{"_id":"5a3bba934f1c1b001c8ba30d","slug":"121513863827-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राधावल्लभ लाल ने लक्ष्मीजी के वेश में दिए दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राधावल्लभ लाल ने लक्ष्मीजी के वेश में दिए दर्शन
Updated Thu, 21 Dec 2017 07:40 PM IST
विज्ञापन
लक्ष्मी मेले में माता लक्ष्मी के वेश में प्रभु।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। खिचड़ी महोत्सव के अंतर्गत ठा. राधावल्लभ लाल ने गुरुवार को बेलवन में लगने वाले लक्ष्मी मेला के अंतर्गत माता लक्ष्मी के वेश में भक्तों को दर्शन दिए। ठाकुरजी की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मची रही। दर्शन खुलने के साथ ही मंदिर राधावल्लभ लाल और लक्ष्मजी के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर सेवायत ने ठाकुरजी के लिए खिचड़ी का प्रसाद लगाया। इसके उपरांत समाज गायन का आयोजन हुआ। मंदिर में राकेश मुखिया और रवि पाठक ने चलौ चलौ चलौ सखी देखें दोऊ जैवैं। भरे थार खिचरी घृत निचुरी के आगे, हँसि-हँसि सुकुमार प्यारे कैसे दोऊ जैवें। प्रिया के मुख पीय देत पिय के मुख प्यारी। बीच-बीच अधर पान प्रानन सौं हेरैं... आदि पदों का गायन किया। मंदिर के सेवायत श्याम गोस्वामी, चंदन गोस्वामी और चंचल ने बताया कि मंगला दर्शन में होने वाले खिचड़ी महोत्सव के अंतर्गत ठाकुरजी प्रतिदिन अलग-अलग वेश में दर्शन देते हैं।
विज्ञापन
मंदिर सेवायत ने ठाकुरजी के लिए खिचड़ी का प्रसाद लगाया। इसके उपरांत समाज गायन का आयोजन हुआ। मंदिर में राकेश मुखिया और रवि पाठक ने चलौ चलौ चलौ सखी देखें दोऊ जैवैं। भरे थार खिचरी घृत निचुरी के आगे, हँसि-हँसि सुकुमार प्यारे कैसे दोऊ जैवें। प्रिया के मुख पीय देत पिय के मुख प्यारी। बीच-बीच अधर पान प्रानन सौं हेरैं... आदि पदों का गायन किया। मंदिर के सेवायत श्याम गोस्वामी, चंदन गोस्वामी और चंचल ने बताया कि मंगला दर्शन में होने वाले खिचड़ी महोत्सव के अंतर्गत ठाकुरजी प्रतिदिन अलग-अलग वेश में दर्शन देते हैं।
विज्ञापन