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Agra News: जल जीवन मिशन में 126 करोड़ का बंदरबांट, प्यासे रह गए 100 गांव
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आगरा। ग्रामीण अंचलों में जल जीवन मिशन की आड़ में भ्रष्टाचार का ऐसा खेल हुआ कि अधिकारियों और ठेकेदारों की जेबें तो भर गईं, लेकिन हजारों ग्रामीणों के हलक सूखे रह गए। पेयजल किल्लत दूर करने के लिए 1 अरब 26 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से 74 ओवरहेड टैंक बनाए गए थे, लेकिन निर्माण के पांच साल बाद भी 100 से अधिक गांवों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हो सका।
जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों का आलम यह है कि पानी की सप्लाई शुरू होने से पहले ही बिछाई गई पाइपलाइनें जर्जर होकर दम तोड़ चुकी हैं। जल निगम ने वर्ष 2020-21 में विभिन्न पेयजल योजनाओं के तहत न्याय पंचायतों में इन टंकियों का निर्माण कराया था। सामाजिक संस्था जन प्रहरी के सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि धरातल पर स्थिति जस की तस है और 90 प्रतिशत से अधिक टंकियां सफेद हाथी की तरह खड़ी ग्रामीणों को चिढ़ा रही हैं। संस्था ने 2023 में ही इसकी शिकायत मुख्य सचिव से की थी, लेकिन जल निगम के अभियंताओं ने कार्रवाई के बजाय शासन-प्रशासन को गुमराह करना जारी रखा।
दोषियों पर मेहरबानी, न्यायिक जांच की मांग
इस बड़े बंदरबांट में शामिल तत्कालीन अभियंता अमित कुमार को जल निगम ने कारण बताओ नोटिस तो दिया गया, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई होने से पहले ही उनका तबादला कर दिया गया। विभागीय लीपापोती से क्षुब्ध होकर अब संस्था ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री से इस पूरे प्रकरण की न्यायिक समिति से जांच कराने की मांग की है।
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जलस्तर नीचा और पानी खारा
ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर काफी नीचे है और पानी खारा है। सरकार ने करोड़ों का बजट दिया, जिसे जल निगम के अधिकारियों ने जीर्णोद्धार और रखरखाव के नाम पर कागजों में ही फूंक दिया। आज भी महिलाएं और बच्चे मीलों दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। पाइपलाइन की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि वे टेस्टिंग भी नहीं झेल सकीं। — नरोत्तम सिंह शर्मा, प्रबंधक, जन प्रहरी
इन गांव में सूखे पड़े हैं ओवरहेड टैंक
| ब्लॉक | मुख्य प्रभावित गांव / न्याय पंचायत |
|-- -|-- -|
| बाह एवं जैतपुर | जरार, बिजौली, जैतपुर कलां। |
| पिनाहट | उमरैठा, खैरडांडा, बड़ा, रेहा। |
| फतेहाबाद | धिमश्री, बाजीदपुर, खण्डेर। |
| शमसाबाद | करोंधना कला, हिरनेरवादा, कुतुकपुर रोहई, थाना शंकरद्वारी, बड़ोवरा खुर्द, कौलारा कला। |
| सैंया | तेहरा, मिहावा, पुसता, महाव, बिरहरू, वृथला। |
| फतेहपुर सीकरी | डाबर, मई बुजुर्ग, भोपुर, उन्देरा, सीकरी हिस्स-4, नगला सराय, टीकरी, भडकौल, सौनोठी। |
| अछनेरा | मुरैड़ा, विद्यापुर, मई, नागर, महुअर, जनूथा, कचौरा, सींगना बुर्ज, अरदाया, रायभा। |
| बरौली अहीर | कुंडौल, कहरई, करभना मुस्तकिल, चमरौली, नगला कली, लकावली, ककरारी, नदीता, महुआखेड़ा।
- इसके अलावा खैरागढ़, जगनेर, बिचपुरी, खंदौली और एत्मादपुर ब्लॉकों के दर्जनों गांवों में भी करोड़ों की लागत से बनी टंकियां धूल फांक रही हैं।
