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सिर्फ पांच फीसदी हो सकी है धान की खरीद
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:19 PM IST
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धान खरीद केंद्र की जांच करते एसडीएम
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। जिले में धान खरीद की स्थिति बद से बदतर है। स्थिति यह है कि विभिन्न केंद्रों पर अभी खरीद की शुरुआत तक नहीं हुई है। यही कारण है कि जिले में अभी तक लक्ष्य की मात्र पांच फीसदी ही धान खरीद हुई है।
बुधवार को मंडी निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम सदर अमित सिंह के सामने यूपी एग्रो के केंद्र प्रभारी नमी नापने वाली मशीन तक नहीं चला सके। इस पर एसडीएम ने उन्हें चेतावनी देते हुए धान खरीद में तेजी लाने की बात कही।
अक्तूबर से जिले में धान खरीद शुरू हो चुकी है। इसके लिए खाद्य विपणन विभाग ने पांच, पीसीएफ ने छह यूपी स्टेट एग्रो ने दो व भारतीय खाद्य निगम ने दो खरीद केंद्र जिले में खोले हैं।
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इस प्रकार पूरे जिले में कुल 15 केंद्र खोले गए हैं। जिले को धान खरीद का लक्ष्य 4640 मीट्रिक टन मिला है। लगभग एक माह पूरा होने को आया लेकिन अभी तक सभी केंद्रों पर मात्र 5.26 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। शासन स्तर से नाराजगी जाहिर करने पर एसडीएम सदर अमित सिंह ने मंडी स्थित केंद्रों का निरीक्षण किया।
इस पर यूपी एग्रो पर तैनात केंद्र प्रभारी सूरजभान सिंह मिले। एसडीएम ने जब उनसे धान की नमी नापने की मशीन चलाने को कहा तो वे वह भी नहीं चला सके। यही नहीं केंद्र पर सुबह से मात्र एक ट्राली धान ही खरीदा जा सका था। इस पर एसडीएम ने उन्हें कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी।
साथ ही खरीद बढ़ाने की कोशिश करने की बात कही। मौके पर मौजूद किसान आशा राम ने बताया कि मंगलवार शाम से केंद्र पर धान से भरी ट्राली खड़ी है लेकिन केंद्र पर उनकी सुनवाई ही नहीं हो रही है। वहीं एक अन्य किसान रामभरोसे ने कहा कि किसान यदि सीधे केंद्र पर धान बेचना चाहे तो कर्मचारी लेते ही नहीं है। वहीं आढ़तियोें के माध्यम से तत्काल धान खरीद लिया जाता है।
किसान केशव सिंह का कहना है कि धान बेचने के लिए आए हैं लेकिन केंद्र पर कार्यरत कर्मचारी मशीन से जांच किए बिना ही हाथ से छूकर धान को गिला बता देते हैं। साथ ही खरीदारी से मना कर देते हैं। मजबूरन किसान को आढ़तियों और दलालों को धान सस्ते में बेचकर जाना पड़ता है।
किसान अजय कुमार का कहना है कि धान मंडी में तीन दिन से पड़ा है लेकिन यूपी एग्रो केंद्र के प्रभारी धान खरीद ही नहीं रहे हैं।
धान खरीद केंद्र के प्रभारियों को कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी गई है। यदि वे अब भी नहीं सुधरते तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को लिखा जाएगा।
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बुधवार को मंडी निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम सदर अमित सिंह के सामने यूपी एग्रो के केंद्र प्रभारी नमी नापने वाली मशीन तक नहीं चला सके। इस पर एसडीएम ने उन्हें चेतावनी देते हुए धान खरीद में तेजी लाने की बात कही।
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अक्तूबर से जिले में धान खरीद शुरू हो चुकी है। इसके लिए खाद्य विपणन विभाग ने पांच, पीसीएफ ने छह यूपी स्टेट एग्रो ने दो व भारतीय खाद्य निगम ने दो खरीद केंद्र जिले में खोले हैं।
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इस प्रकार पूरे जिले में कुल 15 केंद्र खोले गए हैं। जिले को धान खरीद का लक्ष्य 4640 मीट्रिक टन मिला है। लगभग एक माह पूरा होने को आया लेकिन अभी तक सभी केंद्रों पर मात्र 5.26 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। शासन स्तर से नाराजगी जाहिर करने पर एसडीएम सदर अमित सिंह ने मंडी स्थित केंद्रों का निरीक्षण किया।
इस पर यूपी एग्रो पर तैनात केंद्र प्रभारी सूरजभान सिंह मिले। एसडीएम ने जब उनसे धान की नमी नापने की मशीन चलाने को कहा तो वे वह भी नहीं चला सके। यही नहीं केंद्र पर सुबह से मात्र एक ट्राली धान ही खरीदा जा सका था। इस पर एसडीएम ने उन्हें कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी।
साथ ही खरीद बढ़ाने की कोशिश करने की बात कही। मौके पर मौजूद किसान आशा राम ने बताया कि मंगलवार शाम से केंद्र पर धान से भरी ट्राली खड़ी है लेकिन केंद्र पर उनकी सुनवाई ही नहीं हो रही है। वहीं एक अन्य किसान रामभरोसे ने कहा कि किसान यदि सीधे केंद्र पर धान बेचना चाहे तो कर्मचारी लेते ही नहीं है। वहीं आढ़तियोें के माध्यम से तत्काल धान खरीद लिया जाता है।
किसान केशव सिंह का कहना है कि धान बेचने के लिए आए हैं लेकिन केंद्र पर कार्यरत कर्मचारी मशीन से जांच किए बिना ही हाथ से छूकर धान को गिला बता देते हैं। साथ ही खरीदारी से मना कर देते हैं। मजबूरन किसान को आढ़तियों और दलालों को धान सस्ते में बेचकर जाना पड़ता है।
किसान अजय कुमार का कहना है कि धान मंडी में तीन दिन से पड़ा है लेकिन यूपी एग्रो केंद्र के प्रभारी धान खरीद ही नहीं रहे हैं।
धान खरीद केंद्र के प्रभारियों को कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी गई है। यदि वे अब भी नहीं सुधरते तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को लिखा जाएगा।