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टीटीजेड कांच उद्योग को गैस देने को नए सिरे से करेगा कवायद
Updated Sat, 14 Apr 2018 11:38 PM IST
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कांच कारखाना में काम करते मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद। कांच उद्योग को गैस देने के लिए टीटीजेड प्राधिकरण द्वारा नए सिरे से कवायद की जाएगी। इससे जहां प्रतीक्षारत चल रही इकाइयों को गैस मिलने का रास्ता साफ होगा। वहीं कांच उत्पादन बढ़ाने वाली इकाइयों को गैस मिलने की उम्मीद नजर आ रही है।
टीटीजेड में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मंडलायुक्त ने जनवरी-15 को आयोजित बैठक में नई इकाइयों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार पर रोक लगा दिया था।
टीटीजेड के फरमान से करोड़ों का निवेश करने वाली इकाइयों को गैस नहीं मिल सकी। वहीं करीब पांच दर्जन ऐसी इकाइयां थीं, जो कांच उत्पादन बढ़ाने के लिए क्षमता के अनुरूप गैस मांग रही थीं, उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। उद्यमी पिछले तीन साल से लगातार टीटीजेड की रोक हटाने को भागदौड़ कर रहे हैं।
टीटीजेड के निर्देश पर नागपुर की संस्था नीरी द्वारा प्रदूषण के वास्तविक कारणों की जांच भी कराई गई। होता कमेटी ने भी प्रदूषण के कारणों की जांच की, जिसमें यह स्पष्ट हो गया था कि फिरोजाबाद के कांच उद्योग से ताजमहल को कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद टीटीजेड अथॉरिटी द्वारा प्रतीक्षारत इकाइयों को गैस देने के मामले पर्यावरण मंत्रालय को भेजे जा रहे थे।
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पर्यावरण मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा की अध्यक्षता में गत दिवस उद्योगों से जुड़े मसले पर महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें उद्यमियों ने मजबूती से अपना पक्ष रखा था।
उद्यमियों का पक्ष सुनने के बाद पर्यावरण सचिव ने इकाईयों को गैस देने का मामला टीटीजेड अथॉरिटी पर छोड़ दिया है। पर्यावरण मंत्रालय का रुख साफ होने के बाद अब टीटीजेड अथॉरिटी रोक हटाने एवं प्रतीक्षारत इकाइयों को गैस देने की दिशा में जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी।
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टीटीजेड में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मंडलायुक्त ने जनवरी-15 को आयोजित बैठक में नई इकाइयों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार पर रोक लगा दिया था।
टीटीजेड के फरमान से करोड़ों का निवेश करने वाली इकाइयों को गैस नहीं मिल सकी। वहीं करीब पांच दर्जन ऐसी इकाइयां थीं, जो कांच उत्पादन बढ़ाने के लिए क्षमता के अनुरूप गैस मांग रही थीं, उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। उद्यमी पिछले तीन साल से लगातार टीटीजेड की रोक हटाने को भागदौड़ कर रहे हैं।
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टीटीजेड के निर्देश पर नागपुर की संस्था नीरी द्वारा प्रदूषण के वास्तविक कारणों की जांच भी कराई गई। होता कमेटी ने भी प्रदूषण के कारणों की जांच की, जिसमें यह स्पष्ट हो गया था कि फिरोजाबाद के कांच उद्योग से ताजमहल को कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद टीटीजेड अथॉरिटी द्वारा प्रतीक्षारत इकाइयों को गैस देने के मामले पर्यावरण मंत्रालय को भेजे जा रहे थे।
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पर्यावरण मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा की अध्यक्षता में गत दिवस उद्योगों से जुड़े मसले पर महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें उद्यमियों ने मजबूती से अपना पक्ष रखा था।
उद्यमियों का पक्ष सुनने के बाद पर्यावरण सचिव ने इकाईयों को गैस देने का मामला टीटीजेड अथॉरिटी पर छोड़ दिया है। पर्यावरण मंत्रालय का रुख साफ होने के बाद अब टीटीजेड अथॉरिटी रोक हटाने एवं प्रतीक्षारत इकाइयों को गैस देने की दिशा में जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी।