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किशोरी से दुष्कर्म में 10 साल का कारावास
Updated Sat, 21 Apr 2018 10:46 PM IST
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मैनपुरी। थाना करहल के एक गांव की किशोरी से नौ साल पहले दुष्कर्म करने के आरोपी को एफटीसी प्रथम के जज तरुण कुमार सिंह ने 10 साल की सजा सुनाई है। उसको 10 हजार रुपया जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। किशोरी का अपहरण करने के आरोप में गांव के ही दो लोगों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है।
थाना करहल के एक गांव की रहने वाली किशोरी 25 जुलाई 2009 की रात छत पर अपनी मां तथा बड़ी बहन के साथ सो रही थी। रात नौ बजे गांव का कृपाराम, पूरन सिंह, नितिन उनके घर आए। छत पर सो रही किशोरी को आवाज लगाकर नीचे बुलाया। उसको बाइक पर बिठाकर अपने साथ ले गए। कृपाराम ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। किशोरी ने घर आकर मां को पूरी घटना बताई। किशोरी के पिता ने थाना करहल में तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया। जांच के बाद कृपाराम के खिलाफ दुष्कर्म करने, पूरन सिंह तथा नितिन के खिलाफ किशोरी का अपहरण करने के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मामले का विचारण एफटीसी प्रथम के जज तरुण कुमार सिंह की अदालत में हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता, वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के सर्मथन में गवाही दी। गवाही के आधार पर कृपाराम को दुष्कर्म करने, पूरन सिंह तथा नितिन को अपहरण करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने आरोपियों के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने कृपाराम को 10 साल तथा 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पूरन सिंह तथा नितिन को पांच-पांच साल और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाए के बाद सभी को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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थाना करहल के एक गांव की रहने वाली किशोरी 25 जुलाई 2009 की रात छत पर अपनी मां तथा बड़ी बहन के साथ सो रही थी। रात नौ बजे गांव का कृपाराम, पूरन सिंह, नितिन उनके घर आए। छत पर सो रही किशोरी को आवाज लगाकर नीचे बुलाया। उसको बाइक पर बिठाकर अपने साथ ले गए। कृपाराम ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। किशोरी ने घर आकर मां को पूरी घटना बताई। किशोरी के पिता ने थाना करहल में तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया। जांच के बाद कृपाराम के खिलाफ दुष्कर्म करने, पूरन सिंह तथा नितिन के खिलाफ किशोरी का अपहरण करने के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मामले का विचारण एफटीसी प्रथम के जज तरुण कुमार सिंह की अदालत में हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता, वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के सर्मथन में गवाही दी। गवाही के आधार पर कृपाराम को दुष्कर्म करने, पूरन सिंह तथा नितिन को अपहरण करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने आरोपियों के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने कृपाराम को 10 साल तथा 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पूरन सिंह तथा नितिन को पांच-पांच साल और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाए के बाद सभी को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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