़ी हैं। किसानों को उनकी मेहनत का फल नहीं मिलने से जिले में आलू आधारित वृहद उद्योग एवं प्रसंस्करण इकाइयों का अभाव है। ऐसेे में यहां के आलू उत्पादक किसानों को उनकी पैदावार का उचित मूल्य मिलना तो दूर आलू पैदावार में होने वाले खर्च भी नहीं निकल रहे।
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कांच उद्योग के साथ आलू हब बन सकता है फिरोजाबाद
विधायक मनीष असीजा ने सरकार का ध्यान खींचते हुए विधानसभा में कहा कि कांच उद्योग के कारण विश्व में अपनी पहचान बनाने वाले में जिले में आलू आधारित उद्योगों की स्थापना जिले के किसानों के लिए स्वर्णिम अवसर साबित हो सकती है। आलू की बंपर पैदावार से फूड एग्रो पार्क, आलू उद्योग और प्रसंस्करण इक ाईयों की स्थापना के लिए जिले में पहले से सपोर्ट संसाधन मौजूद हैं।
यहां पैकिंग का पहले से बड़ा काम है जो आलू इकाई स्थापना में मददगार साबित होगा। यदि आलू से बीयर बनाने का प्लांट लगे तो यहां कांच की बोतल बनती हैं। एनएचटू के साथ देश के दो बडे़ एक्सप्रेस वे के बीच फिरोजाबाद है। इससे आलू आधारित इकाई लगाने में मदद मिलेगी।