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सांसद जी, तीन माह में कैसे आदर्श बनेगा गांव

Fri, 05 Jan 2018 11:43 PM IST
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:43 PM IST
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सांसद जी, तीन माह में कैसे आदर्श बनेगा गांव
BJP MP rajvir singh raju - फोटो : अमर उजाला
एटा/मारहरा। टूटी नालियां, बदहाल सड़कें और बढ़ती समस्याएं। 18 अगस्त 2017 को सांसद राजवीर सिंह ने गांव को गोद लिया था, तो उम्मीद जगी कि अब समस्याएं समाप्त होंगी और विकास होगा। मगर गांव के लोगों को बातेें बनाकर ठग लिया गया। विकास तो छोड़िए यहां सांसद ने झांकने तक कोई नहीं आया। अब वित्तीय वर्ष पूरा होने में तीन महीने बचे हैं और इन्हीं महीनों में गांव को आदर्श बनाया जाना है, लेकिन सांसद की कार्यप्रणाली से आदर्श गांव की परिकल्पना बेमानी नजर आती है। सांसद के आदर्श गांव सूरतपुर माफी का हाल जानने के लिए पढ़िए रिपोर्ट...।
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सांसद जी! इन वादों का क्या हुआ?
गांव सूरतपुर माफी को सांसद राजवीर सिंह ने 18 अगस्त 2017 को गोद लिया था। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद जी ने गांव के लिए अपनी निधि से दस सोलर लाइट, 10 लाख रुपया विकास के लिए, एक पंचायत घर, बारात घर और 10 हैंडपंप के साथ अन्य विकास कार्य कराने का वादा किया था। जिसमें अब तक महज 10 हैंडपंप ही लगे हैं, जिनके भी आज तक प्लेटफार्म नहीं बने। बाकी के वादे पूरे नहीं हुए। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव में नालियां नहीं है इसीलिए पानी सड़कों पर बहता रहता है।
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अवैध कब्जों से जूझ रहा गांव
सरकार एंटी भूमाफिया टास्कफोर्स चला रही है और सांसद आदर्श गांव अवैध कब्जे के दर्द से कराह रहा है। ग्रामीणों की मानें तो ग्राम समाज की भूमि पर लेखपाल ने अवैध कब्जे कराकर विवाद खड़ा कर दिया है। वहीं अचलपुर से सूरतपुर नगला कन्ही मुख्य मार्ग भी बदहाल है। गांव में तैनात दो सफाई कर्मी भी नहीं पहुंचते। ऐसे में गंदगी का अंबार लगा है। सांसदजी ने गांव का दोबारा रुख नहीं किया। गांव के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कैंपस काफी नीचा होने से बरसात में जलभराव रहता है।
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ओडीएफ नहीं हो सका गांव सूरतपुर माफी
गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वीकृत 170 शौचालयों में से 20 शौचालयों के अनुदान की प्रथम किस्त दी गई है। जबकि 170 शौचालयाें की दूसरी किश्त की बात दूर है। सांसद का गांव अब तक ओडीएफ नहीं हो सका है। जबकि मारहरा ब्लॉक को ओडीएफ घोषित किए जाने का दावा किया जा रहा है।

संासद के वादों की हकीकत
गांव में 10 सोलर लाइट- शून्य
10 लाख की विकास निधि- शून्य
बारात घर- शून्य
अन्य विभागों से कराए जाने वाले कार्य- शून्य
कहते हैं लोग
गांव में विकास की बातें तो सांसद ने खूब कीं, लेकिन आज तक गांव की सूरत नहीं बदली।
गौरीशंकर
गांव में विकास के नाम पर सांसद राजवीर सिंह ने काफी सारे काम कराने की बात कहीं थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
घनश्याम सिंह
गांव में नालियां टूटी पड़ी हुई हैं। पूरे गांव में पानी बहता है। सांसद का आदर्श गांव समस्याओं का शिकार है।
ज्ञान सिंह
खुले में शौच मुक्ति के लिए गांव में कोई प्रयास नहीं किए गए। शौचालय निर्माण का अनुदान अब तक नहीं मिला।
रमेश चंद्र
गांव में सड़केें टूटी पड़ी हैं। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने दोबारा गांव की सुध नहीं ली।
श्रीनिवास
ग्राम पंचायत के खातों में साढे तीन लाख रुपया पड़ा है, लेकिन डीएम ने सीसी निर्माण, इंटरलाक कराए जाने की आईडी बंद करा दी है। जिससे गांव में विकास कार्य बाधित हैं।
महताब सिंह, ग्राम प्रधान
बशु जैन/चौधरी एनपी सिंह
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