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नवरात्रि के लिए सज गया बाजार
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:54 PM IST
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नवरात्रि पर पूजा
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कासगंज।
नवरात्रि पर्व को देखते हुए बाजार सज गए हैं। व्यापारियों ने नवरात्रि पर बिक्री के लिए साबुत कुट्टू और सिंघाड़ा मंगाने के साथ ही इनका आटा भी तैयार कराया है है। उपवास में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान बाजार में आ गए हैं। साथ ही खाद्य संरक्षण विभाग ने भी मिलावट रोकने की तैयारी की है।
नवरात्रि पर्व शुरू होने में अब तीन दिन ही बाकी रह गए हैं। पर्व करीब आने के साथ ही पूजा और उपवास की वस्तुएं बेचने वाले व्यापारियों ने भी दुकानें सजा ली है। नवरात्रि पर कुट्टू और सिघांड़ी की काफी डिमांड रहती है। उपवास के लिए तमाम लोग कुट्टू और सिंघाड़ी साबुत घर ले जाकर साफ करने के बाद खुद पीसकर आटा तैयार करते हैं। हालांकि खुद पीसने में दिक्कत होने की वजह से काफी संख्या में लोग बाजार से आटा ले जाते हैं। हालांकि लोगों की शिकायत रहती है कि बाजार में मिलने वाले आटा में मिलावत रहती है। यहां तक कि पुराना आटा भी बेच दिया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। कारोबारियों ने साबुत कूटू व सिंघाड़ी मंगाकर इनका आटा भी तैयार कराया हैं। साबुत और पिसे कुट्टू तथा सिंघाड़े के आटे के भाव में 20 रुपये किलो का अंतर है।
कूटू और सिंघाडे के आटे की विशेषता
कूटू के आटे में लोहा, मैग्रीशियम, फाइवर और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड भी होते हैं जबकि कोलेस्ट्राल नहीं होता। यह उच्च रक्तचाप, हृदय, मधुमेह, आदि रोगियों के लिए फायदे मंद होता है मगर यह उच्च वसा वाली सामग्री होता है जिससे इसके जल्द खराब होने का खतरा रहता है। इसका आटा अधिकतम दो माह तक ही इस्तेमाल में लाना चाहिए। इसी प्रकार सिंघाड़ी के आटे में विटामिन ए, सी, फाइबर, कैल्सियम, जिंक, कार्बोहाइट्रेट, सोडियम, मैग्रीशियम, आयोडीन, थायसीन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए काफी लाभदायक होते हैं। यह एलर्जी्, पेट के रोग, पीलिया, शारीरिक कमजोरी दूर करने में लाभदायक होता है।
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कुट्टू और सिंघाड़े के आटा सहित उपवास के अन्य सामान में मिलावट रोकने के लिए विभाग ने टीम का गठन किया है। जल्द ही दुकानों से नमूने लिए जाएंगे। यदि जांच में मिलावट सामने आती हैै तो दोषी कारोबारी के खिलाफ मामला दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-नादिर अली, मुुख्य खाद्य संरक्षा अधिकारी
कुट्टू और सिंघाडे का आटा स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। हालांकि इसकी गुणवत्ता का ध्यान रखें। गुणवत्ता खराब होने पर यह स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है-
-ड़ॉ.रंगजी दुबे, सीएमओ
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नवरात्रि पर्व को देखते हुए बाजार सज गए हैं। व्यापारियों ने नवरात्रि पर बिक्री के लिए साबुत कुट्टू और सिंघाड़ा मंगाने के साथ ही इनका आटा भी तैयार कराया है है। उपवास में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान बाजार में आ गए हैं। साथ ही खाद्य संरक्षण विभाग ने भी मिलावट रोकने की तैयारी की है।
नवरात्रि पर्व शुरू होने में अब तीन दिन ही बाकी रह गए हैं। पर्व करीब आने के साथ ही पूजा और उपवास की वस्तुएं बेचने वाले व्यापारियों ने भी दुकानें सजा ली है। नवरात्रि पर कुट्टू और सिघांड़ी की काफी डिमांड रहती है। उपवास के लिए तमाम लोग कुट्टू और सिंघाड़ी साबुत घर ले जाकर साफ करने के बाद खुद पीसकर आटा तैयार करते हैं। हालांकि खुद पीसने में दिक्कत होने की वजह से काफी संख्या में लोग बाजार से आटा ले जाते हैं। हालांकि लोगों की शिकायत रहती है कि बाजार में मिलने वाले आटा में मिलावत रहती है। यहां तक कि पुराना आटा भी बेच दिया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। कारोबारियों ने साबुत कूटू व सिंघाड़ी मंगाकर इनका आटा भी तैयार कराया हैं। साबुत और पिसे कुट्टू तथा सिंघाड़े के आटे के भाव में 20 रुपये किलो का अंतर है।
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कूटू और सिंघाडे के आटे की विशेषता
कूटू के आटे में लोहा, मैग्रीशियम, फाइवर और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड भी होते हैं जबकि कोलेस्ट्राल नहीं होता। यह उच्च रक्तचाप, हृदय, मधुमेह, आदि रोगियों के लिए फायदे मंद होता है मगर यह उच्च वसा वाली सामग्री होता है जिससे इसके जल्द खराब होने का खतरा रहता है। इसका आटा अधिकतम दो माह तक ही इस्तेमाल में लाना चाहिए। इसी प्रकार सिंघाड़ी के आटे में विटामिन ए, सी, फाइबर, कैल्सियम, जिंक, कार्बोहाइट्रेट, सोडियम, मैग्रीशियम, आयोडीन, थायसीन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए काफी लाभदायक होते हैं। यह एलर्जी्, पेट के रोग, पीलिया, शारीरिक कमजोरी दूर करने में लाभदायक होता है।
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कुट्टू और सिंघाड़े के आटा सहित उपवास के अन्य सामान में मिलावट रोकने के लिए विभाग ने टीम का गठन किया है। जल्द ही दुकानों से नमूने लिए जाएंगे। यदि जांच में मिलावट सामने आती हैै तो दोषी कारोबारी के खिलाफ मामला दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-नादिर अली, मुुख्य खाद्य संरक्षा अधिकारी
कुट्टू और सिंघाडे का आटा स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। हालांकि इसकी गुणवत्ता का ध्यान रखें। गुणवत्ता खराब होने पर यह स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है-
-ड़ॉ.रंगजी दुबे, सीएमओ