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आज से घर घर खोजे जाएंगे क्षयरोगी
Updated Sun, 17 Jun 2018 10:56 PM IST
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पंजाब का हर आठवां व्यक्ति मानसिक रोगी
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कासगंज।
क्षय रोग के समूल नाश के लिए सोमवार से अभियान शुरू होने जा रहा है। अभियान के लिए संवेदनशील विकास क्षेत्र कासगंज, सहावर, गंजडुडवारा को शामिल किया गया है। इन विकास क्षेत्रों में घर घर टीमें जाकर क्षयरोगियों की खोज करेंगी।
शासन ने इस संक्रमित रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए 2025 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन का मानना है कि आबादी का 10 प्रतिशत हिस्सा क्षयरोग से प्रभावित हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जाने वाले जन्म मृत्यु पंजीकरण के आधार पर जनपद की जनसंख्या लगभग 1569454 हो चुकी है। विभाग ने इस आबादी में से 160502 लोगों को चिह्नित करके योजना का लाभ दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभियान के लिए तीनों विकास क्षेत्रों में मलिन बस्ती, घुमंतु परिवार, अन्य क्षेत्रों में सक्रिय क्षयरोगियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभाग ने अभियान के लिए 66 टीमें निर्धारित की हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य शामिल रहेंगे। इन टीमों पर नजर रखने के लिए 15 पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं।
जिला क्षयरोग अधिकारी डा. एसपी सिंह ने बताया कि इस कार्य में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी, डाट्स प्रोवाइडर, स्वयं सेवियों का सहयोग लिया जाएगा। प्रत्येक सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक एक चिकित्साधिकारी नोडल अधिकारी नामित किया गया है। टीमें घर घर जाकर रोगियों की खोज करके बलगम की जांच के लिए संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाएंगी। 28 जून तक यह अभियान चलेगा।
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क्षय रोग के समूल नाश के लिए सोमवार से अभियान शुरू होने जा रहा है। अभियान के लिए संवेदनशील विकास क्षेत्र कासगंज, सहावर, गंजडुडवारा को शामिल किया गया है। इन विकास क्षेत्रों में घर घर टीमें जाकर क्षयरोगियों की खोज करेंगी।
शासन ने इस संक्रमित रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए 2025 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन का मानना है कि आबादी का 10 प्रतिशत हिस्सा क्षयरोग से प्रभावित हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जाने वाले जन्म मृत्यु पंजीकरण के आधार पर जनपद की जनसंख्या लगभग 1569454 हो चुकी है। विभाग ने इस आबादी में से 160502 लोगों को चिह्नित करके योजना का लाभ दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभियान के लिए तीनों विकास क्षेत्रों में मलिन बस्ती, घुमंतु परिवार, अन्य क्षेत्रों में सक्रिय क्षयरोगियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभाग ने अभियान के लिए 66 टीमें निर्धारित की हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य शामिल रहेंगे। इन टीमों पर नजर रखने के लिए 15 पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं।
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जिला क्षयरोग अधिकारी डा. एसपी सिंह ने बताया कि इस कार्य में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी, डाट्स प्रोवाइडर, स्वयं सेवियों का सहयोग लिया जाएगा। प्रत्येक सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक एक चिकित्साधिकारी नोडल अधिकारी नामित किया गया है। टीमें घर घर जाकर रोगियों की खोज करके बलगम की जांच के लिए संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाएंगी। 28 जून तक यह अभियान चलेगा।
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