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सोफीपुर में बनेगा 400 केवीए का बिजलीघर
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:55 PM IST
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बिजलीघर
- फोटो : demo
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फिरोजाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केबिनेट में 400 केवी के जिस विद्युत उप केंद्र को मंजूरी दी है उसका रोडमैप पिछली सपा की सरकार में तय हुआ था। नगर विधायक मनीष असीजा ने विद्युत उप केंद्र के लिए प्रस्ताव दिया था। विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया। उप केंद्र के लिए जमीन अधिग्रहण में आ रहे अवरोध को दूर कराया गया। सोफीपुर पर उपकेंद्र बनाया जाएगा।
बताते चलें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने रायबरेली और फिरोजाबाद में 400 केवी के बिजली उपकेंद्र बनाने का फैसला किया है। फिरोजाबाद में उपकेंद्र बनाने में 268 करोड़ रुपये लागत आएगी। 70 फीसदी राशि बतौर ऋण जुटाई जाएगी, जबकि 30 फीसदी राशि अंश पूंजी होगी।
कार्यदायी संस्था तय होने के 30 महीने के अंदर काम पूरा कर लिया जाएगा। पिछली सपा की सरकार में ही उप केंद्र के लिए कवायद शुरू हो गई थी। नगर विधायक मनीष असीजा ने विधानसभा में नियम 51 के तहत इस विषय को उठाया था।
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तत्कालीन प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने उप केंद्र के लिए जब जमीन की बाधा बतायी तब विधायक ने तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद के माध्यम से सोफीपुर पर उद्यान विभाग की जमीन को ऊर्जा विभाग को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भेजा गया।
नगर विधायक मनीष असीजा ने बताया कि वर्ष 1995 तक उद्यान विभाग की जमीन राजस्व विभाग पर थी। बाद में उद्यान विभाग पर पहुंची। उद्यान विभाग ने जब जमीन देने में आनाकानी की तब जमीन का सर्वेकराया गया। सर्वे में पाया गया कि उद्यान विभाग की जमीन पर हदबंदी तक नहीं, पौधे भी नहीं लगे।
इसके बाद जमीन को ऊर्जा विभाग को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भेजा गया तो इसे मंजूर कर लिया गया। विभागीय प्रक्रिया के बाद 40 एकड जमीन ऊर्जा विभाग को मिलने के बाद विद्युत उप केंद्र का रास्ता साफ हो गया।
यह जिले को बहुत बडी सौगात मिली है। ताज संरक्षित जोन में इतनी बड़ी क्षमता का विद्युत उप केंद्र बनने के बाद बिजली का संकट दूर हो जाएगा। विधायक ने बताया कि शासन से मिली जानकारी के अनुसार पूरे कार्य पर बिजली की लाइन सहित करीब तीन सौ करोड रुपये व्यय होंगे और दो साल में उप केंद्र बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए कहा बिजली संकट के निदान में यह बड़ा कदम है।
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बताते चलें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने रायबरेली और फिरोजाबाद में 400 केवी के बिजली उपकेंद्र बनाने का फैसला किया है। फिरोजाबाद में उपकेंद्र बनाने में 268 करोड़ रुपये लागत आएगी। 70 फीसदी राशि बतौर ऋण जुटाई जाएगी, जबकि 30 फीसदी राशि अंश पूंजी होगी।
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कार्यदायी संस्था तय होने के 30 महीने के अंदर काम पूरा कर लिया जाएगा। पिछली सपा की सरकार में ही उप केंद्र के लिए कवायद शुरू हो गई थी। नगर विधायक मनीष असीजा ने विधानसभा में नियम 51 के तहत इस विषय को उठाया था।
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तत्कालीन प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने उप केंद्र के लिए जब जमीन की बाधा बतायी तब विधायक ने तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद के माध्यम से सोफीपुर पर उद्यान विभाग की जमीन को ऊर्जा विभाग को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भेजा गया।
नगर विधायक मनीष असीजा ने बताया कि वर्ष 1995 तक उद्यान विभाग की जमीन राजस्व विभाग पर थी। बाद में उद्यान विभाग पर पहुंची। उद्यान विभाग ने जब जमीन देने में आनाकानी की तब जमीन का सर्वेकराया गया। सर्वे में पाया गया कि उद्यान विभाग की जमीन पर हदबंदी तक नहीं, पौधे भी नहीं लगे।
इसके बाद जमीन को ऊर्जा विभाग को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भेजा गया तो इसे मंजूर कर लिया गया। विभागीय प्रक्रिया के बाद 40 एकड जमीन ऊर्जा विभाग को मिलने के बाद विद्युत उप केंद्र का रास्ता साफ हो गया।
यह जिले को बहुत बडी सौगात मिली है। ताज संरक्षित जोन में इतनी बड़ी क्षमता का विद्युत उप केंद्र बनने के बाद बिजली का संकट दूर हो जाएगा। विधायक ने बताया कि शासन से मिली जानकारी के अनुसार पूरे कार्य पर बिजली की लाइन सहित करीब तीन सौ करोड रुपये व्यय होंगे और दो साल में उप केंद्र बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए कहा बिजली संकट के निदान में यह बड़ा कदम है।