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प्राधिकरण ने अपने दो बाबुओं को किया रिटायर
Updated Wed, 13 Dec 2017 07:50 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने अपने दो बाबुओं को रिटायर कर दिया है। इनमें एक हेडक्लर्क है तो दूसरा नक्शा-नजारत का बाबू। पचास साल से अधिक की उम्र वाले इन बाबुओं पर काम में लापरवाही के साथ कई आरोप थे। मथुरा जिले की इस पहली कार्रवाई से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।
मथुरा विकास प्राधिकरण तो घपलों का घर बन गया है। शहर भर में अवैध निर्माण हो रहे हैं। नक्शा स्वीकृति में भी बड़े खेल की शिकायतें गूंजती रहती थीं। प्राधिकरण की उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गड़बड़ी करने वाले स्टाफ का चिन्हीकरण कराया।
मुख्य लिपिक प्रमोद कटारा और मानचित्र-नजारत बाबू विजय शर्मा की रिपोर्ट कार्रवाई के लिए उपाध्यक्ष द्वारा शासन को भेजी गई। शासन ने दोनों को अनिवार्य रिटायरमेंट देने की स्वीकृति दे दी। शासन से मंजूरी मिलने के साथ ही प्राधिकरण उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने बुधवार को दोनों बाबुओं के रिटायरमेंट संबंधी आदेश कर दिया। इस आदेश के बाद प्राधिकरण के बाबुओं में हड़कंप मच गया है। जानकारी रहे कि शासन ने पहले से ही पचास साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए इस प्रकार का आदेश दिया है कि यदि वे कार्य में शिथिलिता करते हैं तो उनको रिटायरमेंट दे दिया जाए।
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इसी आदेश के तहत दो बाबुओं को रिटायरमेंट दिया गया है । प्राधिकरण के सचिव रमेश चंद ने बताया कि इन बाबुओं द्वारा कार्य में शिथिलता बरती जा रही थी। इसके चलते उन्हें रिटायर कर दिया गया है।
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मथुरा विकास प्राधिकरण तो घपलों का घर बन गया है। शहर भर में अवैध निर्माण हो रहे हैं। नक्शा स्वीकृति में भी बड़े खेल की शिकायतें गूंजती रहती थीं। प्राधिकरण की उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गड़बड़ी करने वाले स्टाफ का चिन्हीकरण कराया।
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मुख्य लिपिक प्रमोद कटारा और मानचित्र-नजारत बाबू विजय शर्मा की रिपोर्ट कार्रवाई के लिए उपाध्यक्ष द्वारा शासन को भेजी गई। शासन ने दोनों को अनिवार्य रिटायरमेंट देने की स्वीकृति दे दी। शासन से मंजूरी मिलने के साथ ही प्राधिकरण उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने बुधवार को दोनों बाबुओं के रिटायरमेंट संबंधी आदेश कर दिया। इस आदेश के बाद प्राधिकरण के बाबुओं में हड़कंप मच गया है। जानकारी रहे कि शासन ने पहले से ही पचास साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए इस प्रकार का आदेश दिया है कि यदि वे कार्य में शिथिलिता करते हैं तो उनको रिटायरमेंट दे दिया जाए।
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इसी आदेश के तहत दो बाबुओं को रिटायरमेंट दिया गया है । प्राधिकरण के सचिव रमेश चंद ने बताया कि इन बाबुओं द्वारा कार्य में शिथिलता बरती जा रही थी। इसके चलते उन्हें रिटायर कर दिया गया है।