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Agra News: 14 माह जेल, 6 साल कलंक... दुष्कर्म के आरोप से छूटा सराफ
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आगरा। करीब छह साल तक कलंक का दंश, 14 महीने की जेल और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सराफ मोनू वर्मा बेदाग साबित हुए। शादी का झांसा देकर रिसॉर्ट में दुष्कर्म के गंभीर आरोपों की सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन का पूरा केस भरभरा गया। साक्ष्यों के अभाव और गवाहों के समर्थन न मिलने पर अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) नीरज श्रीवास्तव ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
थाना ताजगंज में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, हरीपर्वत क्षेत्र निवासी तलाकशुदा महिला ने 28 अक्तूबर 2020 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि परिचितों ने शादी के सिलसिले में बदायूं के ब्रह्मपुरा निवासी साईं ज्वेलर्स के प्रोपराइटर मोनू वर्मा से उनकी जान-पहचान कराई थी। 17 मार्च 2020 को मोनू उनके घर आया, जहां दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई। आरोप था कि 12 जून 2020 को वह बाजार ले जाने के बहाने उन्हें फतेहाबाद रोड स्थित एक रिसॉर्ट ले गया। वहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। बाद में 20 अगस्त को जब शादी के लिए कहा तो उसने साफ मना कर दिया। विवेचक ने चार जनवरी 2021 को आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया, जहां अभियोजन ने पीड़िता समेत सात गवाह पेश किए।
ऐसे ढह गए अभियोजन के दावे
- काफी समय बीत जाने के कारण पीड़िता ने आंतरिक व बाहरी चिकित्सीय परीक्षण कराने से इन्कार कर दिया था। अदालत में डॉक्टर की गवाही से भी दुष्कर्म की चिकित्सीय पुष्टि नहीं हो सकी।
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- रिसॉर्ट संचालक ने दोनों के रिसॉर्ट में आने की बात तो मानी लेकिन किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या अप्रिय घटना को अपनी आंखों से देखने से साफ इन्कार किया।
- अभियोजन के मुख्य गवाह प्रशांत गुप्ता ने भी अदालत में पीड़िता को जानने और दोनों का परिचय कराने संबंधी बात का समर्थन नहीं किया।
- घटना जून 2020 की बताई गई जबकि प्राथमिकी चार माह बाद अक्तूबर में दर्ज हुई। इस असामान्य देरी की कोई ठोस वजह सामने नहीं आ सकी।
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थाना ताजगंज में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, हरीपर्वत क्षेत्र निवासी तलाकशुदा महिला ने 28 अक्तूबर 2020 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि परिचितों ने शादी के सिलसिले में बदायूं के ब्रह्मपुरा निवासी साईं ज्वेलर्स के प्रोपराइटर मोनू वर्मा से उनकी जान-पहचान कराई थी। 17 मार्च 2020 को मोनू उनके घर आया, जहां दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई। आरोप था कि 12 जून 2020 को वह बाजार ले जाने के बहाने उन्हें फतेहाबाद रोड स्थित एक रिसॉर्ट ले गया। वहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। बाद में 20 अगस्त को जब शादी के लिए कहा तो उसने साफ मना कर दिया। विवेचक ने चार जनवरी 2021 को आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया, जहां अभियोजन ने पीड़िता समेत सात गवाह पेश किए।
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ऐसे ढह गए अभियोजन के दावे
- काफी समय बीत जाने के कारण पीड़िता ने आंतरिक व बाहरी चिकित्सीय परीक्षण कराने से इन्कार कर दिया था। अदालत में डॉक्टर की गवाही से भी दुष्कर्म की चिकित्सीय पुष्टि नहीं हो सकी।
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- रिसॉर्ट संचालक ने दोनों के रिसॉर्ट में आने की बात तो मानी लेकिन किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या अप्रिय घटना को अपनी आंखों से देखने से साफ इन्कार किया।
- अभियोजन के मुख्य गवाह प्रशांत गुप्ता ने भी अदालत में पीड़िता को जानने और दोनों का परिचय कराने संबंधी बात का समर्थन नहीं किया।
- घटना जून 2020 की बताई गई जबकि प्राथमिकी चार माह बाद अक्तूबर में दर्ज हुई। इस असामान्य देरी की कोई ठोस वजह सामने नहीं आ सकी।