कराएंगे जांच
जल जीवन मिशन के तहत बने ओवरहेड टैंक की जांच के लिए शासन को पत्र लिखेंगे। उच्च स्तरीय टीम गठित कराई जाएंगी। - अरविंद बंगारी, जिलाधिकारी
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जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों का आलम यह है कि पानी की सप्लाई शुरू होने से पहले ही बिछाई गई पाइपलाइनें जर्जर होकर दम तोड़ चुकी हैं। जल निगम ने वर्ष 2020-21 में विभिन्न पेयजल योजनाओं के तहत न्याय पंचायतों में इन टंकियों का निर्माण कराया था। सामाजिक संस्था जन प्रहरी के सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि धरातल पर स्थिति जस की तस है और 90 प्रतिशत से अधिक टंकियां सफेद हाथी की तरह खड़ी ग्रामीणों को चिढ़ा रही हैं। संस्था ने 2023 में ही इसकी शिकायत मुख्य सचिव से की थी, लेकिन जल निगम के अभियंताओं ने कार्रवाई के बजाय शासन-प्रशासन को गुमराह करना जारी रखा।
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दोषियों पर मेहरबानी, न्यायिक जांच की मांग
इस बड़े बंदरबांट में शामिल तत्कालीन अभियंता अमित कुमार को जल निगम ने कारण बताओ नोटिस तो दिया गया, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई होने से पहले ही उनका तबादला कर दिया गया। विभागीय लीपापोती से क्षुब्ध होकर अब संस्था ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री से इस पूरे प्रकरण की न्यायिक समिति से जांच कराने की मांग की है।
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जलस्तर नीचा और पानी खारा
ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर काफी नीचे है और पानी खारा है। सरकार ने करोड़ों का बजट दिया, जिसे जल निगम के अधिकारियों ने जीर्णोद्धार और रखरखाव के नाम पर कागजों में ही फूंक दिया। आज भी महिलाएं और बच्चे मीलों दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। पाइपलाइन की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि वे टेस्टिंग भी नहीं झेल सकीं। — नरोत्तम सिंह शर्मा, प्रबंधक, जन प्रहरी
इन गांव में सूखे पड़े हैं ओवरहेड टैंक
| ब्लॉक | मुख्य प्रभावित गांव / न्याय पंचायत |
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| बाह एवं जैतपुर | जरार, बिजौली, जैतपुर कलां। |
| पिनाहट | उमरैठा, खैरडांडा, बड़ा, रेहा। |
| फतेहाबाद | धिमश्री, बाजीदपुर, खण्डेर। |
| शमसाबाद | करोंधना कला, हिरनेरवादा, कुतुकपुर रोहई, थाना शंकरद्वारी, बड़ोवरा खुर्द, कौलारा कला। |
| सैंया | तेहरा, मिहावा, पुसता, महाव, बिरहरू, वृथला। |
| फतेहपुर सीकरी | डाबर, मई बुजुर्ग, भोपुर, उन्देरा, सीकरी हिस्स-4, नगला सराय, टीकरी, भडकौल, सौनोठी। |
| अछनेरा | मुरैड़ा, विद्यापुर, मई, नागर, महुअर, जनूथा, कचौरा, सींगना बुर्ज, अरदाया, रायभा। |
| बरौली अहीर | कुंडौल, कहरई, करभना मुस्तकिल, चमरौली, नगला कली, लकावली, ककरारी, नदीता, महुआखेड़ा।
- इसके अलावा खैरागढ़, जगनेर, बिचपुरी, खंदौली और एत्मादपुर ब्लॉकों के दर्जनों गांवों में भी करोड़ों की लागत से बनी टंकियां धूल फांक रही हैं।
कराएंगे जांच
जल जीवन मिशन के तहत बने ओवरहेड टैंक की जांच के लिए शासन को पत्र लिखेंगे। उच्च स्तरीय टीम गठित कराई जाएंगी। - अरविंद बंगारी, जिलाधिकारी