फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   तीन साल से जनधन खातों में में जमा नहीं हुई फूटी कौड़ी

तीन साल से जनधन खातों में में जमा नहीं हुई फूटी कौड़ी

Mon, 28 Aug 2017 11:21 PM IST
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:21 PM IST
विज्ञापन
तीन साल से जनधन खातों में में जमा नहीं हुई फूटी कौड़ी
jandhan - फोटो : jandhan
एटा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनधन योजना को जिले में लोगों ने हाथों-हाथ लिया, लेकिन योजना पूरी रफ्तार से दौड़ नहीं सकी। तीन साल पहले शुरू हुई जनधन योजना तहत जिले में 3.16 लाख खाते खोले गए, लेकिन 50 फीसद खाते निष्क्रिय पड़े हैं। इनमें से 31 फीसद खाताधारक ही प्रधानमंत्री बीमा योजनाओं से जुड़ सके हैं।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन साल पहले जनधन योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत जिले में 316869 खाते जीरो बैलेंस पर खोले गए थे। लेकिन 1.50 लाख खातों में फूटी कौड़्ी जमा नहीं हुई। जिले में 99,020 खाताधारकों ने जीवन ज्योति बीमा योजना, 1,40,059 ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में पंजीकरण कराया। बैंकों की मानें तो जनधन खातों में निष्क्रियता को लेकर कई बार बैंक स्तर से कोशिशें हुईं। लोगों को समझाने का प्रसास किया गया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर पहल नहीं होने से व्यवस्था पटरी से उतर गई। लीड बैंक मैनेजर एलसी पॉल बताते हैं कि जनधन योजना के तहत निष्क्रिय खातों को सक्रिय कराने की पहल कर खाताधारकों को समझाया जा रहा है।
विज्ञापन

---------------
बैंकों का बढ़ा बोझ
जनधन योजना के तहत सबसे ज्यादा खाते ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त ने खोले। बैंक ने पूरे जिले में एक लाख से ज्यादा खाते खोले। मगर 40 फीसद खातों में धन जमा नहीं हुआ। बैंककर्मी उमेश दिनकर कहते हैैं जनधन खातों के खुलने के बाद बैंकों में खातों की संख्या बेशक बढ़ गई, लेकिन नकदी जमा नहीं की गई। खातों को बंद भी नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------
नोटबंदी में खूब जमा हुए नोट
जनधन खातों का नोटबंदी में खूब प्रयोग हुआ। लोगों ने अपने कालेधन को सफेद करने के लिए 500-1000 के नोट खातों में जमा कराए। इसे लेकर शुरुआत में कार्रवाई की बात की गई, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिले के आइसीआईसीआइ बैंक में एक युवक के खाते में करोड़ों रुपये आने का मामला सामने आया, लेकिन आज तक पता नहीं चला कि रकम आई कहां से थी?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed