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करोड़ों रुपये की हेराफेरी में कर्मयोगी का कर्ताधर्ता दिनेश गिरफ्तार
Updated Fri, 08 Dec 2017 08:23 PM IST
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- फोटो : डेमो
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मथुरा। कर्मयोगी होम्स और कर्मयोगी कुटीर का मालिक दिनेश चंद्र अग्रवाल शुक्रवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। उसने करोड़ों की हेराफेरी की है। वह पिछले डेढ़ साल से फरार चल रहा था। अदालत ने उसे जेल भेज दिया है।
कर्मयोगी बिल्डर्स के मालिकों में सबसे छोटे मथुरा के मोतीकुंज निवासी दिनेश चंद अग्रवाल पुत्र स्व. मोतीलाल अग्रवाल ने पांच भाइयों को भी नहीं बख्शा। 2014 में उनके बड़े भाई विश्वनाथ अग्रवाल ने फर्जीवाड़े का मुकदमा थाना हाईवे में दर्ज कराया था। आरोप था कि दिनेश ने नई कंपनी कर्मयोगी होम्स और कुटीर बनाकर कर्मयोगी बिल्डर्स की जमीन को अपना दर्शाकर प्लाट निवेशकों को बेच डाले। इससे करोड़ों रुपये निवेशकों के हड़पे।
मथुरा ही नहीं दिल्ली में भी दिनेश चंद अग्रवाल ने प्लाट की एवज में निवेशकों से करोड़ों रुपये हड़पे। मुकदमे दर्ज होने के बाद भी यह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। तभी से फरार चल रहे कर्मयोगी होम्स के मालिक दिनेश चंद अग्रवाल को फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके से दबोच लिया। पुलिस ने दिनेश को चिकित्सकीय परीक्षण कराकर कोर्ट में पेश किया जहां उसे जेल भेज दिया गया।
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नौ महीने पहले हुई थी दिनेश के घर की कुर्की
मथुरा। कर्मयोगी होम्स के मालिक दिनेश चंद अग्रवाल पर फर्जीवाड़े के छह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अधिकतर मुकदमे भाई विश्वनाथ अग्रवाल ने दर्ज कराए हैं। करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने का आरोप दिनेश पर लगे हैं। मुकदमे दर्ज होने के बाद भी दिनेश कोर्ट में पेश तक नहीं हुआ। हाईवे पुलिस ने मार्च 2017 में कुर्की तक कर डाली। फिर भी कर्मयोगी होम्स का मालिक हत्थे नहीं चढ़ा।
यह काटी हैं कालोनियां
मथुरा-आनंदवन, आनंदवन फेस वन, तत्वदर्शी वाटिका, कर्मयोगी ग्राम, आनंदलोक दिल्ली-आंनदवन रिसोटर्स, नंदनवन।
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कर्मयोगी बिल्डर्स के मालिकों में सबसे छोटे मथुरा के मोतीकुंज निवासी दिनेश चंद अग्रवाल पुत्र स्व. मोतीलाल अग्रवाल ने पांच भाइयों को भी नहीं बख्शा। 2014 में उनके बड़े भाई विश्वनाथ अग्रवाल ने फर्जीवाड़े का मुकदमा थाना हाईवे में दर्ज कराया था। आरोप था कि दिनेश ने नई कंपनी कर्मयोगी होम्स और कुटीर बनाकर कर्मयोगी बिल्डर्स की जमीन को अपना दर्शाकर प्लाट निवेशकों को बेच डाले। इससे करोड़ों रुपये निवेशकों के हड़पे।
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मथुरा ही नहीं दिल्ली में भी दिनेश चंद अग्रवाल ने प्लाट की एवज में निवेशकों से करोड़ों रुपये हड़पे। मुकदमे दर्ज होने के बाद भी यह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। तभी से फरार चल रहे कर्मयोगी होम्स के मालिक दिनेश चंद अग्रवाल को फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके से दबोच लिया। पुलिस ने दिनेश को चिकित्सकीय परीक्षण कराकर कोर्ट में पेश किया जहां उसे जेल भेज दिया गया।
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नौ महीने पहले हुई थी दिनेश के घर की कुर्की
मथुरा। कर्मयोगी होम्स के मालिक दिनेश चंद अग्रवाल पर फर्जीवाड़े के छह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अधिकतर मुकदमे भाई विश्वनाथ अग्रवाल ने दर्ज कराए हैं। करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने का आरोप दिनेश पर लगे हैं। मुकदमे दर्ज होने के बाद भी दिनेश कोर्ट में पेश तक नहीं हुआ। हाईवे पुलिस ने मार्च 2017 में कुर्की तक कर डाली। फिर भी कर्मयोगी होम्स का मालिक हत्थे नहीं चढ़ा।
यह काटी हैं कालोनियां
मथुरा-आनंदवन, आनंदवन फेस वन, तत्वदर्शी वाटिका, कर्मयोगी ग्राम, आनंदलोक दिल्ली-आंनदवन रिसोटर्स, नंदनवन।