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अब लोहचा नाहरपुर में मनरेगा में लाखों का घोटाला
Updated Fri, 12 Oct 2018 09:28 PM IST
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एटा। सकीट ब्लॉक के बाद अब जलेसर ब्लॉक के गांव लोहचा नाहरपुर में मनरेगा में लाखों रुपये का घोटाला सामने आया है। इसमें जिम्मेदारों ने मनरेगा के तहत कराए गए निर्माण कार्यों में अधिक भुगतान कर जमकर सरकारी धन का गोलमाल किया। इसके अलावा मौके पर चल रहे निर्माण कार्यों में भी वित्तीय अनियमितता पाई गई। जांच अधिकारी ने घोटाले में शामिल कर्मचारियों से रकम की वसूली की संस्तुति की है। वहीं सीडीओ ने ग्राम पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक को नोटिस जारी किया है।
दरअसल, जिला प्रशासन ने जलेसर ब्लॉक के गांव लोहचा नाहरपुर में वर्ष 2016-17 और 2017-18 में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जांच परियोजना निदेशक से कराई थी। जांच में सामने आया कि मनरेगा की आड़ में जिम्मेदारों ने जमकर सरकारी धन का गोलमाल किया। गांव में कराए गए 15 कच्चे-पक्के कामों में अधिक भुगतान किया गया। साथ ही मौके पर चल रहे निर्माण कार्यों में भी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। जांच के बाद परियोजना निदेशक अजय पांडेय ने सीडीओ को सौंपी रिपोर्ट में ग्राम पंचायत सचिव मुजम्मिल खान, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव शैलेंद्र सिंह और तकनीकी सहायक हुकुम सिंह से 176707 रुपये की वसूली किए जाने की संस्तुति की है। जिसके बाद सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
ये हुए थे काम
वर्ष 2016-17 में कराए गए कच्ची नाली के निर्माण कार्य में मौके पर 20 मीटर नाली ध्वस्त पाई गई। जबकि 48720 रुपये का भुगतान किया गया। आंकलन मेें निर्माण कार्य 19680 रुपये का पाया गया।
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सादाबाद से मोहसूखा तक चकमार्ग निर्माण में 111360 रुपये का भुगतान हुआ जबकि आकलन में काम 51417 रुपये का मिला।
- वर्ष 2017-18 में नाली खुदाई और सफाई कार्य में 19250 रुपये का भुगतान किया गया। इसमें 168.08 रुपये की धनराशि अधिक पाई गई। एक अन्य खुदाई कार्य में 2006 रुपये, चकमार्ग मिट्टी कार्य में 4090 रुपये, 6161 रुपये, 53101 रुपये, 4894 रुपये, 2054 रुपये, 2240 रुपये और पांच निर्माणाधीन कार्यों में 42050 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई।
सकीट में हो चुका है घोटाला
हाल ही में सकीट ब्लॉक में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। इसमें प्रशासन दस अधिकारियों से सत्यापन कार्य करा रहा है। लगातार मनरेगा में सामने आ रहे घोटालों से साफ है कि जमकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
इनका कहना है
ग्राम पंचायत लोहचा नाहरपुर में मनरेगा में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। मामले में संबंधित जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ, एटा
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दरअसल, जिला प्रशासन ने जलेसर ब्लॉक के गांव लोहचा नाहरपुर में वर्ष 2016-17 और 2017-18 में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जांच परियोजना निदेशक से कराई थी। जांच में सामने आया कि मनरेगा की आड़ में जिम्मेदारों ने जमकर सरकारी धन का गोलमाल किया। गांव में कराए गए 15 कच्चे-पक्के कामों में अधिक भुगतान किया गया। साथ ही मौके पर चल रहे निर्माण कार्यों में भी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। जांच के बाद परियोजना निदेशक अजय पांडेय ने सीडीओ को सौंपी रिपोर्ट में ग्राम पंचायत सचिव मुजम्मिल खान, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव शैलेंद्र सिंह और तकनीकी सहायक हुकुम सिंह से 176707 रुपये की वसूली किए जाने की संस्तुति की है। जिसके बाद सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
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ये हुए थे काम
वर्ष 2016-17 में कराए गए कच्ची नाली के निर्माण कार्य में मौके पर 20 मीटर नाली ध्वस्त पाई गई। जबकि 48720 रुपये का भुगतान किया गया। आंकलन मेें निर्माण कार्य 19680 रुपये का पाया गया।
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सादाबाद से मोहसूखा तक चकमार्ग निर्माण में 111360 रुपये का भुगतान हुआ जबकि आकलन में काम 51417 रुपये का मिला।
- वर्ष 2017-18 में नाली खुदाई और सफाई कार्य में 19250 रुपये का भुगतान किया गया। इसमें 168.08 रुपये की धनराशि अधिक पाई गई। एक अन्य खुदाई कार्य में 2006 रुपये, चकमार्ग मिट्टी कार्य में 4090 रुपये, 6161 रुपये, 53101 रुपये, 4894 रुपये, 2054 रुपये, 2240 रुपये और पांच निर्माणाधीन कार्यों में 42050 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई।
सकीट में हो चुका है घोटाला
हाल ही में सकीट ब्लॉक में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। इसमें प्रशासन दस अधिकारियों से सत्यापन कार्य करा रहा है। लगातार मनरेगा में सामने आ रहे घोटालों से साफ है कि जमकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
इनका कहना है
ग्राम पंचायत लोहचा नाहरपुर में मनरेगा में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। मामले में संबंधित जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ, एटा