फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   सूखे हलक को तर करने के लिए इंतजाम नहीं

सूखे हलक को तर करने के लिए इंतजाम नहीं

Tue, 30 Apr 2019 11:28 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 11:28 PM IST
विज्ञापन
सूखे हलक को तर करने के लिए इंतजाम नहीं
पीने का पानी ले जाती महिला - फोटो : अमर उजाला
एटा। तीन लाख के आबादी वाले शहर में सूखे हलक को तर करने का कोई इंतजाम नहीं है। शहर में लगे प्याऊ शोपीस बने हैं तो सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगाई गईं पानी की टंकियां खुद वर्षों से प्यासी हैं। सरकारी कार्यालय में लगे अधिकतर वाटर कूलर खराब हैं। लगातार बढ़ रही गर्मी के बाद भी जिले के जिम्मेदार इस ओर नजरें इनायत नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन

गर्मी शुरू हुए लगभग एक माह से ज्यादा गुजर चुका है। शहर में शीतल पेय पदार्थों की दुकानें सज चुकी हैं लेकिन जिला प्रशासन और नगर को सेवाएं देने वाली पालिका के कोई इंतजाम नहीं दिखाए दे रहे हैं। लगातार बढ़ती गर्मी के मद्देनजर मंगलवार को शहर में राहगीरों और आमजन के लिए प्याऊ की व्यवस्था देखी गई तो कोई सरकारी इंतजाम पुख्ता नजर नहीं आए। आलम यह है कि डीएम कार्यालय के बाहर लगा वाटर कूलर खराब पड़ा है। यहां पहुंचने वाले फरियादी अपनी प्यास बुझाने के लिए भटकते रहते हैं। यही हाल कचहरी का है यहां प्रतिदिन हजारों लोग किसी न किसी काम से आते हैं, लेकिन यहां पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है। लोग खरीद कर पानी पीने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


कुछ ऐसा है इनका हाल
वर्ष 1988 में लोधी समाज द्वारा बनवाई गई पानी की टंकी सूखी पड़ी है। इस ओर न समाज का ध्यान है और न ही प्रशासन का। यही हाल बस स्टेशन का है। यहां भी पानी का कोई संसाधन नहीं है। यात्री पानी के लिए भटकते रहते है। कुछ वर्ष पूर्व एमएलसी द्वारा एक पानी की टंकी का निर्माण कराया गया लेकिन देखरेख न होनें के कारण जर्जर हो चुकी है। शहर के बीच में स्थित मेहता पार्क पर जैन समाज द्वारा एक टंकी का निर्माण कराया गया था। देखरेख के अभाव में यह बेकार हो गई है। टंकी में वर्षों से पानी ही नहीं भरा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिनमें भरा है पानी, उनमें जमा है लारवा
एटा। जिलाधिकारी कार्यालय और सीएमओ कार्यालय में छत पर जो पानी की टंकियां रखी हैं। उनकी वर्षों से साफ-सफाई नहीं हुई है। इस कारण पानी में लारवा जम गया है। ऐसे में यहां पहुंचने वाले फरियादी यही पानी पीने को मजबूर हैं। इससे संक्रामक रोग फैलने का डर है।

लोगों का कहना
मंगलवार को मुख्यालय में अवंतीबाई नगर से ट्रेजरी में कुछ कार्य से पहुंचे दुर्योधन ने बताया कि भीषण गर्मी है। लेकिन यहां पानी पीने को नहीं मिल रहा है।

कचहरी के पास बनी पानी की टंकी के पास बैठे उपेंद्र चौहान ने बताया कि टंकी बनने के बाद दो वर्ष ही चली। कई बार पालिका से भी टंकी को दुरुस्त करने की बात कही गई, लेकिन उन्होंने ने भी अनसुना कर दिया।

मेहता पार्क के पास बनी टंकी के पास फूल बेंचने वाले रामनिवास ने बताया कि यह कुछ समय तक चली लेकिन बाद में बंद हो गई। पालिका भी इस ओर कोई ध्याने नहीं दे रही। अगर यह चालू हो जाए तो काफी राहत मिले।


उद्यान कार्यालय के पास दुकानदार छोटे लाल के बताया कि वर्षों पूर्व यहां नगर पालिका द्वारा नल लगाया गया था। कई दिन से खराब है कोई ध्यान नहीं दे रहा। यह सही हो जाए तो राहगीरों को काफी लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed